एक पेड़ मां के नाम अभियान की शुरुआत कल यानी 6 जुलाई से होगी। इसके तहत प्रदेश में कुल पांच करोड़ 50 लाख पौधे रोपे जाएंगे। भोपाल में 'एक पेड़ मां के नाम अभियान' के तहत पौधरोपण का बड़ा कार्यक्रम होगा। एक दिन में भोपाल में 12 लाख पौधे लगाए जाएंगे।
CM यादव जंबूरी मैदान में करेंगे पौधरोपण
कल यानी 6 जुलाई को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती है। इसकी जयंती पर पौधरोपण कार्यक्रम से जन जन को सौंपा जाएगा। मध्य प्रदेश के सीएम डॉ.मोहन यादव के 6 जुलाई को शहर में पौधरोपण के लिए पहले से तय कार्यक्रम में बदलाव किया गया है। अब वे शनिवार यानी 6 जुलाई को सुबह 9 बजे जंबूरी मैदान के सामने पौधरोपण करेंगे।
प्रशासन द्वारा यहां करीब 5 हजार पौधे रोपे जाएंगे। दरअसल पहले यह कार्यक्रम कलियासोत मैदान में खुशीलाल आयुर्वेद महाविद्यालय के पास होने वाला था, लेकिन बारिश के कारण कार्यक्रम स्थल पर अधिक कीचड़ हो गया है। इस कारण कार्यक्रम स्थल में परिवर्तन किया गया है।
कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने बताया कि 6 जुलाई को जिले में करीब 12 लाख पौधे रौपे जाएंगे। अभियान में व्यापक पैमाने पर सामाजिक संगठनों, शैक्षणिक संस्थाओं और व्यापारिक/वाणिज्यिक संस्थानों को भी जोड़ा गया है।
यहां लगाए जाएंगे सबसे ज्यादा पौधे
भोपाल की करीब 350 लोकेशन पर पौधरोपण कार्यक्रम होगा। सबसे ज्यादा पौधे आदमपुर गांव में रोपे जाएंगे, जिनकी संख्या 15 हजार रहेगी। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर 12 लाख पौधे लगाए जाएंगे। इस दिन पूरे जिले में पौधरोपण किया जाएगा।
इंदौर में 51 लाख पौधरोपण के लिए चेन्नई से आए पौधे
इंदौर में एक पेड़ मां के नाम अभियान के लिए इंदौर और मप्र के ही पौधे नहीं बल्कि दक्षिण के राज्यों से भी ट्रक में पौधे मंगाए गए हैं। चेन्नई से इसके लिए गुरूवार 27 जून को चार ट्रक में 44 हजार पौधे पहुंचे। इनकी बकायदा नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयववर्गीय, महापौर पुष्यमित्र भार्गव व अन्य ने पूजा भी की थी।
इन विशेष पौधों को मंगाया गया
चेन्नई के राममुद्री से 4 वाहनो में केजोरिना व मोलसरी के 44 हजार पौधे आए हैं। इनका विद्या धाम के 11 पंडितो द्वारा विधि-विधान से पूजन किया गया। एक पेड मां के नाम अभियान के तहत 51 लाख पौधारोपण में कुल 57 प्रकार के बडे-छोटे साईज के 11 फीट तक के उंचाई के पौधों का रोपण किया जाएगा।
गुजरात से भी आएंगे पौधे
गुजरात राज्य से 10 लाख व साउथ क्षेत्र से 15 लाख पौधे लाए जाएंगे, शेष देश के अन्य क्षेत्रो से मंगवाए जा रहे हैं। जिसके क्रम में आज 44 हजार पौधे लाए गए हैं। आने वाले दिनों में प्रतिदिन 1.50 लाख पौधे पौधारोपण के लिए इंदौर आएंगे।
अब श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बारे में जानिए...
श्यामा प्रसाद मुखर्जी: एक महान विचारक, शिक्षाविद और राजनेता
श्यामा प्रसाद मुखर्जी (6 जुलाई 1901 - 23 जून 1953) भारतीय राजनीति के एक प्रमुख व्यक्तित्व थे।
वे भारतीय जनसंघ के संस्थापक थे, जो बाद में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में बदल गया।
मुखर्जी एक विद्वान, शिक्षाविद, वकील और राजनेता थे। उन्होंने भारतीय राजनीति और समाज में महत्वपूर्ण योगदान दिया था।
मुखर्जी का जीवन और कार्य
जन्म और शिक्षा
- श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जन्म 6 जुलाई 1901 को कोलकाता में एक बंगाली ब्राह्मण परिवार में हुआ था।
- उन्होंने कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय से कानून और दर्शन में शिक्षा प्राप्त की।
राजनीतिक करियर
- मुखर्जी 1931 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में शामिल हुए।
- वे 1934 से 1941 तक बंगाल विधान परिषद के सदस्य रहे।
- 1946 में मुस्लिम लीग द्वारा पाकिस्तान की मांग के विरोध में उन्होंने कांग्रेस छोड़ दी।
- 1951 में उन्होंने भारतीय जनसंघ की स्थापना की।
- वे 1952 में पहले लोकसभा चुनाव में लोकसभा के सदस्य चुने गए।
1953 में हुआ था मुखर्जी का निधन
23 जून 1953 को श्रीनगर में कारावास के दौरान मुखर्जी का निधन हुआ था। हालांकि उनके निधन के कारणों पर बहस अभी भी जारी है।
श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने भारतीय संस्कृति और दर्शन पर कई किताबें लिखीं। वे एक समर्पित राष्ट्रवादी थे। उन्होंने भारत की एकता और अखंडता के लिए संघर्ष किया। वे कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग मानते थे। इसके लिए मुखर्जी एक सामाजिक सुधारक भी थे। उन्होंने जातिवाद और अस्पृश्यता के खिलाफ आवाज उठाई। वे महिलाओं के सशक्तिकरण के समर्थक थे।
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