सुप्रीम कोर्ट से भी खाली हाथ लौटी सोम डिस्टिलरीज, जिस जज के आदेश को चुनौती दी वही करेंगे अब केस का फैसला
News in Short
- सुप्रीम कोर्ट से सोम डिस्टिलरी को खानी पड़ी मुंह की।
- कोर्ट ने कहा मामला हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ही सुनेगी।
- जस्टिस विवेक अग्रवाल पहले ही अंतरिम राहत से इनकार कर चुके हैं।
- हाईकोर्ट में डिविजन बेंच के सामने दायर अपील भी वापस लेनी पड़ी।
- अब फिर उसी सिंगल बेंच में सरकार के जवाब के बाद होगी सुनवाई।
News In Detail
विवादों में घिरी सोम डिस्टिलरी को राहत पाने की कोशिश में बड़ा झटका लगा है। जिस सिंगल बेंच के आदेश को चुनौती देने कंपनी सुप्रीम कोर्ट पहुंची थी, वहां भी उसकी एक नहीं चली। अब मामला फिर उसी सिंगल बेंच के पास लौट आया है, जिसने पहले ही कंपनी को अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया था।
सुप्रीम कोर्ट में नहीं चली सोम की दलील
होशियार कौवे की कहावत तो आपने सुनी ही होगी। कुछ ऐसा ही सोम डिस्टलरी के साथ हो गया। रुपयों के दंभ पर सोम ने सिंगल बेंच के आदेश को हाईकोर्ट में तो चैलेंज किया ही, साथ ही सुप्रीम कोर्ट भी पहुंच गया।
इसका नतीजा यह निकला कि सुप्रीम कोर्ट में मामला होने के कारण हाईकोर्ट ने सुनवाई नहीं की। सुप्रीम कोर्ट ने मामला वापस हाईकोर्ट जबलपुर के उन्हीं जज को भेज दिया जिनके खिलाफ वह सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था।
सोम डिस्टिलरी ने राहत पाने के लिए सीधे सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन वहां से भी कंपनी को कोई राहत नहीं मिली। अदालत ने साफ कर दिया कि जब मामला पहले से ही जबलपुर हाईकोर्ट में लंबित है तो उसकी सुनवाई वहीं होगी।
सुप्रीम कोर्ट के इस रुख के बाद कंपनी को खाली हाथ लौटना पड़ा। पूरा मामला फिर से हाईकोर्ट की उसी सिंगल बेंच के पास पहुंच गया, जिसके आदेश के खिलाफ सोम डिस्टिलरी राहत मांगने सुप्रीम कोर्ट गई थी।
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जिनके आदेश के खिलाफ गए, वही करेंगे सुनवाई
इस मामले में पहले जस्टिस विवेक अग्रवाल की सिंगल बेंच ने सोम डिस्टिलरी को अंतरिम राहत देने से साफ इनकार कर दिया था। अदालत ने राज्य सरकार को दो सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया था और कहा था कि सरकार का पक्ष सुने बिना कोई अंतरिम आदेश नहीं दिया जा सकता।
लेकिन इस आदेश के बाद कंपनी ने फैसले को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में रिट अपील और साथ ही सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दाखिल कर दी। दोनों जगह कोशिश के बावजूद कंपनी को राहत नहीं मिली और अब मामला फिर उसी सिंगल बेंच के पास लौट आया है।
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सुप्रीम कोर्ट में भी दायर कर दिया मामला
रुपयों के दंभ से ओतप्रोत सोम डिस्टलरी मैं सिंगल बेंच के आदेश के खिलाफ हाई कोर्ट में तो अपील दायर की ही। लेकिन भ्रष्टाचार की अकूत कमाई के सहारे सुप्रीम कोर्ट पहुंचना भी उसके लिए कोई बड़ी बात नहीं थी तो उसने इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट में भी मामला दायर कर दिया।
हालांकि, यह चाल उल्टी पड़ गई क्योंकि सुप्रीम कोर्ट में मामला लंबित होने के कारण हाईकोर्ट में सुनवाई नहीं हो पाई और सुप्रीम कोर्ट ने भी वापस मामले को हाईकोर्ट की सिंगल बेंच में ही भेज दिया। तो सोम की कानूनी चालबाजी पूरी तरह से विफल हो गई।
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हाईकोर्ट में भी नहीं चली अपील
सोम डिस्टिलरीज ने सिंगल बेंच के आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट की डिविजन बेंच में भी अपील दायर की थी। लेकिन सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई होने के कारण वहां भी मामला आगे नहीं बढ़ सका और आखिरकार कंपनी को अपनी रिट अपील वापस लेनी पड़ी।
कानूनी हलकों में चर्चा है कि यह मामला पहले ही असामान्य स्थिति में पहुंच चुका था, क्योंकि कई न्यायाधीश इससे अलग हो चुके थे। इसके बावजूद कंपनी को किसी भी स्तर पर तत्काल राहत नहीं मिल सकी।
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क्या है पूरा विवाद
दरअसल यह पूरा विवाद आबकारी विभाग की उस कार्रवाई से जुड़ा है जिसमें सोम डिस्टिलरी के खिलाफ गंभीर आरोपों के बाद उसके लाइसेंस निलंबित किए गए थे। कंपनी पर नकली परमिट के जरिए शराब परिवहन और टैक्स चोरी जैसे आरोप लगे थे।
बताया जाता है कि इस मामले में कंपनी से जुड़े लोगों को अदालत से सजा भी मिल चुकी है और सरकारी संस्थाओं का बड़ा बकाया भी लंबित है। इसी कार्रवाई को चुनौती देते हुए कंपनी अदालत पहुंची थी, लेकिन फिलहाल उसे किसी भी अदालत से राहत नहीं मिल पाई है।
अब फिर जस्टिस अग्रवाल ही करेंगे मामले की सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट से राहत न मिलने के बाद अब मामला फिर से हाईकोर्ट की सिंगल बेंच में ही सुना जाएगा। राज्य सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए पहले ही दो सप्ताह का समय दिया गया था, जिसमें लगभग एक सप्ताह गुजर चुका है।
अब आने वाली सुनवाई में सरकार का पक्ष सामने आएगा और उसी के आधार पर अदालत इस मामले में आगे का फैसला करेगी। फिलहाल सोम डिस्टिलरी की कानूनी रणनीति को बड़ा झटका माना जा रहा है।