SPS अधिकारी अमृत मीणा की पदोन्नति फिलहाल अधर में

Ramanand Tiwari | Jan 06, 2026, 23:28 IST
Photograph: (THESOOTR)
SPS अधिकारी अमृत मीणा की IPS पदोन्नति पर जाति प्रमाणपत्र पर आपत्ति के कारण रोक लगा दी गई है। जांच पूरी, लेकिन अंतिम फैसला शासन और डीजीपी के हाथ में।

BHOPAL. मध्य प्रदेश राज्य पुलिस सेवा 1997 बैच के SPS अधिकारी अमृत मीणा को फिलहाल भारतीय पुलिस सेवा, आईपीएस अवार्ड (IPS Award) नहीं मिल सकेगा। उनके मामले में गठित छानबीन समिति ने जांच पूरी कर ली है और रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय तक पहुंच चुकी है।



जांच रिपोर्ट में जाति प्रमाणपत्र पर आपत्ति

जांच में यह आपत्ति दर्ज की गई है कि अमृत मीणा उस अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग से संबंधित नहीं हैं, जिसके आधार पर उन्होंने सेवा लाभ लिया था। इसी आपत्ति के चलते उनकी पदोन्नति प्रक्रिया पर रोक लग गई है।



शासन स्तर पर होगा अंतिम फैसला

सूत्रों के मुताबिक, छानबीन समिति की रिपोर्ट जल्द ही डीजीपी के सामने प्रस्तुत की जाएगी। इसके बाद पुलिस मुख्यालय और शासन स्तर पर अगले कदम को लेकर निर्णय लिया जाएगा।



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पहली बार IPS अवार्ड को लेकर दो बार DPC

अमृत मीणा के कारण खाली रखा गया एक पद प्रदेश में यह पहला मौका है जब राज्य पुलिस सेवा से IPS अवार्ड के लिए DPC की बैठक दो बार करनी पड़ी। दूसरी बार हुई DPC में छानबीन समिति की अंतिम रिपोर्ट नहीं आने के कारण IPS अवार्ड का एक पद खाली रखा गया था।



अब IPS अवार्ड की संभावना बेहद कम जांच पूरी, लेकिन नतीजे खिलाफ अब जबकि जांच पूरी हो चुकी है। अमृत मीणा को IPS अवार्ड मिलने की संभावना फिलहाल नहीं दिख रही है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि उनके लिए रोका गया IPS का पद सीनियरिटी में अगले अधिकारी को मिलेगा या नहीं।



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15 अफसरों के नामों पर हुई थी चर्चा

चार को मिला अवार्ड, एक पद रोका गया दिल्ली में 21 नवंबर को हुई DPC में SPS के 1997 और 1998 बैच के कुल 15 अधिकारियों के नामों पर विचार किया गया था। इनमें से पांच अधिकारियों को IPS अवार्ड देने की अनुशंसा हुई, लेकिन मीणा के मामले में स्थिति स्पष्ट न होने से चार को ही अवार्ड मिला और एक पद रोक लिया गया।



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ST प्रमाणपत्र बना पदोन्नति में बाधा

अमृत मीणा का चयन वर्ष 1995-96 में MPPSC परीक्षा के जरिए DSP पद के लिए हुआ था। परीक्षा के दौरान उन्होंने खुद को अनुसूचित जनजाति वर्ग का उम्मीदवार बताया था। उन्होंने विदिशा जिले की लटेरी तहसील से ST का जाति प्रमाणपत्र बनवाया था।



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बाद में हुई शिकायत और जांच

वर्ष 2003 से पहले सिरोंज क्षेत्र में मीणा जाति को ST का दर्जा प्राप्त था। इसी आधार पर जाति प्रमाणपत्र जारी हुआ था। बाद में शिकायत मिलने पर पूरे मामले की जांच हुई और वर्ष 2023 में अमृत मीणा के खिलाफ केस भी दर्ज किया गया।



12 सितंबर की बैठक करनी पड़ी थी निरस्त

गौरतलब है कि 12 सितंबर को हुई DPC में भी अमृत मीणा के मामले के चलते प्रक्रिया अटक गई थी। स्थिति साफ न होने के कारण उस DPC को निरस्त करना पड़ा था।



इसके बाद नवंबर में दोबारा बैठक हुई। जाति प्रमाणपत्र से जुड़ा यह मामला अमृत मीणा की IPS पदोन्नति में सबसे बड़ी बाधा बन गया है। डीजीपी और शासन के अंतिम फैसले पर टिकी हैं, जो तय करेगा कि उनका करियर किस दिशा में जाएगा।





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