शहर छोड़ने के बाद भी नहीं बच पाएंगे बिजली बिल बकायेदार, बैंक खाते होंगे फ्रीज

Aman Vaishnav | Jan 30, 2026, 15:02 IST
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मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने अब बकायेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। अब बिजली बिल की वसूली सिर्फ मीटर तक नहीं होगी। उपभोक्ता कहीं भी हों डिजिटल ट्रैकिंग और बैंकिंग के जरिए उनका बकाया वसूला जाएगा।

अब शहर या राज्य छोड़ने वाले बिजली बिल बकायेदारों को बचने का मौका नहीं मिलेगा। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। डिजिटल निगरानी, खबरी तंत्र और बैंक से जुड़ी जानकारी के जरिए एक अभियान चलाया जा रहा है।



इस हाईटेक कार्रवाई में अब तक भोपाल के करीब 57 हजार बकायेदारों की पहचान हो चुकी है। ये उपभोक्ता भोपाल तो छोड़कर चले गए, लेकिन लाखों रुपए का बिल यहीं छोड़ गए हैं। सबसे ज्यादा बकायेदार उत्तर और पूर्व संभाग के इलाकों में पाए गए हैं।



इस तरह हो रहा खुलासा

बकायादारों के खाते फ्रीज होंगे

अभियान के तहत जो उपभोक्ता लंबे समय से बकाया नहीं चुका पाए, उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। उनके खातों को फ्रीज किया जा रहा है। वेतन अटैच किए जा रहे हैं और कानूनी नोटिस भेजे जा रहे हैं।



अधिकारियों के मुताबिक, कई मामलों में बकाया राशि लाखों तक पहुंच चुकी है। ब्याज और पेनल्टी जोड़ने के बाद यह रकम और बढ़ गई है। भोपाल सिटी सर्किल के उत्तर और पूर्व संभाग में बकायादारों की संख्या सबसे ज्यादा है।



मैनेजर बोले शहर छोड़ने से जिम्मेदारी खत्म नहीं होती

सिटी सर्कल के जनरल मैनेजर प्रदीप सिंह चौहान ने कहा कि अब बिजली बिल की वसूली सिर्फ मीटर तक सीमित नहीं रहेगी। उपभोक्ता कहीं भी हों, डिजिटल ट्रैकिंग और बैंकिंग के जरिए उनका बकाया वसूला जाएगा। शहर छोड़ने से उनकी जिम्मेदारी खत्म नहीं होती।



उन्होंने यह भी कहा कि बकायादार अगर खुद आकर भुगतान नहीं करेंगे, तो उनके खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे। एक महिला उपभोक्ता, जो शहर छोड़कर मुंबई शिफ्ट हो गई थी, उसका बैंक खाता सीज कर दिया गया है।



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मध्य प्रदेश की बिजली जरूरतों को देखते हुए राज्य सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने नई ताप विद्युत परियोजनाओं से 4 हजार मेगावाट बिजली खरीदने की मंजूरी दे दी है।



किस कंपनी को कितनी बिजली परियोजना मिली?

निविदा प्रक्रिया के बाद निम्नलिखित कंपनियों को परियोजनाएं सौंपी गईं-



  • हिंदुस्तान थर्मल प्रोजेक्ट्स लिमिटेड – 800 मेगावाट
  • टरेंट पावर लिमिटेड – 1600 मेगावाट
  • अदानी पावर लिमिटेड – 800 मेगावाट
  • ग्रीनशू विकल्प के तहत अतिरिक्त – 800 मेगावाट (अदानी पावर)

सभी कंपनियां अपनी-अपनी SPV (स्पेशल पर्पस व्हीकल) के माध्यम से बिजली आपूर्ति अनुबंध करेंगी।



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