Gen Z के बाद Gen Alpha अपने हक के लिए बेखौफ, मंत्री-DM से आंख मिलाकर कर रहे सवाल

Aman Vaishnav | Aug 18, 2026, 13:39 IST
Gen Alpha
दिल्ली के जंतर-मंतर से शुरू हुई Gen Z की कहानी में एक और अध्याय जुड़ गया है। Gen Z के बाद Gen Alpha पीढ़ी अब जगह-जगह आंदोलन करती नजर आ रही है।

समझें क्या है पूरा मामला...

  • दिल्ली जंतर-मंतर पर जेन-Zछात्रों के प्रदर्शन के बाद अब Gen Alpha सुर्खियों में है।
  • राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में छात्र अलग-अलग मुद्दों पर सड़कों पर उतर रहे हैं।
  • गुना में स्कूली बच्चों ने अपनी प्रिंसिपल पर धमकाने का आरोप लगाया है।
  • उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के किशनपुर कस्बे में भी छात्र सड़क पर उतरे।
  • इन सभी घटनाओं में जेन जी के साथ-साथ जेन अल्फा भी खुलकर अपनी बात रख रहा है।

जंतर-मंतर से उठी आवाज अब राज्यों तक पहुंची

दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों ने शैक्षणिक मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किया था। इसके बाद देश के कई हिस्सों में छात्र आंदोलन तेज हो गया।



अब छात्र सिर्फ परीक्षा या रिजल्ट तक सीमित नहीं हैं। वे शिक्षा व्यवस्था, लोकतांत्रिक अधिकार और बुनियादी सुविधाओं को लेकर भी आवाज उठा रहे हैं।



गुना में प्रिंसिपल पर गंभीर आरोप

मध्य प्रदेश के गुना जिले के धरनावदा स्कूल में भी चौंकाने वाली घटना सामने आई। स्वतंत्रता दिवस समारोह के मंच पर छात्र-छात्राएं अचानक रो पड़े।



बच्चों ने प्रिंसिपल ममता सोनी पर परेशान करने और धमकाने का आरोप लगाया। छात्रों का कहना था कि शिकायत करने पर प्रैक्टिकल में सिर्फ 12 नंबर देने की धमकी मिलती है। अभिभावकों को भी स्कूल परिसर में आने से रोका जाता है, ऐसा आरोप है।



गांव वालों की मांग है कि प्रिंसिपल को तुरंत हटाया जाए। शिक्षा विभाग के अधिकारियों का भी मानना है कि स्कूल के शिक्षकों में आपसी तालमेल की कमी है।



पहले भी विवादों में रहीं प्रिंसिपल

प्रिंसिपल ममता सोनी का विवादों से पुराना नाता रहा है। साल 2022 में रुठियाई स्कूल में भी 16 शिक्षकों ने उन पर पैसों की हेराफेरी के आरोप लगाए थे। जांच में आरोप सही पाए गए और तत्कालीन डीईओ ने उन्हें पद से हटा दिया था।



सिरोंज में जेन अल्फा की जीत

वहीं गुना से पहले विदिशा जिले के सिरोंज में भी जेन अल्फा (Gen Alpha Protest) ने अपनी ताकत दिखाई थी। सिरोंज कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल की छात्राओं ने बस किराए को लेकर प्रदर्शन किया था।



12 अगस्त के इस विरोध के बाद बस किराया घटा दिया गया। अब ग्रामीण इलाकों से आने वाली छात्राओं को पुराने किराए पर ही सुविधा मिलेगी।



यूपी के स्कूल में सुविधाओं की मांग

उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के किशनपुर कस्बे में भी छात्र सड़क पर उतरे। यहां सर्वोदय इंटर कॉलेज के करीब 1800 छात्रों ने साफ पानी, बिजली और बेंच की मांग की।



छात्रों का आरोप था कि उन्हें बुनियादी सुविधाएं भी नहीं मिल रही हैं। प्रदर्शन की सूचना मिलते ही जिला विद्यालय निरीक्षक मौके पर पहुंचे। उन्होंने पंखे, आरओ प्लांट और बेंच जल्द उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।



छात्रों के बाद छात्राओं का फूटा गुस्सा

यूपी लखनऊ के पारा स्थित जयप्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय में सुविधाओं की बदहाली को लेकर छात्रों का गुस्सा अब भी शांत नहीं हुआ है। बीते शुक्रवार को छात्रों के जोरदार प्रदर्शन के बाद सोमवार को छात्राएं भी स्कूल की अव्यवस्थाओं के खिलाफ सड़क पर उतर आईं।



छात्राओं ने बालागंज चौराहे पर पहुंचकर सड़क घेर ली और वहीं बैठकर प्रदर्शन करने लगीं। इससे मुख्य मार्ग पर कई घंटे तक यातायात प्रभावित रहा।



बीच घेरा बनाकर की नारेबाजी

सोमवार सुबह छात्राएं स्कूल परिसर से बाहर निकलीं और बदहाल व्यवस्थाओं के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। पहले वे दुबग्गा बाईपास पहुंचीं और वहां विरोध जताया। इसके बाद जुलूस की शक्ल में बालागंज चौराहे पर पहुंचीं।



यहां छात्राओं ने सड़क के बीच घेरा बना लिया और बैठकर नारेबाजी करने लगीं। देखते ही देखते सड़क पर लंबा जाम लग गया और आने-जाने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।



Gen alpha छात्राओं का सवाल

राजस्थान के अलवर जिले के थानागाजी के जोधावास गांव के सरकारी स्कूल की छात्राओं ने ऐसा सवाल उठाया कि अधिकारियों को भी जवाब देना पड़ा। स्कूल में पिछले चार साल से सिर्फ पांच शिक्षक थे। ऊपर से बच्चों के लिए खेलने का मैदान भी नहीं था।



छात्राओं ने इस समस्या को लेकर एसडीएम और कलेक्टर तक से शिकायत की, लेकिन जब कहीं सुनवाई नहीं हुई तो उन्होंने अधिकारियों के सामने ही अपनी बात रख दी।



छात्राओं ने सीधा सवाल किया कि अगर ये बच्चे उनके अपने होते, तो क्या वे उन्हें ऐसी बुनियादी सुविधाओं के बिना पढ़ने देते?



छात्राओं के इस विरोध के बाद प्रशासन हरकत में आया। स्कूल में सात नए शिक्षक तैनात कर दिए गए हैं। साथ ही बच्चों की दूसरी समस्याओं को भी दूर करने की दिशा में काम शुरू किया गया है।



नई पीढ़ी इतनी मुखर क्यों?

इन सभी घटनाओं से एक बात साफ होती है। जेन जी और जेन अल्फा अब गलत बात चुपचाप बर्दाश्त नहीं करते। सोशल मीडिया और आपसी जुड़ाव ने इस पीढ़ी को अपनी बात रखने का हौसला दिया है। यही वजह है कि छोटे कस्बों से लेकर बड़े शहरों तक छात्र अब खुलकर सामने आ रहे हैं।



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