Gen-z की एक और जीत, झारखंड सरकार ने रद्द कीं TDPL और JSSC-CGL परीक्षा
Jitendra Shrivastava | Aug 17, 2026, 23:15 IST
Photograph: (thesootr)
RANCHI. झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन ने टीडीपीएल की सभी परीक्षाएं और JSSC-CGL रद्द कर दी हैं। छात्रों के लगातार विरोध और प्रदर्शन के बाद यह फैसला लिया गया।
समझें क्या है पूरा मामला...
- सीएम हेमंत सोरेन ने लिया छात्रों के हक में बड़ा फैसला।
- TDPL की सभी परीक्षाएं और रिजल्ट हुए पूरी तरह रद।
- JSSC-CGL भी रद, अब नए सिरे से होगी परीक्षा।
- छात्रों का आंदोलन लाया रंग, सरकार झुकी।
- 2014 से अब तक की गड़बड़ियों की होगी जांच।
झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर लंबे समय से बवाल मचा हुआ था। छात्रों ने धांधली और गड़बड़ी के गंभीर आरोप लगाए थे। इसी दबाव के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सख्त कदम उठाया है।
छात्रों का विरोध-प्रदर्शन लगातार बढ़ रहा था। विधानसभा में भी इस मुद्दे पर हंगामा हो रहा था। इसके बाद सरकार ने विवादित एजेंसी TDPL (Tender Document Preparation and Logistics – निविदा दस्तावेज तैयारी एवं रसद एजेंसी) द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं को रद करने का ऐलान कर दिया।
TDPL से जुड़ी हर चीज रद्द
इसमें आयोजित की गई सभी परीक्षाएं शामिल हैं। घोषित परिणाम भी रद्द कर दिए गए हैं। चयनित और भाग लेने वाले सभी उम्मीदवारों का चयन भी अब मान्य नहीं रहेगा। TDPL से जुड़ी बाकी सभी गतिविधियां भी रद मानी जाएंगी।
2014 से होगी पूरी जांच
इसी बैठक में कैबिनेट ने एक और बड़ा फैसला लिया। JSSC-CGL (Jharkhand Staff Selection Commission – Combined Graduate Level) परीक्षा को भी पूरी तरह रद करने पर सहमति बनी।
रिफॉर्म के लिए बनेगी कमेटी
अगर इस SOP का सही तरीके से पालन होता, तो यह गड़बड़ियां शायद नहीं होतीं। अब इस पूरे सिस्टम में कुछ और जरूरी सुधार जोड़े जाएंगे।
इसके लिए सरकार ने एक कमेटी बनाने का फैसला किया है। यह कमेटी एक IAS (Indian Administrative Service – भारतीय प्रशासनिक सेवा) अधिकारी की अध्यक्षता में काम करेगी। कमेटी की सिफारिशों के आधार पर आगे की परीक्षा प्रक्रिया तय होगी।
छात्रों में खुशी की लहर
प्रदर्शनकारी छात्र नारे लगाते नजर आए। 'छात्र एकता जिंदाबाद' और 'हमारी मांगें पूरी हुईं' के नारों से माहौल गूंज उठा। कई छात्रों ने इसे अपनी बड़ी जीत बताया।
यह फैसला उन हजारों छात्रों के लिए राहत लेकर आया है, जो महीनों से पारदर्शी परीक्षा प्रणाली की मांग कर रहे थे। अब सभी की निगाहें सरकार के अगले कदम और नई परीक्षा प्रक्रिया पर टिकी हैं।
एक्सपर्ट कोट्स
- हेमंत सोरेन, मुख्यमंत्री, झारखंड।
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