जबलपुर में सीलिंग का दंश झेल रहे हजारों परिवार, एक सरकारी गलती से 22 कॉलोनियों के हजारों नागरिक परेशान
BP Shrivastava | Jan 25, 2024, 16:23 IST
जबलपुर में सीलिंग का दंश झेल रहे हजारों परिवार, एक सरकारी गलती से 22 कॉलोनियों के हजारों नागरिक परेशान
तेजी से बढ़ते जबलपुर शहर की कुछ कालोनियां अभी भी सीलिंग जैसी समस्या के शिकार हैं। यहां रहने वाले हजारों परिवार न तो संपत्तियों बंट पा रहे और न बेच पा रहे।
वेंकटेश कोरी, JABALPUR. तेजी से बढ़ते जबलपुर शहर की कुछ कालोनियां अभी भी सीलिंग जैसी समस्या के शिकार हैं, यहां रहने वाले हजारों परिवार सीलिंग से इस कदर प्रभावित हो गए हैं कि वे अपनी संपत्तियों का न तो बंटवारा कर पा रहे हैं और न ही बेच पा रहे हैं। डायवर्शन से लेकर अन्य कामों के लिए ये सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट कर थक चुके हैं।
सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे लोग पर राहत नहीं
दरअसल, सरकारी गलती के चलते जबलपुर की 22 कॉलोनियों में रहने वाले हजारों परिवारों के खसरे में कॉलम नंबर 12 पर सीलिंग प्रभावित लिख दिया गया है। जिससे कई साल बीतने के बाद भी इनका पीछा नहीं छूट पा रहा है। तमाम सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने के बावजूद इन कॉलोनियों में रहने वाले परिवारों को राहत नहीं मिल पा रही है।
22 कालोनियों के 25000 से ज्यादा परिवार सीलिंग की समस्या परेशान
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दरअसल जबलपुर विकास प्राधिकरण के अंतर्गत आने वाली 22 कॉलोनियों के करीब 25000 से भी ज्यादा परिवार इस समस्या से दो चार हो रहे हैं। सरकारी गलती के चलते उनके खसरों में 'सीलिंग प्रभावित' शब्द लिख दिया गया है और तभी से उनकी मुश्किलें शुरू हो गई है। खसरे में सीलिंग प्रभावित शब्द के जुड़ जाने से पाई पाई जोड़कर प्लॉट और मकान खरीदने वाले लोग अपनी संपत्ति का डायवर्सन, बंटवारा, नामांतरण तक नहीं कर पा रहे हैं और न ही इन्हें बेच पा रहे हैं।
बैंक से नहीं मिल पा रहा लोन...
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हैरानी की बात तो यह है कि सीलिंग की समस्या का सामना करने वाले परिवारों के लिए बैंक के दरवाजे भी पूरी तरह से बंद हो चुके हैं, अपनी ओर से ये बैंक से लोन भी नहीं ले सकते क्योंकि नियमों के मुताबिक खसरे में जब तक सीलिंग शब्द का उल्लेख है तब तक बैंक भी इन्हें लोन देने से कतराते हैं।
कलेक्टर बोले- सीलिंग प्रभावितों के लिए विशेष नीति बन रही
![Jabalpur calectrete.jpg]()
जबलपुर शहर के हजारों परिवारों के सामने खड़ी इस अजीब समस्या से प्रशासन भी वाकिफ है, जबलपुर के कलेक्टर दीपक कुमार सक्सेना का कहना है कि शहर की 22 कॉलोनियों के अलावा ग्रामीण क्षेत्र के कुछ गांव भी सीलिंग से प्रभावित हैं, इस संबंध में उन्होंने संबंधित अधिकारियों से चर्चा कर नागरिकों को राहत दिलाने के लिए कार्य योजना बनाने के निर्देश जारी कर दिए हैं। कलेक्टर की मानें तो सीलिंग से प्रभावित परिवारों की समस्याओं के निराकरण के लिए विशेष नीति बनाई जा रही है और जल्द ही करीब दो दर्जन कॉलोनियों के हजारों परिवारों को इससे मुक्ति दिलाई जाएगी।
कलेक्टर कोर्ट में याचिका भी दायर
कलेक्टर ने कहा है कि सीलिंग की समस्या के खात्मे के दौरान इस बात का भी खास ध्यान रखा जाएगा कि इससे कोई सरकारी जमीन प्रभावित न हो पाए। इस बीच सीलिंग प्रभावित परिवारों की ओर से कलेक्टर कोर्ट में एक याचिका भी दायर की गई है जिसमें उन्हें जल्द से जल्द इस समस्या से निजात दिलाने की गुहार लगाई गई है।
सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे लोग पर राहत नहीं
दरअसल, सरकारी गलती के चलते जबलपुर की 22 कॉलोनियों में रहने वाले हजारों परिवारों के खसरे में कॉलम नंबर 12 पर सीलिंग प्रभावित लिख दिया गया है। जिससे कई साल बीतने के बाद भी इनका पीछा नहीं छूट पा रहा है। तमाम सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने के बावजूद इन कॉलोनियों में रहने वाले परिवारों को राहत नहीं मिल पा रही है।
22 कालोनियों के 25000 से ज्यादा परिवार सीलिंग की समस्या परेशान
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दरअसल जबलपुर विकास प्राधिकरण के अंतर्गत आने वाली 22 कॉलोनियों के करीब 25000 से भी ज्यादा परिवार इस समस्या से दो चार हो रहे हैं। सरकारी गलती के चलते उनके खसरों में 'सीलिंग प्रभावित' शब्द लिख दिया गया है और तभी से उनकी मुश्किलें शुरू हो गई है। खसरे में सीलिंग प्रभावित शब्द के जुड़ जाने से पाई पाई जोड़कर प्लॉट और मकान खरीदने वाले लोग अपनी संपत्ति का डायवर्सन, बंटवारा, नामांतरण तक नहीं कर पा रहे हैं और न ही इन्हें बेच पा रहे हैं।
बैंक से नहीं मिल पा रहा लोन...
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हैरानी की बात तो यह है कि सीलिंग की समस्या का सामना करने वाले परिवारों के लिए बैंक के दरवाजे भी पूरी तरह से बंद हो चुके हैं, अपनी ओर से ये बैंक से लोन भी नहीं ले सकते क्योंकि नियमों के मुताबिक खसरे में जब तक सीलिंग शब्द का उल्लेख है तब तक बैंक भी इन्हें लोन देने से कतराते हैं।
कलेक्टर बोले- सीलिंग प्रभावितों के लिए विशेष नीति बन रही
Jabalpur calectrete.jpg
जबलपुर शहर के हजारों परिवारों के सामने खड़ी इस अजीब समस्या से प्रशासन भी वाकिफ है, जबलपुर के कलेक्टर दीपक कुमार सक्सेना का कहना है कि शहर की 22 कॉलोनियों के अलावा ग्रामीण क्षेत्र के कुछ गांव भी सीलिंग से प्रभावित हैं, इस संबंध में उन्होंने संबंधित अधिकारियों से चर्चा कर नागरिकों को राहत दिलाने के लिए कार्य योजना बनाने के निर्देश जारी कर दिए हैं। कलेक्टर की मानें तो सीलिंग से प्रभावित परिवारों की समस्याओं के निराकरण के लिए विशेष नीति बनाई जा रही है और जल्द ही करीब दो दर्जन कॉलोनियों के हजारों परिवारों को इससे मुक्ति दिलाई जाएगी।
कलेक्टर कोर्ट में याचिका भी दायर
कलेक्टर ने कहा है कि सीलिंग की समस्या के खात्मे के दौरान इस बात का भी खास ध्यान रखा जाएगा कि इससे कोई सरकारी जमीन प्रभावित न हो पाए। इस बीच सीलिंग प्रभावित परिवारों की ओर से कलेक्टर कोर्ट में एक याचिका भी दायर की गई है जिसमें उन्हें जल्द से जल्द इस समस्या से निजात दिलाने की गुहार लगाई गई है।
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