अपने ही कर्मचारियों पर भड़के Tikamgarh एसपी, TI-SI समेत 26 को नोटिस

Aman Vaishnav | Jan 04, 2026, 12:05 IST
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एमपी के टीकमगढ़ जिले में पुलिस अधीक्षक मनोहर सिंह मंडलोई का एक फैसला चर्चा में है। उन्होंने अपने ही विभाग के 26 अधिकारियों और कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया।

5 पॉइंट में समझें पूरा मामला....



  • टीकमगढ़ जिले में एसपी मनोहर सिंह मंडलोई ने 26 पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों को नोटिस दिया।
  • ट्रेनिंग के दौरान जारी आदेशों में पदनाम को लेकर सवाल उठाए गए।
  • नोटिस में पूछा गया कि प्रभारी पुलिस अधीक्षक के बजाय सिर्फ पुलिस अधीक्षक क्यों लिखा?
  • सीनियर आईपीएस आलोक कुमार सिंह के पास उस समय जिले का प्रभार था।
  • पूर्व डीएसपी मुबारक खान ने इस कदम को तुगलकी मानसिकता करार दिया।

टीकमगढ़ एसपी मनोहर सिंह मंडलोई हाल ही में हैदराबाद से ट्रेनिंग करके वापस लौटे हैं। वह 26 दिनों की ट्रेनिंग पर गए थे। लौटते ही उन्होंने एसपी कार्यालय के स्टाफ पर नाराजगी जताई। उन्होंने पदनाम के उपयोग को लेकर सवाल खड़े किए।



नोटिस के पीछे का मेन कारण

एसपी की अनुपस्थिति में आईपीएस आलोक कुमार सिंह जिले का प्रभार संभाल रहे थे। इस दौरान जो पत्र और आदेश जारी किए गए, उनमें आलोक कुमार सिंह का पद पुलिस अधीक्षक, टीकमगढ़ लिखा गया था। आईपीएस मनोहर सिंह मंडलोई जब ट्रेनिंग से लौटे, तो इन पत्रों को देखकर नाराज हो गए।



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एसपी मंडलोई का कहना है कि इन आदेशों में "प्रभारी पुलिस अधीक्षक" लिखा जाना चाहिए था। केवल "पुलिस अधीक्षक" लिखने पर उन्होंने आपत्ति दर्ज कराई है।



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पुलिस विभाग में बढ़ा असंतोष

नोटिस पाने वाले 26 कर्मचारी और अधिकारियों में असंतोष है। विभागीय दबाव के चलते कोई भी खुलकर सामने आने की हिम्मत नहीं कर पा रहा है।



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रिटायर्ड डीएसपी बोले- ये तुगलकी मानसिकता

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पूर्व डीएसपी का कहना है कि गृह विभाग और पुलिस मुख्यालय ने सीनियर आईपीएस अधिकारी को सही तरीके से जिम्मेदारी दी थी। उनके द्वारा पुलिस अधीक्षक के तौर पर आदेश जारी करना पूरी तरह से वैध है।



उन्होंने यह भी कहा कि अपने ही अधीनस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों को इस तरह नोटिस देना पुलिस बल का मनोबल तोड़ता है। यह किसी वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी को शोभा नहीं देता।



नोटिस पाने वालों में आरआई कनक सिंह, ट्रैफिक टीआई कैलाश कुमार पटेल, साइबर सेल के सब-इन्स्पेक्टर मयंक नागच और 23 अन्य पुलिसकर्मी शामिल हैं। इनमें एसपी ऑफिस के स्टेनो और कुछ अन्य कर्मचारी भी हैं।



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सोशल मीडिया पर वायरल हुआ विवाद

एसपी द्वारा जारी किया गया यह नोटिस अब सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। कहा जा रहा है कि किसी परेशान पुलिसकर्मी ने इसे सार्वजनिक किया है।



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