जीतू पटवारी का सरकार पर सीधा हमला, कहा- पौधारोपण के नाम पर मध्य प्रदेश में हुआ बड़ा घोटाला
MP News: मध्य प्रदेश में इन दिनों पौधारोपण (tree plantation) के मुद्दे को लेकर सियासत गर्म हो गई है। कांग्रेस नेता जीतू पटवारी (Jitu Patwari) ने राज्य सरकार पर पौधारोपण को लेकर करारा हमला बोला है। पटवारी ने भाजपा (BJP) शासन के दौरान किए गए पौधारोपण के फर्जीवाड़े का आरोप लगाया है।
पटवारी ने ट्वीट कर सरकार पर उठाए सवाल
आइए, जानते हैं जीतू पटवारी ने पौधारोपण घोटाले (plantation scam) के बारे में क्या आरोप लगाए हैं...
पौधारोपण घोटाले की शुरुआत: 2003 से 2010
पटवारी ने भाजपा शासन के पहले दौर (2003 से 2010) को याद करते हुए कहा कि इस दौरान पौधारोपण (tree plantation) योजनाओं में कई प्रशासनिक अनियमितताएं (administrative irregularities) रहीं। हालांकि उस वक्त तक बड़े स्तर के घोटाले (scams) का खुलासा नहीं हुआ, लेकिन यह सही था कि योजनाओं में पालन और निगरानी की कमी थी।
जीतू पटवारी के जरिए पौधारोपण के आरोप को एक नजर में समझें...
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धीमी गति और कागजों पर सफलता: 2011 से 2016
पटवारी ने 2011 से 2016 के बीच मध्यप्रदेश भाजपा सरकार के घोटाले को उजागर करते हुए कहा कि भाजपा सरकार ने कई जिलों में पौधारोपण अभियान (tree plantation campaigns) शुरू किए, लेकिन जमीनी हकीकत और रिपोर्टों में अंतर दिखाई दिया। रिकॉर्ड में कहीं और असल में कहीं और पौधे थे। इससे यह साफ था कि योजना सही तरीके से लागू नहीं हो पाई।
नर्मदा किनारे का महान घोटाला: 2017
पटवारी ने आगे कहा- अब बात करते हैं 2017 के नर्मदा नदी किनारे के पौधारोपण घोटाले (plantation scam) की, जहां 2 जुलाई को भाजपा ने दावा किया कि एक ही दिन में 6 से 7 करोड़ पौधे लगाए गए हैं। गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड (Guinness World Record) बनाने का जोरदार प्रचार किया गया। लेकिन बाद में यह सामने आया कि इन पौधों में से सिर्फ 10-15% ही जीवित थे। लगभग 450 से 499 करोड़ रुपए के सरकारी खर्च (public expenditure) का इस्तेमाल फर्जी आंकड़ों में किया गया।
कांग्रेस ने की जांच की मांग: 2018-2019
पटवारी का कहना है कि कांग्रेस सरकार (Congress Government) के आने के बाद, विधानसभा में भाजपा सरकार के खिलाफ जांच की मांग तेज हो गई। वहीं भाजपा के कई शीर्ष अधिकारियों पर आर्थिक अपराध शाखा (EOW) से जांच की सिफारिश की गई।
नए खुलासे और बार-बार आरोप: 2019-2024
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि 2023 तक कई बार नए पौधारोपण घोटाले सामने आए। इनमें मजदूरों की फर्जी हाजिरी (fake attendance of workers), उपकरणों की कमी (shortage of equipment), और अधूरी रिपोर्ट्स (incomplete reports) शामिल थीं। इसके बावजूद ईओडब्ल्यू (EOW) की जांच पर प्रभावी कार्रवाई की कमी रही और रिपोर्टें दबा दी गईं।
पौधारोपण के नाम पर भ्रष्टाचार का हर साल खुलासा
पटवारी ने कहा कि बीते 20 वर्षों में भाजपा सरकार ने लाखों पौधे लगाने का दावा किया, लेकिन धरातल पर पौधारोपण योजनाओं (tree plantation schemes) का हाल यही रहा। हर साल लाखों पौधों का गायब होना और रिपोर्टों में दिखाया जाना, जो असल में कागजों तक ही सीमित थे। यह सब कुछ स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि पौधारोपण योजनाओं में बड़ा फर्जीवाड़ा हुआ।
सीएम को पटवारी की सीधी चुनौती
मुख्यमंत्री मोहन यादव (CM Mohan Yadav) से एमपी कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मांग की है कि राज्य सरकार को इन पौधारोपण घोटालों की (tree plantation scams) फिर से गहराई से जांच करवानी चाहिए। साथ ही, पटवारी ने कहा कि यह घोटाला सार्वजनिक रूप से सामने लाया जाए और विधानसभा के आगामी सत्र में इस पर खुलकर चर्चा हो।
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एमपी में पौधारोपण अभियान | पौधारोपण घोटाला