UPSC के 61 जांबाजों का भोपाल में सम्मान, आज सीएम करेंगे भविष्य के अफसरों से संवाद
News In Short
- मध्य प्रदेश से पहली बार रिकॉर्ड 61 उम्मीदवारों का यूपीएससी में चयन हुआ है।
- साल 2023 के मुकाबले (29 चयन) सफलता की दर अब लगभग दोगुनी हो गई है।
- 16 चयनित अभ्यर्थी सरकारी शिक्षण संस्थानों की पृष्ठभूमि से आए हैं।
- इंदौर की अनन्या शर्मा (AIR 13) सहित प्रदेश की 5 बेटियों ने टॉप-100 में स्थान पाया।
- देश के राज्यों की सूची में मध्य प्रदेश अब चौथे पायदान पर पहुंच गया है।
News In Detail
संघ लोकसेवा आयोग (UPSC) के हालिया नतीजों में मध्य प्रदेश ने सफलता की नई इबारत लिख दी है। इस बार राज्य के कुल 61 अभ्यर्थियों ने बाजी मारी है, जो अब तक का ऑल टाइम हाई प्रदर्शन है। यह आंकड़ा न केवल उत्साहजनक है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि MP अब देश के सबसे कठिन एग्जाम में उत्तर प्रदेश, राजस्थान और बिहार के बाद चौथा सबसे बड़ा पावर हाउस बनकर उभरा है।
तीन साल में दोगुना हुआ सफलता का ग्राफ
अगर पिछले तीन सालों के रुझान को देखें, तो मध्य प्रदेश की प्रगति चौंकाने वाली है। साल 2023 में जहां राज्य से केवल 29 उम्मीदवारों का चयन हुआ था। वहीं 2024 में यह संख्या बढ़कर 53 हुई और अब 2025 के नतीजों में यह 61 तक पहुंच गई है।
महज तीन साल के भीतर सफल उम्मीदवारों की संख्या लगभग दोगुनी हो गई है। साल दर साल बढ़ते इस ग्राफ ने साबित कर दिया है कि प्रदेश के युवाओं में प्रशासनिक सेवा को लेकर जुनून बढ़ा है।
चयनित उम्मीदवारों का आज सीएम करेंगे सम्मान
आज यानी सोमवार (23 मार्च, 2026) को भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में इन सभी चयनित सितारों का सम्मान किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव खुद इन अभ्यर्थियों से संवाद करेंगे।
एसीएस अनुपम राजन के अनुसार, इस कार्यक्रम में कॉलेज के फाइनल ईयर के छात्रों को भी बुलाया गया है ताकि वे सफल उम्मीदवारों से सीधी गाइडेंस ले सकें और तैयारी के बारीकी को समझ सकें।
टॉप-100 में लड़कियों का दबदबा रहा
इस बार के नतीजों की सबसे बड़ी विशेषता रिवर्स माइग्रेशन है। चयनित 61 उम्मीदवारों में से 16 अभ्यर्थी ऐसे हैं जिन्होंने सरकारी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों से पढ़ाई की है।
यह उन गलतफहमी को तोड़ता है कि केवल महंगे प्राइवेट संस्थानों से ही सफलता मिलती है। इसके साथ ही टॉप-100 की सूची में प्रदेश की 5 बेटियों ने अपनी जगह बनाई है, जिनमें इंदौर की अनन्या शर्मा (13वीं रैंक) और खंडवा की रूपल जायसवाल (43वीं रैंक) प्रमुख हैं।
यूपी-बिहार की कतार में एमपी
सफलता के मामले में मध्य प्रदेश ने इस बार महाराष्ट्र और तमिलनाडु जैसे राज्यों को भी पीछे छोड़ दिया है। आंकड़ों के अनुसार-
- उत्तर प्रदेश: 150 चयन
- राजस्थान: 85-90 चयन
- बिहार: 70-75 चयन
- मध्य प्रदेश: 61 चयन
- महाराष्ट्र: 55-60 चयन
- तमिलनाडु: 45-50 चयन
टॉप रैंकर्स में भी एमपी का दबदबा रहा, जहां ईशान भटनागर ने देशभर में 5वीं और प्रक्षाल सेक्रेटरी ने8वीं रैंक हासिल कर प्रदेश का मान बढ़ाया।
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