वंदे मातरम् विवाद पर बोले सीएम मोहन यादव: पार्षदों पर कार्रवाई नहीं कर सकते तो इस्तीफा दें पटवारी
इंदौर नगर निगम के बजट सत्र में 08 अप्रैल को उठा वंदे मातरम् गान का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस मामले में अब सीएम मोहन यादव ने तल्खी दिखाई है। उन्होंने कांग्रेस से दोनों पार्षदों पर कार्रवाई की मांग की है।
कांग्रेस पार्षद भदौरिया ने लगाए आरोप
द सूत्र ने शुक्रवार को ही खुलासा किया था कि इसमें कांग्रेस के ही पार्षद राजू भदौरिया ने इसे राजनीतिक साजिश और डील करार दिया है। इसके तहत शेख अलीम और महापौर के बीच करार के आरोप लगे थे। अब भदौरिया ने शनिवार, 11 अप्रैल को फिर अपने आरोपों को दोहराया है। वहीं नजरें अब कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी पर हैं।
भदौरिया बोले- धार्मिक कट्टरता की लड़ाई
भदौरिया ने फिर आरोपों को दोहराते हुए कहा कि यह पूरी राजनीतिक साजिश है। मुद्दों को भटकाने के लिए पार्षद फौजिया शेख और रूबीना इकबाल ने यह किया है। रूबीना से तो वंदे मातरम् को लेकर कुछ पूछा ही नहीं गया था, लेकिन फिर भी वह इसमें कूदीं।
वहीं फौजिया तो पहले हमेशा वंदे मातरम् गाती रही हैं और मौजूद रही हैं। उन्हें सदन में यह जवाब देने की क्या जरूरत थी कि मैं यह नहीं गाऊंगी। दरअसल दोनों ही पार्षदों में प्रतियोगिता चल रही है कि वे दिखा सकें कि कौन अधिक धार्मिक कट्टर है।
महापौर बोले- कांग्रेस देशद्रोहियों के साथ
उधर महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने भी इसमें तीखे तेवर अपनाए हुए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस देशद्रोहियों के साथ है। यह तुष्टीकरण की राजनीति है और सभी नेता चुप्पी साधे हुए हैं। प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी का स्टैंड देशद्रोहियों के साथ है।
इधर आज पटवारी की प्रेस कॉन्फ्रेंस
उधर शनिवार को अचानक कांग्रेस की ओर से सूचना दी गई है कि अहम मुद्दों पर वह प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। इसमें प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के साथ ही पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, शोभा ओझा और शहराध्यक्ष चिंटू चौकसे के मौजूद होने की बात कही गई है।
इसमें वंदे मातरम् विवाद ही उठेगा, क्योंकि कांग्रेस में बड़े स्तर से इस विवाद पर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं आई है। वहीं चिंटू चौकसे कह चुके हैं कि रूबीना खुद को पार्टी से निष्कासित ही मानें, हमने पत्र भोपाल भेज दिया है।
बीजेपी नगराध्यक्ष का पत्र
उधर बीजेपी नगराध्यक्ष सुमित मिश्रा ने भी इस मामले में कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी को पत्र लिखा है। इसमें पूछा गया है कि दागी और देशद्रोही पार्षद फौजिया, रूबीना को अभी तक पार्टी से निष्कासित क्यों नहीं किया गया है।
लव जिहाद की फंडिंग के आरोपी अनवर कादरी को भी अभी तक पार्टी से नहीं निकाला गया है। शहराध्यक्ष चिंटू चौकसे रूबीना के निलंबन की बात कह रहे हैं लेकिन फौजिया पर चुप्पी साधे हुए हैं। इन पर कांग्रेस स्थिति साफ करे।
दोनों पार्षदों पर जल्द हो सकती है FIR
वहीं माना जा रहा है कि अब इस मामले में सीएम की भी टिप्पणी आने के बाद दोनों पार्षदों पर जल्द कार्रवाई हो सकती है। बीजेपी के आवेदन पर पहले ही एमजी रोड थाना पुलिस ने बयान लेना शुरू कर दिए हैं।
शुक्रवार को सभापति मुन्नालाल यादव, पार्षद सुरेश कुरवाड़े और कमल वाघेला के बयान हो चुके हैं। पुलिस ने परिषद हॉल का डिजिटल रिकॉर्ड भी ले लिया है। संभागायुक्त सुदामा पी. खाड़े ने भी पार्षदों की सदस्यता रद्द करने को लेकर कानूनी राय लेना शुरू कर दिया है।
ये खबर भी पढ़िए...
इंदौर का वंदे मातरम् विवाद: फौजिया के पति शेख अलीम और महापौर की साजिश? किसने लगाए आरोप
वंदे मातरम् पर विधायक आरिफ मसूद के बयान से मचा घमासान, सीएम बोले- गाना करेंगे जरूरी
इंदौर में वंदे मातरम पर कांग्रेस ने दी चुनौती, बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा गाकर दिया जवाब