विजयपुर सीट पर सियासी संग्राम: हाईकोर्ट के फैसले के बाद भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने, रामनिवास रावत चर्चा के केंद्र में
Ramanand Tiwari | Mar 09, 2026, 21:25 IST
Photograph: (the sootr)
ग्वालियर हाईकोर्ट ने विजयपुर से कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा का निर्वाचन शून्य घोषित किया। रामनिवास रावत की याचिका पर आए इस फैसले से एमपी में सियासी पारा चढ़ गया है।
मध्यप्रदेश की विजयपुर विधानसभा सीट को लेकर हाईकोर्ट के फैसले के बाद प्रदेश की राजनीति में नया घमासान शुरू हो गया है। ग्वालियर खंडपीठ ने कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा का निर्वाचन शून्य घोषित कर दिया है, जिसके बाद भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।
भाजपा जहां इसे न्यायालय का फैसला बताते हुए स्वागत कर रही है, वहीं कांग्रेस इसे राजनीतिक साजिश बता रही है। इस पूरे घटनाक्रम में रामनिवास रावत एक बार फिर सुर्खियों में हैं। द सूत्र से बातचीत में उन्होंने कहा कि मामला अभी सुप्रीम कोर्ट जा सकता है, ऐसे में आगे की स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही किसी राजनीतिक संभावना-जैसे मंत्री बनने की चर्चा-पर कुछ कहा जा सकता है।
इधर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भाजपा की कथनी-करनी पर सवाल उठाए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के पुराने मामलों का हवाला देते हुए दोहरे मापदंड का आरोप लगाया। वहीं कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस पूरे घटनाक्रम को भाजपा के अंत की शुरुआत तक बता दिया है।
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ग्वालियर खंडपीठ ने विजयपुर से कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा का निर्वाचन रद्द कर दिया। अदालत के अनुसार नामांकन के समय दिए गए हलफनामे में पूरी जानकारी नहीं दी गई, जिसे चुनावी नियमों का उल्लंघन माना गया। फैसले के बाद अदालत ने चुनाव परिणाम को शून्य घोषित कर दिया, जिससे राजनीतिक हलचल तेज हो गई।
इस मामले में चुनाव याचिका दायर करने वाले रामनिवास रावत ने फैसले को अपनी कानूनी लड़ाई की सफलता बताया। द सूत्र से बातचीत में उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के नियमों और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार प्रत्याशी को नामांकन के साथ सभी जानकारी सार्वजनिक करनी होती है। रावत के मुताबिक कांग्रेस प्रत्याशी ने अपनी आपराधिक जानकारी छुपाई थी, जिसके खिलाफ उन्होंने इलेक्शन पिटिशन दायर की थी। अदालत के फैसले से उनकी याचिका सही साबित हुई है।
हालांकि मंत्री बनने की अटकलों पर उन्होंने साफ कहा कि मामला सुप्रीम कोर्ट जा सकता है, इसलिए आगे की स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने हाईकोर्ट के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि अदालत ने रामनिवास रावत को निर्वाचित घोषित किया है और भाजपा न्यायालय की प्रक्रिया का सम्मान करती है। खंडेलवाल ने कहा कि आगे अदालत जो भी निर्णय करेगी, पार्टी उसी के अनुसार आगे की कार्रवाई करेगी।
कांग्रेस ने इस फैसले पर असहमति जताते हुए कहा है कि वह सुप्रीम कोर्ट में अपील करेगी। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि विजयपुर की जनता ने कांग्रेस को जनादेश दिया था और पार्टी कानूनी सलाह के बाद सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएगी। उनका कहना है कि कांग्रेस को न्यायपालिका पर भरोसा है और अंतिम फैसला सुप्रीम कोर्ट में होगा।
उमंग सिंघार ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि भाजपा की कथनी और करनी में बड़ा अंतर है और कई मामलों में अपने नेताओं को राहत दिलाने के उदाहरण सामने आए हैं। सिंघार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्री रहते समय के निजी मामले और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से जुड़े मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि उन मामलों में अलग रवैया अपनाया गया था। उनके मुताबिक जब मामला कांग्रेस नेता का आता है तो अलग तरीके से कार्रवाई होती है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस फैसले को लेकर भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा को यह स्वीकार नहीं है कि कोई आदिवासी नेता सामान्य सीट से विधायक बने। पटवारी ने कहा कि भाजपा दलित और आदिवासी नेताओं को कमजोर करने की कोशिश कर रही है और यह राजनीति अंततः भाजपा के लिए ही भारी पड़ेगी। उनके शब्दों में, “यह भाजपा के अंत की शुरुआत है।”
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भाजपा जहां इसे न्यायालय का फैसला बताते हुए स्वागत कर रही है, वहीं कांग्रेस इसे राजनीतिक साजिश बता रही है। इस पूरे घटनाक्रम में रामनिवास रावत एक बार फिर सुर्खियों में हैं। द सूत्र से बातचीत में उन्होंने कहा कि मामला अभी सुप्रीम कोर्ट जा सकता है, ऐसे में आगे की स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही किसी राजनीतिक संभावना-जैसे मंत्री बनने की चर्चा-पर कुछ कहा जा सकता है।
इधर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भाजपा की कथनी-करनी पर सवाल उठाए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के पुराने मामलों का हवाला देते हुए दोहरे मापदंड का आरोप लगाया। वहीं कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस पूरे घटनाक्रम को भाजपा के अंत की शुरुआत तक बता दिया है।
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हाईकोर्ट का फैसला क्या है
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हालांकि मंत्री बनने की अटकलों पर उन्होंने साफ कहा कि मामला सुप्रीम कोर्ट जा सकता है, इसलिए आगे की स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
भाजपा ने फैसले का किया स्वागत
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मुख्य तथ्य एक नजर में-
- ग्वालियर हाईकोर्ट ने विजयपुर से कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा का निर्वाचन शून्य घोषित किया
- कारण: नामांकन के हलफनामे में अपूर्ण जानकारी
- रामनिवास रावत की चुनाव याचिका पर आया फैसला
- भाजपा ने फैसले का स्वागत किया
- कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट जाने का ऐलान किया
- उमंग सिंघार और जीतू पटवारी ने भाजपा पर लगाए राजनीतिक आरोप
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