व्यापमं घोटाले के आरोपी डॉ. संजीव शिल्पकार का कांड, डॉक्टर की हत्या की साजिश का आरोप
मध्यप्रदेश में साल 2013 में सामने आए व्यापमं घोटाले के मुख्य आरोपियों में से एक डॉ. संजीव शिल्पकार भी था। बाद में अन्य आरोपियों की तरह उसकी भी जमानत हो गई थी। अभी वह आगर-मालवा जिले के सुसनेर में रहकर सोनोग्राफी सेंटर चला रहा है। अब वहीं की एक महिला प्रतिज्ञा भावसार ने शनिवार को इंदौर में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए उस पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
मेरे पति की जहर देकर हत्या की साजिश की
महिला ने आरोप लगाया कि शिल्पकार जमानत की शर्तों का उल्लंघन करते हुए चार साल से आगर में रह रहा है। वहां सुसनेर में सोनोग्राफी सेंटर पर काम किया और फिर उसी पर कब्जे की कोशिश की। इसके लिए सेंटर संभालने वाले मेरे पति डॉ. वैभव भावसार को जहर देकर मारने की कोशिश की। इसके बाद से वह एक साल से बिस्तर पर हैं। पुलिस को शिकायत की गई लेकिन एफआईआर तक दर्ज नहीं की गई है।
शासन, डॉक्टर कर रहे मदद, दे रहा कमीशन
महिला ने आरोप लगाए कि इस मामले में शासन और डॉक्टर सभी उसका साथ दे रहे हैं। कारण है कि वह सोनोग्राफी सेंटर पर मरीज भेजने के बदले उन्हें लंबा कमीशन देता है। इसके चलते स्थानीय सीएमएचओ और शासन कोई भी शिल्पकार पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है।
कौन है डॉ. संजीव शिल्पकार
व्यापमं घोटाले में डॉ. संजीव शिल्पकार पर आरोप है कि उसने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर प्री-मेडिकल टेस्ट (PMT) में हेरफेर की। वह होशियार छात्रों (स्कोरर) और व्यापमं अधिकारियों को रिश्वत देकर अयोग्य छात्रों की ओएमआर (OMR) शीट बदलवाते थे। साथ ही, उन्हें परीक्षा में पास करवाते थे।
भोपाल निवासी शिल्पकार मेडिकल कॉलेज में जगदीश सागर का जूनियर था। इसने जगदीश सागर से प्रभावित होकर अपना ही रैकेट शुरू किया था। पीएमटी 2013 में उसने 92 अयोग्य उम्मीदवारों के चयन की सूची बनाई थी। इसमें से 45 उम्मीदवारों से उसने तीन करोड़ की राशि प्राप्त की।
इस राशि के माध्यम से शिल्पकार ने नितिन महिंद्रा, नकली उम्मीदवारों, बिचौलियों, दलालों सहित व्यापम के अधिकारियों को रिश्वत दी। जगदीश सागर की गिरफ्तारी के बाद वह फरार हो गया जिसे बाद में एसटीएफ द्वारा गिरफ्तार किया गया था। अब वह जमानत पर बाहर है।
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