Raipur. छत्तीसगढ़ विधानसभा में फ़र्ज़ी जाति प्रमाणपत्र धारण करने वालों पर कार्रवाई करने की मांग को लेकर विपक्ष ने जमकर हंगामा किया है। विपक्ष ने तीखे तेवरों ने सरकार को घेरा। विपक्ष ने युवाओं के नग्न प्रदर्शन करने को सरकार के लिए शर्म बताया और प्रदर्शन करने वाले युवाओं को गिरफ़्तार करने पर सवाल उठाते हुए तुरंत रिहा करने की मांग की।
विपक्ष के तीखे तेवर
विधानसभा में मंगलवार 18 जुलाई को युवाओं के नग्न प्रदर्शन का मसला गूंजते रहा। संयुक्त विपक्ष ने सवाल किया कि, यह स्थिति क्यों आई कि, जायज़ माँग के लिए युवाओं को नग्न होकर प्रदर्शन करना पड़ा। शून्यकाल में विपक्ष ने इस मसले को लेकर सरकार को ज़बर्दस्त घेरा। विधायक शिवरतन शर्मा ने चर्चा की शुरुआत की और कहा
“झूठा प्रमाण पत्र लेकर नौकरी करने वालों पर कार्रवाई ना होने से युवाओं में नाराज़गी है।”
वरिष्ठ विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने कहा
“जो सरकार युवाओं को नंगा होकर प्रदर्शन करने पर मजबूर करे, इससे हम सभी शर्मसार हुए हैं।”
विपक्ष का सवाल, मांग जायज़ तो जेल क्यों भेजे
विपक्ष ने इस मसले पर यह सवाल उठाया कि, जब युवाओं की माँग जायज़ है तो माँग पर कार्रवाई करने के बजाय उन्हें जेल क्यों भेजा गया।बसपा विधायक केशव चंद्रा ने कहा
“एक साधु अगर नंगा होकर आता है तो पूजा की जाती है।लेकिन एक युवा अपने हक की बात करने आता है, तो उस पर कार्रवाई होती है।”
राजनीतिक रुप से स्वतंत्र विधायक धर्मजीत सिंह ने कहा
“प्रदर्शन करने वाले युवाओं को तुरंत रिहा किया जाए, और हाई पॉवर कमेटी से इस मामले की जाँच करवाई जाए।”
मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष गर्भगृह में पहुंचा, बहिर्गमन
इस विषय पर विपक्ष ने आसंदी से स्थगन प्रस्ताव को स्वीकार करने का आग्रह किया। इस मसले पर सरकार की ओर कार्रवाई को लेकर गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने लिखित कथन पढ़ा। विपक्ष के स्थगन प्रस्ताव को विधानसभा अध्यक्ष डॉ चरणदास महंत ने अग्राह्य कर दिया।असंतुष्ट विपक्ष नारेबाज़ी करता हुआ गर्भगृह में आ गया।जिसके बाद विपक्ष निलंबित हो गया, जिसेका निलंबन कुछ देर बाद समाप्त कर दिया गया।