विधानसभा चुनाव में हारने के बाद बीजेपी सांसद बोले- अचानक लड़ा दिया, इसलिए हारा
The Sootr | Dec 29, 2023, 24:00 IST
विधानसभा चुनाव में हारने के बाद बीजेपी सांसद बोले- अचानक लड़ा दिया, इसलिए हारा
हार का सामना करने वाले बीजेपी उम्मीदवारों से पार्टी पदाधिकारियों ने बात की
भोपाल. हाल में हुए विधानसभा चुनाव में हार का सामना करने वाले बीजेपी उम्मीदवारों से पार्टी पदाधिकारियों ने बात की। इस दौरान उम्मीदवारों ने हार की वजह तो बताई। इस दौरान डबरा से बीजेपी की उम्मीदवार रहीं इमरती देवी ने 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए भी दावेदारी ठोंक दी।
बीजेपी को 30 से 83 हजार पर लाई
बैठक के बाद पूर्व मंत्री इमरती देवी ने मीडिया से कहा कि वह साल 2018 के चुनाव में 62 हजार से जीती थीं। डबरा विधानसभा में बीजेपी को 30 हजार वोट मिलते थे। वह 83 हजार वोट लेकर आईं। इमरती देवी ने बताया कि आज लोकसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर बैठक थी। चुनाव में हार का कोई कारण नहीं है। वो हमारी किस्मत है, जिसके भाग्य में होता है, उसे मिलता है। हमारी किस्मत में नहीं था, तो नहीं मिला। इमरती ने कहा कि हम भिंड से ही नही, पूरे प्रदेश में एससी की 4 सीटों में से कही, से भी लड़ने को तैयार हैं।
अचानक चुनाव लड़ने के फरमान की वजह से हारा
बैठक के बाद सतना सांसद गणेश सिंह ने कहा कि अचानक विधानसभा चुनाव लड़ने का आदेश हुआ, इसलिए हार का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि जब कोई व्यक्ति ज्यादा मार्जिन से हारता है, तो उसके कारण कुछ और हो सकते हैं। लेकिन यदि कोई कम मार्जिन से हारता है तो निश्चित रूप से कहीं ना कहीं अपनी ही कमी रह जाती है कि हम ठीक से कवर नहीं कर पाए।
कमलनाथ की वजह से छिंदवाड़ा की सभी सीटें हारी
परासिया की विधानसभा प्रत्याशी रहीं ज्योति डेहरिया का कहना है कि चुनाव में जिन लोगों ने पार्टी के खिलाफ काम किया, उन मामलों को लेकर आवेदन बनाकर देना है और अकेले में बैठकर बात करनी है। सारी बातों से संगठन को बता दिया है। छिंदवाड़ा की सातों सीटों हारने पर ज्योति ने कहा कि कमलनाथ मुख्यमंत्री पद के दावेदार थे, इस वजह से सातों सीटें हारी है।
बीजेपी को 30 से 83 हजार पर लाई
बैठक के बाद पूर्व मंत्री इमरती देवी ने मीडिया से कहा कि वह साल 2018 के चुनाव में 62 हजार से जीती थीं। डबरा विधानसभा में बीजेपी को 30 हजार वोट मिलते थे। वह 83 हजार वोट लेकर आईं। इमरती देवी ने बताया कि आज लोकसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर बैठक थी। चुनाव में हार का कोई कारण नहीं है। वो हमारी किस्मत है, जिसके भाग्य में होता है, उसे मिलता है। हमारी किस्मत में नहीं था, तो नहीं मिला। इमरती ने कहा कि हम भिंड से ही नही, पूरे प्रदेश में एससी की 4 सीटों में से कही, से भी लड़ने को तैयार हैं।
अचानक चुनाव लड़ने के फरमान की वजह से हारा
बैठक के बाद सतना सांसद गणेश सिंह ने कहा कि अचानक विधानसभा चुनाव लड़ने का आदेश हुआ, इसलिए हार का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि जब कोई व्यक्ति ज्यादा मार्जिन से हारता है, तो उसके कारण कुछ और हो सकते हैं। लेकिन यदि कोई कम मार्जिन से हारता है तो निश्चित रूप से कहीं ना कहीं अपनी ही कमी रह जाती है कि हम ठीक से कवर नहीं कर पाए।
कमलनाथ की वजह से छिंदवाड़ा की सभी सीटें हारी
परासिया की विधानसभा प्रत्याशी रहीं ज्योति डेहरिया का कहना है कि चुनाव में जिन लोगों ने पार्टी के खिलाफ काम किया, उन मामलों को लेकर आवेदन बनाकर देना है और अकेले में बैठकर बात करनी है। सारी बातों से संगठन को बता दिया है। छिंदवाड़ा की सातों सीटों हारने पर ज्योति ने कहा कि कमलनाथ मुख्यमंत्री पद के दावेदार थे, इस वजह से सातों सीटें हारी है।
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