दिल्ली के बीकानेर हाउस से रेहान वाड्रा की फोटो प्रदर्शनी से 74 तस्वीरें हटाईं, प्रियंका-गहलोत ने उठाए सवाल
दिल्ली में राजस्थान के बीकानेर हाउस में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के बेटे रेहान वाड्रा की फोटो प्रदर्शनी से तस्वीरें हटाए जाने के आरोप पर सियासत गरमा गई है। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस मामले को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। प्रियंका गांधी ने कहा कि बेटे पर गर्व है।
गहलोत ने बताया लोकतंत्र पर हमला
More than 70 photographs were removed from Raihan Vadra’s photo exhibition at Bikaner House in Delhi. Bikaner House is the property of the Rajasthan government. This means that, under the watch of the BJP government, the artistic expression of a young artist was stifled, which is highly condemnable.Several photographs in the exhibition depicted youth movements in Delhi. The truth that comes before the public is what frightens the BJP the most. A government that is rattled by a photo exhibition wants to conceal the unjustified actions taken during these movements.Raihan Vadra was asked to remove two photographs featuring the Tricolour, but he categorically refused to do so. His resolve is commendable. He has demonstrated that there can be no compromise when it comes to respecting the Tricolour.Suppressing the voices of artists is a direct attack on democracy. This is a clear example of censorship. The BJP government must answer why photographs depicting the truth were removed.
— Ashok Gehlot (@ashokgehlot51) October 22, 2026
105 में से 74 तस्वीरें हटाने को कहा
रेहान ने बताया कि बीकानेर हाउस प्रबंधन ने तस्वीरों की राजनीतिक प्रकृति और उन्हें दिखाने के समय पर आपत्ति जताई। उनके मुताबिक, बुधवार दोपहर करीब 3:30 बजे लिखित निर्देश मिला कि शाम 5 बजे तक तस्वीरें हटा दी जाएं, अन्यथा प्रदर्शनी रद्द की जा सकती है। प्रदर्शनी शाम 7 बजे शुरू होनी थी।
उनका कहना है कि तस्वीरों में पिछले छह महीने के दौरान दिल्ली में हुए छात्र और युवा आंदोलनों को कैमरे में कैद किया गया था। प्रदर्शनी में वन्यजीवों की तस्वीरें और अमूर्त कला से जुड़ी कृतियां भी शामिल थीं।
तिरंगे वाली तस्वीरों पर भी विवाद
रेहान का कहना है कि उनका उद्देश्य आंदोलनों का दस्तावेजीकरण करना था, न कि किसी राजनीतिक दल का प्रचार करना। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदर्शनी की रूपरेखा पहले ही प्रबंधन के साथ साझा की गई थी। इसके बावजूद आखिरी समय पर तस्वीरें हटाने का निर्देश दिया गया।
तस्वीरें हटाने के बाद खाली फ्रेम लगाने की कोशिश भी की गई, लेकिन रेहान के मुताबिक, प्रबंधन ने खाली फ्रेमों पर भी आपत्ति जताई। अंत में प्रदर्शनी में करीब 35 तस्वीरें ही बचीं।
प्रियंका गांधी बोलीं- बेटे पर गर्व है
.@raihanrvadra When someone with power becomes afraid of the expression of another, he doesn’t know it, but he has already lost the very power he is trying to protect. You stand for what is true and everything beautiful will find its way to you. I am proud of you, always will be.❤️ mama
— Priyanka Gandhi Vadra (@priyankagandhi) October 22, 2026
गहलोत ने भाजपा सरकार पर साधा निशाना
गहलोत ने कहा कि प्रदर्शनी में दिल्ली के युवा आंदोलनों से जुड़ी तस्वीरें थीं। उन्होंने सवाल किया कि यदि तस्वीरों में दिखाई गई घटनाएं गलत नहीं थीं, तो उन्हें हटाने की जरूरत क्यों पड़ी। गहलोत ने इस कार्रवाई को सेंसरशिप का उदाहरण बताते हुए सरकार से जवाब मांगा। ये आरोप कांग्रेस नेताओं की ओर से लगाए गए हैं।
बीकानेर हाउस की भूमिका पर सवाल
प्रदर्शनी 25 अक्टूबर तक जारी रहने वाली है। रेहान ने कहा है कि वह हटाई गई तस्वीरों को किसी दूसरे स्थान पर प्रदर्शित करने की कोशिश करेंगे। फिलहाल बीकानेर हाउस प्रशासन का पक्ष सामने नहीं आया है। ऐसे में तस्वीरें हटाने के कारणों और नियमों को लेकर उठे सवालों पर आधिकारिक स्पष्टीकरण का इंतजार है।
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