सरकारी जमीन को निजी बताकर 8 लाख की ठगी, प्रधान के बेटे पर मामला दर्ज
समझें क्या है पूरा मामला
- अलवर जिले में रामगढ़ के प्रधान नसरू खान के बेटे के खिलाफ एफआईआर दर्ज।
- बेटे महबूब खान पर रियल एस्टेट व्यवसायी से 8 लाख रुपए की ठगी का आरोप।
- महबूब ने व्यवसायी को सरकारी भूमि को दिखाकर बताया था खुद की जमीन।
- असलियत पता चलने पर व्यवसायी ने पैसे वापस मांगे तो देने से कर दिया इनकार।
- पुलिस अब दस्तावेजों और आरोपों की बारीकी से कर रही जांच।
सुनील जैन@अलवर
राजस्थान में अलवर जिले से धोखाधड़ी और जालसाजी का मामला सामने आया है। रामगढ़ पंचायत समिति की प्रधान नसरू खान के बेटे पर सरकारी भूमि को अपनी निजी संपत्ति बताकर दिल्ली के एक रियल एस्टेट व्यवसायी से 8 लाख रुपए की ठगी करने का गंभीर आरोप लगा है।
इस मामले में पुलिस ने प्रधान के पुत्र महबूब खान और उसके सहयोगियों के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक षड्यंत्र और जान से मारने की धमकी देने का केस दर्ज किया है।
क्या है पूरा मामला?
बगड़ तिराहा थाना पुलिस के अनुसार पूरा विवाद राज्य सरकार की बेशकीमती जमीन के सौदे से जुड़ा हुआ है। पुलिस को दी गई शिकायत में दिल्ली के रियल एस्टेट कारोबारी ने बताया कि आरोपी महबूब खान और उसके साथियों ने मिलकर उसे अपने जाल में फंसाया।
आरोपियों ने गांव बगड़ राजपूत में सरकार की स्वामित्व वाली भूमि को अपनी पैतृक संपत्ति बताया। इसका खसरा संख्या 1789 है। उन्होंने पीड़ित को झांसा दिया कि यह करीब 24.5 बीघा भूमि सीधे मुख्य सड़क से जुड़ी हुई है। इसकी व्यावसायिक कीमत बहुत अधिक है। आरोपियों ने सरकारी दस्तावेजों और भूमि रिकॉर्ड की असलियत को जानबूझकर छिपाया ताकि वे मोटी रकम ऐंठ सकें।
8 लाख की एडवांस राशि ली
पुलिस के मुताबिक यह पूरा सौदा 10 मार्च 2026 को तय हुआ था। सरकारी जमीन को निजी संपत्ति मानकर पीड़ित व्यवसायी आरोपियों के झांसे में आ गया। उसने जमीन खरीदने के नाम पर 8 लाख रुपए एडवांस राशि के रूप में महबूब खान को सौंप दिए।
जब पीड़ित को बाद में जमीन के सरकारी होने का पता चला और उसने अपने पैसे वापस मांगे, तो आरोपियों ने पैसे लौटाने से साफ इनकार कर दिया। शिकायत में यह भी बेहद गंभीर आरोप लगाया गया है कि पैसे वापस मांगने पर पीड़ित को जान से मारने की धमकी दी गई।
पुलिसिया कार्रवाई और जांच
बगड़ तिराहा थाना पुलिस के अनुसार पीड़ित की शिकायत के आधार पर मुख्य आरोपी महबूब खान और उसके अन्य सहयोगियों के खिलाफ आईपीसी/भारतीय न्याय संहिता की सुसंगत धाराओं के तहत धोखाधड़ी, आपराधिक षड्यंत्र (क्रिमिनल कॉन्सपिरेसी), सरकारी अभिलेखों (रिकॉर्ड्स) में छेड़छाड़ और जान से मारने की धमकी देने के आरोपों में मामला दर्ज कर लिया गया है।
पुलिस ने बताया कि संबंधित भूमि के राजस्व दस्तावेजों, खसरा नंबर 1789 के रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन के सबूतों की बारीकी से जांच की जा रही है। जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे। पुलिस का कहना है कि कानून के मुताबिक निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
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