आसाराम की अंतरिम जमानत का सरकार ने किया विरोध, कोर्ट ने मांगी मेडिकल रिपोर्ट
समझें क्या है पूरा मामला
- राजस्थान सरकार ने आसाराम की अंतरिम जमानत याचिका का सुप्रीम कोर्ट में विरोध किया है।
- आसाराम ने खराब स्वास्थ्य का हवाला देकर जमानत की मांग की थी।
- सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि आसाराम की सेहत फिलहाल ठीक है।
- सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सरकार से आसाराम की स्वास्थ्य रिपोर्ट मांगी है।
- मामले में अगली सुनवाई 21 जुलाई को होगी, 2013 दुष्कर्म केस में सजा बरकरार है।
राजस्थान सरकार ने आसाराम की जमानत याचिका का सुप्रीम कोर्ट में कड़ा विरोध किया है। आसाराम नाबालिग से दुष्कर्म मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं। उन्होंने खराब स्वास्थ्य का हवाला देकर अंतरिम जमानत की मांग की है।
इस याचिका पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। जस्टिस एम. एम. सुंदरेश और जस्टिस पी. बी. वराले की पीठ ने मामले की सुनवाई की।
सॉलिसिटर जनरल ने किया विरोध
सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने आसाराम की जमानत अर्जी का विरोध किया। उन्होंने अदालत को आसाराम के स्वास्थ्य से जुड़ी अहम जानकारी दी।
मेहता ने बताया कि आसाराम करीब तीन महीने पहले अयोध्या और काशी विश्वनाथ की यात्रा पर गए थे। उन्होंने कहा कि इस यात्रा के दौरान आसाराम पैदल चले थे। इसी आधार पर उन्होंने दावा किया कि आसाराम फिलहाल स्वस्थ हैं।
कोर्ट बोला, राज्य की रिपोर्ट पर होगा फैसला
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जमानत देने का फैसला राज्य सरकार की रिपोर्ट के आधार पर ही लिया जाएगा। अदालत ने स्पष्ट किया कि अगर राज्य यह बताता है कि स्वास्थ्य के आधार पर जमानत की जरूरत नहीं है, तो जमानत नहीं दी जाएगी।
हालांकि अदालत ने यह भी कहा कि अगर स्वास्थ्य स्थिति वाकई गंभीर हो, तो किसी अनहोनी से बचने के लिए सीमित अवधि की अंतरिम जमानत पर विचार किया जा सकता है।
21 जुलाई को होगी अगली सुनवाई
तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि फिलहाल आसाराम की सेहत ठीक बताई जा रही है। उन्होंने दोहराया कि तीन महीने पहले आसाराम अयोध्या और काशी विश्वनाथ पैदल गए थे।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार इस मामले में विस्तृत निर्देश लेकर औपचारिक जवाब दाखिल करेगी। अदालत ने राजस्थान सरकार से आसाराम की स्वास्थ्य रिपोर्ट मांगी है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 21 जुलाई को होगी।
2013 का है यह मामला
यह पूरा मामला 2013 में जोधपुर में एक नाबालिग साधिका से दुष्कर्म से जुड़ा है। इसी मामले में आसाराम की सजा के खिलाफ अपील पर सुनवाई चल रही है।
राजस्थान हाई कोर्ट ने पहले आसाराम की सजा को बरकरार रखा था। इसके खिलाफ उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। आसाराम ने जून 2026 में हाई कोर्ट के मई 2026 के फैसले को चुनौती दी थी।
हाई कोर्ट ने आईपीसी (IPC – Indian Penal Code) की धारा 376डी यानी सामूहिक दुष्कर्म और पॉक्सो (POCSO – Protection of Children from Sexual Offences) अधिनियम की कुछ धाराओं के तहत लगी सजा को रद्द कर दिया था। लेकिन आईपीसी की धारा 376 के तहत उनकी दोषसिद्धि और आजीवन कारावास की सजा को बरकरार रखा गया था।
FAQ
- आसाराम ने जमानत के लिए क्या आधार बताया है?
आसाराम ने खराब स्वास्थ्य का हवाला देकर सुप्रीम कोर्ट में अंतरिम जमानत की मांग की है। राजस्थान सरकार ने इस याचिका का कड़ा विरोध किया है। - सुप्रीम कोर्ट ने आसाराम के जमानत मामले में क्या कहा है?
कोर्ट ने कहा कि जमानत का फैसला राज्य सरकार की स्वास्थ्य रिपोर्ट के आधार पर लिया जाएगा। अगर स्थिति गंभीर हो तो सीमित अवधि की जमानत पर विचार हो सकता है। - आशाराम जेल में क्यों बंद है।
यह मामला 2013 में जोधपुर में एक नाबालिग साधिका से दुष्कर्म से जुड़ा है। इसी में आसाराम को आजीवन कारावास की सजा मिली है।
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