एक्सप्रेस-वे से जुड़ेगा बांदीकुई, NHAI ने जारी किये 14 करोड़ के टेंडर
समझें क्या है पूरा मामला
- बांदीकुई-द्वारापुरा के पास दिल्ली-मुंबई और बांदीकुई-जयपुर एक्सप्रेस-वे पर नया एंट्री-एग्जिट प्वाइंट बनेगा।
- NHAI ने कट निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिस पर 14.3 करोड़ रुपए खर्च होंगे।
- टेंडर आवेदन की अंतिम तारीख 31 अगस्त और खोलने की तारीख 1 सितंबर तय है।
- नया कट बनने से बांदीकुई क्षेत्र के लोगों को लंबा चक्कर लगाने से राहत मिलेगी।
- परियोजना को एक साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे कनेक्टिविटी बेहतर होगी।
बांदीकुई इलाके के लोगों को जल्द बड़ी राहत मिलने वाली है। दिल्ली-मुंबई और बांदीकुई-जयपुर एक्सप्रेस-वे पर बांदीकुई-द्वारापुरा के पास नया एंट्री-एग्जिट प्वाइंट बनेगा। एनएचएआई (NHAI – National Highways Authority of India) ने इसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। कट निर्माण पर करीब 14.3 करोड़ रुपए खर्च होंगे। परियोजना को एक साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
एनएचएआई ने इस कट के निर्माण के लिए ऑनलाइन आवेदन मंगाए हैं। आवेदन की अंतिम तारीख 31 अगस्त तय की गई है। टेंडर 1 सितंबर को खोले जाएंगे। इसके बाद निर्माण कार्य को आगे बढ़ाया जाएगा।
बांदीकुई-जयपुर एक्सप्रेस-वे की पूरी जानकारी
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे को जयपुर से जोड़ने के लिए एनएचएआई ने बांदीकुई-जयपुर ग्रीनफील्ड फोरलेन एक्सप्रेस-वे बनाया है। इसकी कुल लंबाई 66.91 किलोमीटर है। इसमें से करीब 32.7 किलोमीटर हिस्सा दौसा जिले में आता है। बाकी 34.1 किलोमीटर हिस्सा जयपुर जिले की सीमा में है।
इस एक्सप्रेस-वे के शुरू होने से जयपुर और दिल्ली के बीच सीधी कनेक्टिविटी मिल गई है। इसका एक बड़ा फायदा जयपुर-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग को भी हुआ है। इस पुराने राजमार्ग पर यातायात का दबाव अब कम हो गया है।
अभी कहां-कहां मिलती है एंट्री-एग्जिट सुविधा
फिलहाल इस एक्सप्रेस-वे पर सीमित जगहों पर ही चढ़ने-उतरने की सुविधा है। अभी भेड़ोली, खुरीखुर्द, सुंदरपुरा, हीरावाला और बगराना में ही एंट्री-एग्जिट प्वाइंट मौजूद हैं। बांदीकुई क्षेत्र के लोगों को इनमें से किसी भी प्वाइंट तक पहुंचने के लिए काफी दूरी तय करनी पड़ती है।
इसी वजह से क्षेत्र के लोग लंबे समय से बांदीकुई में भी एक कट बनाने की मांग कर रहे थे। यह मांग सिर्फ सुझाव तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसे लेकर स्थानीय स्तर पर लगातार प्रयास होते रहे।
विधायक ने केंद्रीय मंत्री तक पहुंचाई मांग
इस कट की स्वीकृति के लिए क्षेत्रीय विधायक लगातार प्रयासरत रहे। हाल ही में पिनान रेस्ट एरिया में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने यह मांग केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के सामने रखी।
इस पर केंद्रीय मंत्री ने भरोसा दिलाया कि एक महीने के भीतर टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। अब यह भरोसा हकीकत में बदलता दिख रहा है, क्योंकि टेंडर प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
अभी कितनी दूर जाना पड़ता है
फिलहाल दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे पर चढ़ने के लिए क्षेत्र के लोगों को भांडारेज या करीब 30 किलोमीटर दूर पिनान तक जाना पड़ता है। वहीं बांदीकुई-जयपुर एक्सप्रेस-वे पर जाने के लिए भेड़ोली तक की दूरी तय करनी पड़ती है।
यह दूरी रोजाना सफर करने वालों के लिए काफी असुविधाजनक साबित होती है। समय के साथ ईंधन का खर्च भी बढ़ जाता है। नया कट बनने के बाद यह परेशानी काफी हद तक कम हो जाएगी।
नए कट से क्या फायदा होगा
नया एंट्री-एग्जिट प्वाइंट बनने से क्षेत्र के लोगों को आवागमन में सीधी सुविधा मिलेगी। इससे समय और ईंधन दोनों की बचत होगी। रोजाना सफर करने वाले लोगों को अब लंबा चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा।
इसका फायदा सिर्फ स्थानीय लोगों तक सीमित नहीं रहेगा। बाहर से आने वाले श्रद्धालु और पर्यटक भी इसका सीधा लाभ उठा सकेंगे। मेहंदीपुर बालाजी और आभानेरी की चांदबावड़ी जैसे धार्मिक व पर्यटक स्थलों तक पहुंचना पहले से आसान हो जाएगा।
एक्सप्रेस-वे नेटवर्क का बड़ा फायदा
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे देश के सबसे बड़े और आधुनिक एक्सप्रेस-वे नेटवर्क में गिना जाता है। इसे जयपुर से जोड़ने वाला यह ग्रीनफील्ड फोरलेन कॉरिडोर क्षेत्र के लिए बड़ा बदलाव लेकर आया है। जैसे-जैसे नए एंट्री-एग्जिट प्वाइंट जुड़ेंगे, वैसे-वैसे इसका फायदा और ज्यादा गांवों-कस्बों तक पहुंचेगा।
बांदीकुई जैसे इलाकों के लिए यह कट सिर्फ एक सड़क सुविधा नहीं, बल्कि आर्थिक और सामाजिक जुड़ाव का जरिया भी बनेगा। स्थानीय व्यापार और आवागमन दोनों को इससे रफ्तार मिल सकती है।
आगे की प्रक्रिया क्या रहेगी
टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण एजेंसी तय होगी। इसके बाद जमीनी स्तर पर काम शुरू किया जाएगा। एनएचएआई का लक्ष्य है कि पूरा कट एक साल के भीतर तैयार हो जाए।
क्षेत्र के लोगों को अब निर्माण कार्य शुरू होने का इंतजार है। स्थानीय प्रशासन और एनएचएआई अधिकारी इस पूरी प्रक्रिया पर नजर बनाए हुए हैं। तय समयसीमा में काम पूरा होने पर बांदीकुई क्षेत्र को हाईवे नेटवर्क से सीधा जुड़ाव मिल जाएगा।
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