बैंक ने 618 किसानों को 61 लाख रुपए किए वापस, फसल बीमा के नाम पर काट ली थी राशि
राजस्थान में अलवर जिले के नौगांवा में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया (Central Bank of India) में फसल बीमा के नाम पर काटे 61.8 लाख रुपए वापस खातों में जमा कर दिए। बैंक अधिकारियों ने बैंक की गलती मानते हुए 618 किसानों के खातो से कटे 10-10 हजार रुपए सभी किसानों के खाते में वापस कर दिए हैं। इस मामले में आई शिकायत की बैंक ने टीम भेजकर जांच की। इसके बाद यह राशि वापस किसानों के खाते में जमा की गई।
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की नौगांवा शाखा के प्रबंधक दीपक शर्मा ने बताया कि तकनीकी खराबी के कारण 618 किसान खाताधारकों के खातो से प्रत्येक के खाते से 10000-10000 रुपए की राशि कट गई थी। इसे किसानों के खाते में वापस कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि फसल बीमा लेने वाले किसान को निर्धारित अवधि तक ऑप्टइन फॉर्म भरकर जमा कराना है। फसल के प्रकार एवं जमीन के रकबे के अनुसार फसल बीमा का प्रीमियम लिया जाएगा।
मैसेज आए, तो किसान भागे बैंक
30 जुलाई को नौगांवा की सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया शाखा से सैकड़ों खाताधारकों के खातों से अचानक 10000 रुपए कटने का मैसेज मोबाइल पर आते ही उनके पसीने छूट गए। सैकड़ों खाताधारक मैसेज मिलते ही बैंक पहुंच गए और जमकर हंगामा किया। बैंक कर्मी पहले तो खाताधारकों को बैंक से पैसे नहीं काटने की बात कहकर टरकाते रहे। जब सैकड़ों खाताधारकों ने बैंक पहुंचकर घेराव किया, तो फसल बीमा की राशि कटने की बात कहकर पल्ला झाड़ने लगे। खाताधारकों के बढ़ते विरोध को देखकर उनसे ऑप्टआउट फॉर्म भरकर जमा करने को कहा गया।
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ऑप्टआउट फॉर्म भरने वाले को ही मिलेगी राशि
बैंक मैनेजर दीपक शर्मा ने बताया कि 618 खाताधारक, जिन्होंने किसान क्रेडिट कार्ड बनवा रखा है, उनके खातों से 10000 रुपए की राशि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत काटी गई थी। जो खाताधारक बीमा नहीं करवाना चाहता, वो ऑप्टआउट फॉर्म भरकर बैंक में जमा करवा सकता है। 15 अगस्त तक पैसे वापस करने की बात कही गई।
खाताधारकों के बिना सहमति के काटे
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के 618 खाताधारकों से बिना फसल बीमा की सहमति लिए खातों से राशि काट ली गई, लेकिन अब उनकी असहमति के लिए उनसे ऑप्टआउट फॉर्म भरवाया जा रहा है। नियमानुसार राशि काटने से पहले किसान की सहमति होना जरूरी है।
FAQ
- 1. बैंक ने क्यों किसानों से पैसे काटे थे?
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने तकनीकी खराबी के कारण किसानों के खातों से बिना उनकी सहमति के फसल बीमा प्रीमियम के रूप में पैसे काटे थे। - 2. किसानों को अपनी राशि कैसे वापस मिलेगी?
किसान ऑप्टआउट फॉर्म भरकर अपनी राशि वापस पा सकते हैं, और यह प्रक्रिया 15 अगस्त तक पूरी कर दी जाएगी। - 3. क्या सभी खाताधारकों से पैसे काटे गए थे?
नहीं, केवल उन किसानों से पैसे काटे गए थे जिनके पास किसान क्रेडिट कार्ड था और जिन्होंने फसल बीमा योजना का विकल्प चुना था।
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