बच्चों को भूखे पेट दे दी आयरन और फोलिक एसिड की गोली, 12 से अधिक बच्चे पहुंचे हॉस्पिटल

Ashish Bhardwaj | May 16, 2026, 20:35 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान में ब्यावर के नागोला स्कूल में बच्चों को खाली पेट आयरन एवं फोलिक एसिड की गोली दे दी गई। इससे एक दर्जन से अधिक बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। बच्चों को पेट दर्द, उल्टी और सिरदर्द की शिकायत पर बच्चों को तुरंत हॉस्पिटल ले जाया गया

News In Short

  • ब्यावर स्कूल में बच्चों ने आयरन और फोलिक एसिड की गोलियां लीं।
  • कुछ बच्चों की तबीयत बिगड़ने पर स्कूल ने उन्हें तुरंत अस्पताल भेजा।
  • बच्चों ने पेट दर्द, सिरदर्द और उल्टी की शिकायत।
  • स्वास्थ्य केंद्र में प्राथमिक उपचार के बाद सभी बच्चों की हालत सामान्य।

News In Detail

राजस्थान में ब्यावर के नागोला कस्बे के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में शनिवार 16 मई को आयरन और फोलिक एसिड की गोलियां खाने के बाद 12 से अधिक बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। स्कूल स्टाफ ने बच्चों को तुरंत राजकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। जहां प्राथमिक उपचार के बाद सभी बच्चों को छुट्टी दे दी गई।



घटना का विवरण

स्वास्थ्य एवं शिक्षा विभाग द्वारा चलाए जा रहे एनीमिया मुक्त भारत अभियान के तहत कक्षा 6 से 8 तक के विद्यार्थियों को आयरन गोलियां दी गई थीं।


कुछ बच्चों ने सुबह भोजन नहीं किया था और उन्हें खाली पेट 250 mg आयरन की गोली दी गई। गोली खाने के तुरंत बाद बच्चों को पेट दर्द, सिरदर्द, चक्कर और उल्टी की शिकायत हुई।



स्कूल स्टाफ ने तुरंत भेजा हॉस्पिटल

स्कूल स्टाफ ने तुरंत बच्चों को हॉस्पिटल भेजा। चिकित्सकों ने बच्चों की जांच और प्राथमिक उपचार किया। बच्चों को कुछ समय तक हॉस्पिटल में भर्ती रखा गया। जब बच्चों की स्थिति सामान्य हो गई तो उन्हें छुट्टी दे दी गई। चिकित्सकों ने अभिभावकों को समय पर भोजन करने और आराम करने की सलाह दी।



क्यों दी गई बच्चों को गोलियां

स्वास्थ्य एवं शिक्षा विभाग सरकारी और निजी विद्यालयों में 5 से 19 वर्ष तक के बच्चों को नियमित रूप से आयरन और फोलिक एसिड सप्लीमेंट्स देता है।


इन गोलियों का उद्देश्य बच्चों में एनीमिया और खून की कमी को रोकना है। नियमित सेवन से बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार होता है।



विशेषज्ञों की राय

राजकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र डॉ. नितेश सैनी के अनुसार आयरन और फोलिक एसिड की गोलियां सामान्यतः सुरक्षित हैं।



इस घटना में बच्चों ने खाली पेट दवा ली और अत्यधिक गर्मी के कारण परेशानी हुई। सभी बच्चों को प्राथमिक उपचार के बाद सुरक्षित घर भेजा गया।



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