भूपेंद्र यादव की बिसात पर क्रय-विक्रय समिति में भाजपा का कब्जा, कांग्रेस को झटका
समझें क्या है पूरा मामला
- अलवर क्रय-विक्रय सहकारी समिति को 12 साल बाद मिला नया अध्यक्ष।
- भाजपा के संजय नरूका निर्विरोध अध्यक्ष निर्वाचित घोषित हुए।
- नरूका की जीत के लिए केंद्रीय मंत्री भपेंद्र यादव ने बिछाई थी सियासी बिछात।
- भाजपा की जीत कांग्रेस नेता भंवर जितेंद्र सिंह और टीकाराम जूली के लिए झटका।
- संजय नरूका की घोषणा, अलवर में खुलेगा सहकारी समिति का पहला पेट्रोल पंप।
सुनील जैन @ अलवर
Alwar: राजस्थान के अलवर जिले की सहकारिता राजनीति में एक बार फिर बड़ा सियासी उलटफेर देखने को मिला है। लगभग 12 साल के लंबे इंतजार के बाद अलवर क्रय-विक्रय सहकारी समिति को नया नेतृत्व मिल गया है।
केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव की रणनीतिक बिसात के चलते भारतीय जनता पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष संजय सिंह नरूका निर्विरोध अध्यक्ष चुन लिए गए हैं। वहीं, लक्ष्मी नारायण सैनी को उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
अलवर की राजनीति के गलियारों में इस चुनाव के नतीजों को भूपेंद्र यादव का बड़ा मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है। इससे पहले अलवर सरस डेयरी चुनाव में नितिन सागवान को निर्विरोध अध्यक्ष बनाकर उन्होंने सहकारिता पर अपनी पकड़ का अहसास कराया था।
अब ठीक उसी तर्ज पर क्रय-विक्रय समिति में भी नरूका की ताजपोशी कराकर उन्होंने अपने राजनीतिक कौशल का लोहा मनवा दिया है।
जूली और जितेंद्र सिंह को तगड़ा झटका
इस पूरे चुनावी ड्रामे का रोचक पहलू यह रहा कि पूरे घटनाक्रम में मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस दूर-दूर तक कहीं नजर नहीं आई।
अलवर को पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं कांग्रेस महासचिव भंवर जितेंद्र सिंह और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली का मजबूत राजनीतिक गढ़ माना जाता है।
इसके बावजूद सहकारिता के इतने बड़े मंच पर कांग्रेस का कोई मजबूत घेराबंदी या मुकाबला न कर पाना चौंका रहा है। इसे भंवर जितेंद्र सिंह और टीकाराम जूली के लिए सीधे राजनीतिक डेंट के रूप में देखा जा रहा है।
निर्विरोध निर्वाचन का पूरा गणित
चुनाव की प्रक्रिया 13 जुलाई से शुरू हुई। इसमें केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव और राजस्थान के वन मंत्री संजय शर्मा की रणनीति इतनी सटीक रही कि सबसे पहले 11 संचालक मंडल सदस्य निर्विरोध चुने गए।
इनमें 5 व्यक्तिगत श्रेणी से और 6 सहकारी समितियों के प्रतिनिधि शामिल थे। इसके बाद इन सभी 11 सदस्यों ने एक राय होकर संजय सिंह नरूका को अध्यक्ष और लक्ष्मी नारायण सैनी को उपाध्यक्ष चुना।
भाजपा सूत्रों का कहना है कि भूपेंद्र यादव ने नरूका को किसी अहम पद पर बैठाने का वादा किया था। इसी क्रम में नरूका को अलवर क्रय-विक्रय सहकारी समिति की कमान दी गई।
नरूका भाजपा के जिला अध्यक्ष रह चुके हैं। इसके साथ ही वह अलवर नगर निगम के सभापति भी रह चुके हैं।
निर्विरोध चुने गए प्रमुख सदस्य
सहकारी समितियों से: तीजो मीणा (बरखेड़ा), फखरुद्दीन (सालपुर), महेश गुर्जर (अकबरपुर), मुकेश गुर्जर (रतनगढ़ पाला), सुरेश चंद्र व्यास (मालाखेड़ा) और हरिराम चौधरी (कलसाड़ा)।
व्यक्तिगत श्रेणी से: रामदयाल सैनी, शीला देवी, शांति सैनी व अन्य।
गौरतलब है कि समिति में अंतिम बार चुनाव वर्ष 2009 में हुए थे। तब महेंद्र शास्त्री अध्यक्ष बने थे। इसके बाद करीब 12 साल तक समिति में चुनावी गतिविधियां ठप रहीं।
फर्जी ऋण पर चलेगा हंटर
अध्यक्ष पद की कमान संभालते ही संजय सिंह नरूका एक्शन मोड में दिखे। उन्होंने किसानों के हितों को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बताया।
नरूका के अनुसार अलवर, ग्रामीण, थानागाजी और बानसूर क्षेत्र के किसानों को समय पर उर्वरक, बीज और सरकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा। समिति समर्थन मूल्य (MSP) पर कृषि उपज की पारदर्शी खरीद करेगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि फर्जी ऋण बांटने, व्यवस्थापकों की मनमानी और वित्तीय अनियमितताओं के मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी।
कर्ज में डूबी समितियों की समीक्षा कर दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी और समिति को आर्थिक रूप से मजबूत बनाया जाएगा।
अलवर में खुलेगा सहकारी समिति का पहला पेट्रोल पंप
नवनिर्वाचित अध्यक्ष नरूका ने बताया कि अलवर क्रय-विक्रय सहकारी समिति अपना पहला पेट्रोल पंप स्थापित करने जा रही है।
यह पेट्रोल पंप समिति कार्यालय और पुलिस अन्वेषण भवन के पास खोला जाएगा। इसके लिए हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) के साथ एमओयू हो चुका है।
फिलहाल जमीन के लैंड यूज़ चेंज की फाइल नगर विकास न्यास से आगे बढ़कर नगरीय विकास विभाग जयपुर में लंबित है। स्वीकृति मिलते ही इसका निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
सांगवान भी केंद्रीय मंत्री की देन
अलवर क्रय विक्रय सहकारी समिति के जिस तरह चुनाव हुए है, उसी तरह अलवर में 6 अक्टूबर 2025 को अलवर सरस डेयरी के चुनाव हुए थे।
पहले ही यह माना गया था कि केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के निजी सचिव नितिन सागवान सरस डेयरी के अध्यक्ष बनेंगे। उस वक्त भी सागवान का नाम सरस डेयरी के अध्यक्ष पद पर आने के बाद सबको चौंकाया था।
अकेले सांगवान का ही नामांकन हुआ था। इससे वह निर्विरोध निर्वाचित हो गए। नामांकन के मौके पर वन मंत्री संजय शर्मा, रामगढ़ विधायक सुखवंत सिंह, जिला अध्यक्ष अशोक गुप्ता सहित भाजपा के कई पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ता मौजूद थे।
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