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Photograph: (the sootr)
News in Short
गंगाराम योगी की साउथ अफ्रीका में इलाज के दौरान मृत्यु।
परिवार ने शव को भारत लाने की मांग की।
गंगाराम की मौत के बाद परिवार में शोक की लहर।
प्रशासन ने केंद्रीय मंत्री से संपर्क किया, शव लाने का आश्वासन।
गंगाराम साउथ अफ्रीका में मार्बल माइनिंग कंपनी में काम करते थे।
News in Detail
राजस्थान के एक व्यक्ति की दक्षिण अफ्रीका में मौत हो गई। अलवर में धमरेड गांव के रहने वाले गंगाराम योगी की यह मौत 11 फरवरी को साउथ अफ्रीका के लुसाका में हुई। गंगाराम लुसाका में एक मार्बल माइंस में होल मेजर का काम करता था। परिवार उसके शव को जल्द भारत लाने की गुहार लगा रहा है। केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने मृतक गंगाराम के शव को जल्द भारत लाने का आश्वासन दिया है।
बुखार से मौत की आई सूचना
गंगाराम के बेटे दीपक कुमार योगी ने बताया कि उसके पिता 15 अगस्त 2025 को साउथ अफ्रीका काम के लिए गए थे। तीन दिन से संपर्क नहीं हो पा रहा था। इसके बाद 11 फरवरी को गंगाराम के बड़े भाई के पास सूचना आई कि उन्हें बुखार था और इलाज के दौरान इंजेक्शन लगाने से उनके मुंह में झाग आ गए थे, जिससे उनकी मौत हो गई। परिवार ने सरकार से जल्द शव को भारत लाने की मांग की है।
प्रशासन और सरकार से सहायता
प्रशासनिक अधिकारी सीमा मीना ने बताया कि गंगाराम योगी साउथ अफ्रीका के लुसाका सिटी में मार्बल माइनिंग कंपनी में काम कर रहे थे। उन्हें इस बारे में सूचना मिली। उन्होंने केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव से बात की है। उन्होंने शव को शीघ्र भारत लाने का आश्वासन दिया है। परिवार ने शुक्रवार को ज्ञापन सौंपकर शव को वापस लाने की अपील की।
परिजनों ने उठाई यह मांग
गंगाराम के साले गणेश लाल योगी ने बताया कि उनके बहनोई केवल मजदूरी के लिए विदेश गए थे। उनके जाने से अब परिवार का सहारा छिन गया है। उनका बेटा और दो बेटियां गंगाराम के बिना अब अकेले हैं और उनका दुख बढ़ गया है। वे शीघ्र शव की वापसी चाहते हैं ताकि उनका अंतिम संस्कार भारत में किया जा सके। मृतक के परिवार में पत्नी सरोज देवी, बेटे दीपक और दो बेटियां मोनिका और काजल हैं। गंगाराम की मौत से परिवार में शोक की लहर है।
शव की वापसी के लिए संघर्ष
परिवार और स्थानीय प्रशासन ने गंगाराम का शव भारत लाने के लिए अपने प्रयासों को और तेज कर दिया है। केंद्रीय मंत्री और स्थानीय प्रशासन के आश्वासन के बावजूद, परिवार को अभी भी शव की वापसी का इंतजार है। सरकार और प्रशासन की मदद से जल्द ही शव को वापस लाने की उम्मीद है।
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