कोल्ड ड्रिंक माजा की बोतल में निकला प्लास्टिक का टुकड़ा, कंपनी पर 2.50 लाख का जुर्माना
News In Short
- जैसलमेर में कोल्ड ड्रिंक माजा की बोतल में मिला प्लास्टिक का टुकड़ा।
- उपभोक्ता आयोग ने कोका कोला पर लगाया 2.50 लाख का जुर्माना।
- तुषार पुरोहित ने सीलबंद बोतल में प्लास्टिक मिलने पर अदालत का रुख किया था।
- अदालत ने कहा कि कोका कोला ने गुणवत्ता नियंत्रण में लापरवाही बरती।
- 45 दिन में जुर्माना न भरने पर 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ अतिरिक्त जुर्माना।
News In Detail
जैसलमेर। पेय पदार्थों की दिग्गज कंपनी कोका कोला को उपभोक्ता अदालत से बड़ा झटका लगा है। जैसलमेर निवासी एक युवक को कोका कोला कंपनी के लोकप्रिय कोल्ड ड्रिंक माजा की सीलबंद बोतल के अंदर प्लास्टिक का टुकड़ा मिला। मामला जब उपभोक्ता आयोग पहुंचा तो उसने कंपनी की लापरवाही को गंभीर ठहराते हुए 2.50 लाख रुपए का जुर्माना लगाया।
केरेट खरीदते ही बोतल में दिखा प्लास्टिक का टुकड़ा
मामला जैसलमेर शहर के ढिब्बा पाड़ा इलाके का है। यहां रहने वाले तुषार पुरोहित ने 16 जुलाई 2025 को स्थानीय दुकानदार शिवम मार्केटिंग से 810 रुपए में कोका कोला कंपनी के ड्रिंक ‘माजा’ की एक पूरी केरेट खरीदी। उन्होंने परिवार और दोस्तों के साथ कोल्ड ड्रिंक पीने की सोची थी, लेकिन जैसे ही उन्होंने एक बोतल को ध्यान से देखा, उनके होश उड़ गए।
बोतल सीलबंद थी और उसे खोला तक नहीं गया था, फिर भी अंदर साफ तौर पर प्लास्टिक का एक टुकड़ा तैरता दिख रहा था। तुषार ने तुरंत अन्य बोतलों की भी जांच की। उन्होंने मामले की सूचना दुकानदार को दी, लेकिन जब कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो उन्होंने कानूनी रास्ता अपनाने का फैसला किया।
कंज्यूमर कोर्ट में पेश हुई सीलबंद बोतल
तुषार पुरोहित के वकील प्रथमेश आचार्य ने अदालत में वही सीलबंद बोतल पेश की, जिसमें प्लास्टिक का टुकड़ा साफ नजर आ रहा था। आयोग के अध्यक्ष पवन कुमार ओझा और सदस्य रमेश कुमार गोड ने बोतल का मुआयना किया और पाया कि बोतल के अंदर वास्तव में कोई बाहरी पदार्थ है, जो पीने लायक नहीं है।
कोका कोला कंपनी की ओर से यह सफाई पेश करने की कोशिश की गई कि उनकी मैन्युफैक्चरिंग प्रक्रिया बेहद सुरक्षित और आधुनिक है, लेकिन आयोग ने इस दलील को खारिज कर दिया। कोर्ट ने साफ कहा कि इतनी बड़ी अंतरराष्ट्रीय कंपनी होने के बावजूद पीने योग्य उत्पाद में प्लास्टिक का टुकड़ा मिलना गंभीर लापरवाही है।
2.50 लाख का जुर्माना, 45 दिन में भरना होगा पैसा
जिला उपभोक्ता आयोग ने 9 अप्रैल को फैसला सुनाते हुए कोका कोला कंपनी पर कुल 2.50 लाख रुपए का जुर्माना लगाया। आदेश के अनुसार 40,000 रुपए मानसिक परेशानी और हर्जाने के रूप में उपभोक्ता तुषार पुरोहित को दिए जाएंगे 10,000 रुपए कानूनी खर्च के तौर पर उपभोक्ता को अतिरिक्त मिलेंगे। बचे 2 लाख रुपए राज्य उपभोक्ता कल्याण कोष में जमा कराने होंगे।
कोर्ट ने कंपनी को यह राशि 45 दिनों के भीतर जमा कराने का आदेश दिया है। अगर देरी होती है तो 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ अतिरिक्त जुर्माना देना होगा।
आम उपभोक्ता की जीत
उपभोक्ता तुषार पुरोहित के वकील प्रथमेश आचार्य ने फैसले के बाद कहा, "यह फैसला उन सभी कंपनियों के लिए एक सख्त संदेश है जो गुणवत्ता नियंत्रण में लापरवाही बरतती हैं। खाने-पीने की वस्तुओं में किसी भी प्रकार की मिलावट या गंदगी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह आम उपभोक्ता की जीत है।"
उन्होंने यह भी कहा कि लोगों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होना चाहिए। अगर किसी को खाद्य पदार्थ या पेय पदार्थ में गंदगी मिलती है तो उसे चुप नहीं रहना चाहिए, बल्कि उपभोक्ता अदालत का दरवाजा जरूर खटखटाना चाहिए।
ये भी पढ़ें:-
बॉलीवुड स्टार सलमान की बढ़ी मुश्किलें, उपभोक्ता आयोग ने किया तलब
सलमान खान को पान मसाला विज्ञापन विवाद में मिली राहत, उपभोक्ता आयोग में व्यक्तिगत पेशी पर लगी रोक
एनसीईआरटी की किताब से हटा विवादित नक्शा, जैसलमेर-बीकानेर अब नहीं दिखेंगे मराठा साम्राज्य का हिस्सा
जैसलमेर आने वाले पर्यटकों की जेब होगी ढीली, एक फरवरी 2026 से लागू हो रहा यह टैक्स