कांग्रेस का नया फॉर्मूला, निकाय और पंचायतीराज चुनाव में 50% टिकट युवाओं को
समझें क्या है पूरा मामला
- पालिका व पंचायतीराज चुनाव में 50 साल से कम उम्र के युवाओं को 50 प्रतिशत टिकट।
- बार-बार वार्ड बदलने वाले नेताओं को नहीं मिलेगा टिकट,चुनावी राजनीति में स्थिरता आएगी।
- पार्टी की हिदायत,चुनाव जीतने के बाद दल-बदल या भीतरघात करने वालों से बचें।
- उदयपुर चिंतन शिविर के वादे को पहली बार फॉर्मूले को धरातल पर उतारा जा रहा है।
राजस्थान हाई कोर्ट के फैसले के बाद प्रदेश में स्थानीय निकायों और पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव की तैयारियां शुरू हो गई हैं। कांग्रेस और बीजेपी ने इसके लिए रणनीति बनानी शुरू कर दी है।
कांग्रेस ने इस बार शहरी निकायों और पंचायतीराज संस्थाओं के चुनावों में आधे टिकट 50 साल से कम उम्र वालों को देने का फैसला किया है। इस बार पार्षद, नगर पालिका अध्यक्ष, सभाापति और मेयर के आधे उम्मीदवार 50 साल से कम उम्र के बनाए जाएंगे।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने सोमवार को कांग्रेस मुख्यालय में शहरी निकायों के चुनावों की तैयारियों के सिलसिले में बुलाई गई बैठक के दौरान कहा कि,कांग्रेस ने घोषणा कर रखी है कि शहरी निकायों और पंचायतीराज संस्थाओं के चुनावों में 50 प्रतिशत टिकट 50 साल से कम उम्र वालों को देंगे।
जिनकी उम्र ज्यादा है वे अपनी जगह जवान उम्मीदवारों को तैयार करें। 70-80 साल वालों ने टिकट मांगा तो दिक्कत आएगी। हालांकि आधे टिकट तो 50 साल से ज्यादा वालों के लिए रहेंगे ही, लेकिन मैं पार्टी की थीम की बात कर रहा हूं।
वार्ड बदलने पर रहेगी रोक
डोटासरा ने कहा कि बार-बार वार्ड बदलकर चुनाव लड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी। एक वार्ड से दूसरे वार्ड में कूदने वाली बात अब नहीं चलेगी।
जीतने के बाद छोड़कर नहीं जाएं, इसका ध्यान रखें
उन्होंने कहा कि जो जीतने में सक्षम व्यक्ति जोड़-तोड़ करके अपना बोर्ड बना लेता है और चेयरपर्सन बन जाता है। कई कांग्रेस के टिकट पर जीते हुए भी चले जाते हैं।
हमें इस बात का खास ध्यान रखना है कि इस गंदगी में नहीं पड़ना है। पार्टी हाईकमान जिसे टिकट दे, निकाय प्रमुख बनाए उसके साथ खड़े रहना है।
उदयपुर डिक्लेरेशन में हुई थी 50 फीसदी टिकट युवाओं को देने की घोषणा
कांग्रेस ने मई 2022 में उदयपुर में हुई चिंतन बैठक के बाद जारी उदयपुर डिक्लेरेशन में 50 फीसदी टिकट 50 से कम उम्र वालों को देने की घोषणा की थी।
इसके बाद शहरी निकाय और पंचायतीराज चुनाव राजस्थान, में पहली बार इसका पालन होने जा रहा है। पहले इनके चुनाव एक साथ नहीं हुए थे। कांग्रेस ने चरणबद्ध तरीके से इस फार्मूले को लागू करने की घोषणा की थी।
पालिका और पंचायतीराज में युवाओं को मिलेगा ज्यादा मौका
कांग्रेस में इस बार निकायों और पंचायतीराज संस्थाओं में युवाओं को ज्यादा टिकट मिलेंगे। पहली बार 50 साल से कम उम्र वालों के टिकट रिजर्व करने से स्थानीय राजनीति में युवाओं को ज्यादा मौका मिलेगा। इससे स्थानीय सियासी समीकरण भी बदलेंगे।
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