कांग्रेस ने कहा-युवा शक्ति की विजय है शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा
समझें क्या है पूरा मामला
- अशोक गहलोत ने कहा कि तानाशाह सरकार को आखिरकार युवाओं के भारी आक्रोश के आगे झुकना ही पड़ा।
- टीकाराम जूली ने मांग की कि प्रधानमंत्री मोदी युवाओं पर हुए अत्याचार के लिए देश से माफी मांगें।
- गोविंद सिंह डोटासरा ने केंद्र सरकार से पेपर लीक के खिलाफ देश में सख्त राष्ट्रीय कानून बनाने की मांग की।
- कांग्रेस नेताओं ने इसे राहुल गांधी के संघर्ष और देश के छात्रों के एक महीने लंबे आंदोलन की बड़ी जीत बताया।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत,नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने इसे देश के युवाओं, छात्रों और लोकतंत्र की ऐतिहासिक जीत करार दिया है।
कांग्रेस नेताओं ने एक सुर में कहा है कि सड़क से लेकर संसद तक विपक्ष के लगातार दबाव और युवाओं के भारी आक्रोश के आगे आखिरकार तानाशाह सरकार को आखिरकार झुकना ही पड़ा।
जवाबदेही से भागने वाली सरकार को झुकना पड़ा
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी बनाने की मांग और पेपर लीक के खिलाफ राहुल गांधी व लाखों छात्रों का संघर्ष रंग लाया है। प्रधानमंत्री मोदी ने काफी समय तक धर्मेंद्र प्रधान का बचाव करने का प्रयास किया।
लेकिन उनका बचाव खोखला साबित हुआ। गहलोत ने कहा कि छात्रों पर पैलेट गन चलाने जैसी बर्बरता और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को घसीटने जैसी घटनाओं के बावजूद, लोकतंत्र की ताकत ने तानाशाही को हरा दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाली इस सरकार को जनता माफ नहीं करेगी और छात्रों को न्याय मिलने तक यह संघर्ष जारी रहेगा।
प्रधानमंत्री छात्रों से माफी मांगें और दोषियों पर हो सख्त कार्रवाई
राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने इस इस्तीफे को शिक्षा तंत्र को संवारने की दिशा में बड़ा कदम बताया। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर से लेकर संसद तक राहुल गांधी और कांग्रेस का संघर्ष पूरी तरह सफल रहा है।
जूली ने कहा है कि युवाओं पर लाठियां बरसाने,आंसू गैस छोड़ने और पैलेट गन चलाने पर प्रधानमंत्री को युवाओं से निसंकोच माफी मांगनी चाहिए। साथ ही हिंसा के दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
पेपर लीक को दबा रही है राज्य सरकार
जूली ने आरोप लगाया है कि राजस्थान में करीब एक दर्जन भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक हुए हैं। लेकिन राज्य सरकार इन्हें मात्र नकल का मामला बताकर दबा रही है। उन्होंने आंदोलित छात्रों को 'भाड़े के टट्टू' कहने वाले भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड और शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के लाठियों को 'कम' बताने वाले बयानों को घोर संवेदनहीन करार दिया।
यह जनशक्ति की जीत है,देश में बने सख्त राष्ट्रीय कानून
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि यह भारत के छात्रों की गूंज और उनके एक महीने लंबे संघर्ष और सत्य की जीत है।
डोटासरा ने पेपर लीक और टूटते सपनों के कारण जान गंवाने वाले छात्र-छात्राओं को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने मांग की कि NTA जैसी संस्थाओं में आमूल-चूल सुधार किया जाए और युवाओं पर दर्ज झूठी FIR तुरंत वापस ली जाएं।
डोटासरा ने कहा कि जिस प्रकार राजस्थान की पिछली कांग्रेस सरकार ने पेपर लीक के खिलाफ देश का सबसे कड़ा कानून बनाकर नजीर पेश की थी। उसी तर्ज पर पूरे देश में एक सख्त राष्ट्रीय कानून बनना बेहद जरूरी है।
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