अब नहीं होगी डॉक्टर की लिखावट समझने में परेशानी, लागू होगी नई व्यवस्था
Ashish Bhardwaj | Jul 25, 2026, 13:25 IST
ई-प्रिस्क्रिप्शन व्यवस्था लागू
राजस्थान के सरकारी अस्पतालों में 31 जुलाई तक ई-प्रिस्क्रिप्शन व्यवस्था लागू होगी। डॉक्टर टैबलेट पर पर्ची लिखेंगे, जो सीधे दवा वितरण केंद्र तक पहुंचेगी। कुछ बड़े अस्पतालों में तैयारी अधूरी है।
समझें क्या है पूरा मामला
- सरकारी अस्पतालों में अब डिजिटल पर्ची व्यवस्था लागू होगी।
- डॉक्टर टैबलेट या कंप्यूटर पर दवाइयां दर्ज करेंगे।
- पर्ची सीधे दवा केंद्र और लैब तक पहुंचेगी।
- व्यवस्था 31 जुलाई तक लागू करने का लक्ष्य है।
- मरीजों का मेडिकल रिकॉर्ड ABHA आईडी से जुड़ जाएगा।
सरकारी अस्पतालों में डॉक्टर की हाथ से लिखी पर्ची अब जल्द ही अतीत की बात हो जाएगी। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन यानी एनएचएम (NHM – National Health Mission) ने प्रदेश के जिला अस्पतालों से लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तक इलाज की प्रक्रिया को डिजिटल बनाने की तैयारी की है। अब डॉक्टर टैबलेट या कंप्यूटर पर मरीज की दवाइयां और जांच दर्ज करेंगे। इससे मरीज और मेडिकल स्टोर पर फार्मासिस्ट, दोनों आसानी से पर्ची समझ सकेंगे।
राज्य में यह व्यवस्था 31 जुलाई तक लागू करने का लक्ष्य रखा गया है। जयपुर के अलग-अलग अस्पतालों में तैयारी की स्थिति अलग-अलग है। इससे मरीजों को कई तरह की सुविधाएं और फायदे मिलने की उम्मीद है।
कैसे काम करेगी नई व्यवस्था
इसके बाद मरीज को सिर्फ दवा खिड़की या जांच केंद्र पर पहुंचना होगा। डॉक्टर की सलाह सिस्टम में उपलब्ध होते ही मरीज को दवा या जांच की सुविधा मिल सकेगी।
एनएचएम ने इंटीग्रेटेड हेल्थ मैनेजमेंट सिस्टम के डॉक्टर डेस्क मॉड्यूल और ई-प्रिस्क्रिप्शन को सरकारी चिकित्सा संस्थानों में शत-प्रतिशत लागू करने के निर्देश दिए हैं।
31 जुलाई तक का लक्ष्य
इसके बाद डॉक्टरों के हाथ से पर्ची लिखने की व्यवस्था पूरी तरह बंद करने की योजना है।
जयपुर में तैयारियों की अलग-अलग तस्वीर
वहीं जयपुर द्वितीय क्षेत्र में अभी इस सिस्टम के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर ही उपलब्ध नहीं हो पाया है। इससे वहां व्यवस्था लागू होने में देरी हो सकती है।
बड़े अस्पतालों में अनिश्चितता
प्रदेश के मेडिकल कॉलेज से संबद्ध अस्पतालों में ई-प्रिस्क्रिप्शन व्यवस्था कब तक शुरू होगी, इसे लेकर अभी अंदेशा बना हुआ है।
मरीजों को मिलेंगे ये फायदे
ई-प्रिस्क्रिप्शन मरीज की आभा आईडी यानी एबीएचए (ABHA – Ayushman Bharat Health Account) से लिंक रहेगा। इससे मरीज का पिछला मेडिकल इतिहास डिजिटल रूप में हमेशा उपलब्ध रहेगा।
इसके अलावा पर्ची खोने या फटने का डर भी खत्म हो जाएगा। मरीजों का समय बचेगा और अस्पतालों को दवाओं की खपत व उपलब्धता का सटीक डेटा भी मिल सकेगा।
FAQ
- सरकारी अस्पतालों में ई-प्रिस्क्रिप्शन व्यवस्था कब तक लागू होगी?
राज्य में इसे 31 जुलाई तक लागू करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद डॉक्टरों के हाथ से पर्ची लिखने की व्यवस्था बंद करने की योजना है। हालांकि कुछ अस्पतालों में तैयारी अभी अधूरी है। - ई-प्रिस्क्रिप्शन से मरीजों को क्या फायदा होगा?
डॉक्टर की लिखावट न समझ आने की समस्या खत्म होगी। मरीज का मेडिकल इतिहास डिजिटल रूप में उपलब्ध रहेगा और पर्ची खोने का डर भी नहीं रहेगा। इससे मरीजों का समय भी बचेगा। - क्या सभी अस्पतालों में ई-प्रिस्क्रिप्शन व्यवस्था एक साथ लागू होगी?
नहीं, तैयारी की स्थिति अलग-अलग अस्पतालों में अलग है। जयपुर प्रथम में एक अगस्त से लागू करने की कोशिश है, जबकि जयपुर द्वितीय में इंफ्रास्ट्रक्चर अभी तैयार नहीं है। SMS अस्पताल जैसे बड़े अस्पतालों में भी अभी स्पष्टता नहीं है।
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