टोंक में गश्त पर गए कॉन्स्टेबल की लाश मिली; बजरी माफियाओं पर हत्या का आरोप

Jageshwar prasad | May 04, 2026, 10:41 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान के टोंक में गश्त पर निकले कॉन्स्टेबल भागचंद का धारदार हथियार से गोदा हुआ शव मिला। परिजनों ने बजरी माफिया पर हत्या का आरोप लगाकर प्रदर्शन किया। प्रशासन द्वारा 1.10 करोड़ रुपए मुआवजे और सरकारी नौकरी की घोषणा के बाद शव का पोस्टमार्टम करवाया गया।

News In Short

  • टोंक के बनेठा थाने में तैनात कॉन्स्टेबल भागचंद का रुपवास मोड़ के पास लहूलुहान शव मिला।
  • मृतक के शरीर और गर्दन पर धारदार हथियार के निशान मिले हैं, जिससे हत्या की आशंका है।
  • परिजनों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने इस वारदात के पीछे बजरी माफिया का हाथ बताया।
  • इमरजेंसी वार्ड के बाहर कॉन्स्टेबल के परिजनों ने शव को रखकर दो घंटे तक प्रदर्शन किया।
  • प्रदर्शन के बाद प्रशासन ने 1.10 करोड़ रुपए की सहायता और अनुकंपा नियुक्ति की घोषणा की।

News In Detail

Tonk: राजस्थान के टोंक जिले से एक कॉन्स्टेबल की हत्या का मामला सामने आया है, जहां बनेठा थाना क्षेत्र की ककोड़ चौकी पर तैनात कॉन्स्टेबल भागचंद सैनी (26) का खून से सना शव सड़क किनारे मिला है। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव फैल गया और परिजनों ने बजरी माफियाओं पर हत्या का सीधा आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया। प्रशासन द्वारा मुआवजे और सरकारी नौकरी की घोषणा के बाद ही मामला शांत हो सका।



रात की गश्त और सुबह मिला शव

कॉन्स्टेबल भागचंद सैनी शनिवार रात करीब 12 बजे अपनी बाइक लेकर गश्त पर निकले थे। रविवार सुबह करीब 8 बजे ग्रामीणों ने उनियारा इलाके के रुपवास मोड़ पर एक शव और पास ही बाइक पड़ी देखी। मृतक के चेहरे, गर्दन और सीने पर धारदार हथियार से वार के गहरे निशान पाए गए हैं, जो हत्या की ओर इशारा करते हैं।



परिजनों का आरोप और प्रदर्शन

घटना की सूचना मिलते ही पूर्व पार्षद और मृतक के पिता कालू लाल सैनी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे। परिजनों और पूर्व विधायक अजीत सिंह मेहता ने आरोप लगाया कि जिले में सक्रिय बजरी माफिया ने भागचंद की बेरहमी से हत्या की है। सआदत अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड के बाहर परिजनों ने शव को रखकर दो घंटे तक प्रदर्शन किया और हत्यारों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।



1.10 करोड़ और नौकरी

तनाव को देखते हुए एसपी राजेश मीणा और एएसपी रतन लाल भार्गव ने परिजनों से वार्ता की। काफी समझाइश के बाद निम्नलिखित घोषणाओं पर सहमति बनी:



मुआवजा: परिवार को कुल 1 करोड़ 10 लाख रुपए से अधिक की आर्थिक सहायता दी जाएगी।



सरकारी नौकरी: परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी प्रदान की जाएगी।



राजकीय सम्मान: कॉन्स्टेबल का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा।



पत्नी का सम्मान: जिला पुलिस के आगामी कार्यक्रम में भागचंद की पत्नी को विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा।



व्यक्तिगत पृष्ठभूमि

भागचंद 2018 में पुलिस सेवा में भर्ती हुए थे। उनकी शादी करीब चार साल पहले हुई थी और उनका एक 21 महीने का बेटा है। वे अपने पांच भाई-बहनों में सबसे छोटे थे।



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