डेबॉक इंडस्ट्री पर ईडी का छापा : संचालक के 78 लाख रुपए नकद और 4 लग्जरी कारें सीज
Nitin Kumar Bhal | Jul 07, 2025, 14:42 IST
एआइ निर्मित चित्र। Photograph: (The Sootr)
ईडी ने डेबॉक इंडस्ट्रीज और नेचुरो इंडिया बुल पर छापा मारा, 78 लाख रुपए नकद और 4 लग्जरी कारें जब्त कीं। मुकेश मनवीर पर 100 करोड़ के घोटाले का आरोप।
ईडी (ED) ने राजस्थान (Rajasthan) में डेबॉक इंडस्ट्रीज और नेचुरो इंडिया बुल पर छापेमारी की और इस दौरान 78 लाख रुपए की नकद राशि के साथ चार लग्जरी कारें भी जब्त कीं। यह कार्रवाई कंपनी संचालक मुकेश मनवीर के खिलाफ की गई है, जिन पर 100 करोड़ रुपए से अधिक के घोटाले का आरोप है। साथ ही, नेचुरो इंडिया बुल के प्रमोटर्स गौरव जैन, ज्योति और अन्य पर भी कार्रवाई की जा रही है। ईडी ने जयपुर के वैशाली नगर व लोहिया कॉलोनी, टोंक और कोटा जैसे स्थानों पर छापे मारे थे। हालांकि, इस ऑपरेशन का मुख्य केंद्र जयपुर में मुकेश मनवीर का घर था। अधिकारियों के मुताबिक, यह कार्रवाई बड़े पैमाने पर वित्तीय धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों के तहत की गई है।
ईडी (Enforcement Directorate) के अधिकारियों ने बताया कि जब्त की गई गाड़ियों में रोल्स रॉयस, बेंटले, मर्सडीज और लैंडक्रूजर एसयूवी शामिल हैं। इन लग्जरी कारों का इस्तेमाल कथित तौर पर धोखाधड़ी के धन के अवैध उपयोग में किया जा रहा था।
मुकेश मनवीर के बारे में यह भी खुलासा हुआ है कि वह महाराष्ट्र से जुड़ी एक राजनीतिक पार्टी से संबंध रखता था, हालांकि कुछ समय से वह सक्रिय नहीं था। इसके अलावा, मनवीर ने अपने कार्यालय के बाहर एक पोस्टर भी लगवाया था, जिसमें उसने खुद को केंद्र की टेलीफोन एडवायजरी कमेटी का सदस्य होने का दावा किया था। यह दावा जांच के दायरे में है, क्योंकि इससे जुड़ी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है।
डेबॉक कंपनी की वेबसाइट के अनुसार 30 जून 1977 को जन्मे मुकेश मनवीर राजस्थान के टोंक जिले के देवली के निवासी हैं और उनकी राजस्थान स्थित कई कम्पनियाँ हैं। वर्ष 2007 में मुकेश मनवीर ने अपनी स्वयं की कम्पनी मेसर्स डेबॉक बिल्डिंग एंड डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड की स्थापना की। इस दौरान उन्होंने कई अन्य कम्पनियां भी स्थापित कीं, इनमें मेसर्स स्टासक्सेस हाउसिंग बिल्डर्स एंड डेवेलपर्स प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स स्टासक्सेस बिल्डकॉन प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स स्टारसक्सेस लैंड डेवलपर प्राइवेट लिमिटेड और मेसर्स स्ट्रसक्सेस सेल्स एंड मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं।
Rajasthan News । 11 लाख रु.से ज्यादा का बिजली का बिल नहीं भरने पर सांसद के घर का बिजली कनेक्शन कटा
2007
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ऐसे समझें पूरा मामला राजस्थान के जयपुर, टोंक और कोटा में ईडी ने छापेमारी कर 78 लाख रुपए नकद और चार लग्जरी कारें जब्त कीं। डेबॉक इंडस्ट्रीज के संचालक मुकेश मनवीर पर 100 करोड़ रुपए से अधिक की धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप । नेचुरो इंडिया बुल के प्रमोटर्स गौरव जैन, ज्योति और अन्य सहयोगियों के खिलाफ भी ईडी ने कार्रवाई शुरू की है। मुकेश मनवीर महाराष्ट्र की एक राजनीतिक पार्टी से संबंध की जांच के दायरे में 2007 से मुकेश मनवीर ने कई कंपनियां स्थापित कीं, जिन पर शेयर बाजार में बड़े पैमाने पर हेरफेर के आरोप हैं।
जब्त की रोल्स रॉयस, बेंटले, मर्सडीज और लैंडक्रूजर
राजनीतिक संबंधों और दावों की जांच
जानें कौन है मुकेश मनवीर
Rajasthan News । 11 लाख रु.से ज्यादा का बिजली का बिल नहीं भरने पर सांसद के घर का बिजली कनेक्शन कटा
जानें पूरा मामला
- मुकेश मनवीर द्वारा कंपनियों की स्थापना: मुकेश मनवीर ने डेबॉक बिल्डिंग एंड डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड की स्थापना की और साथ ही कई अन्य कंपनियां भी स्थापित कीं, जैसे स्टासक्सेस हाउसिंग बिल्डर्स एंड डेवेलपर्स प्राइवेट लिमिटेड, स्टासक्सेस बिल्डकॉन प्राइवेट लिमिटेड, आदि।
- 2025 (हाल की घटनाएं)
- स्थान: जयपुर (वैशाली नगर, लोहिया कॉलोनी), टोंक और कोटा
- मुख्य स्थान: मुकेश मनवीर का घर
- आरोप: वित्तीय धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप
- जांच: 100 करोड़ रुपए के घोटाले का आरोप
- जांच किए गए प्रमोटर्स: नेचुरो इंडिया बुल के गौरव जैन, ज्योति और अन्य
FAQ
- 1. डेबॉक इंडस्ट्रीज पर छापे क्यों मारे गए?
ईडी ने डेबॉक इंडस्ट्रीज और नेचुरो इंडिया बुल पर वित्तीय धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों के तहत छापे मारे। मुकेश मनवीर पर 100 करोड़ रुपए से अधिक के घोटाले का आरोप है। - 2. ईडी ने क्या क्या जब्त किया है?
ईडी ने छापे के दौरान 78 लाख रुपए नकद और 4 लग्जरी कारें जब्त कीं, जिनमें रोल्स रॉयस, बेंटले, मर्सडीज और लैंडक्रूजर शामिल हैं। - 3. मुकेश मनवीर के राजनीतिक संबंधों की जांच क्यों हो रही है?
मुकेश मनवीर के महाराष्ट्र से एक राजनीतिक पार्टी से संबंध थे और उसने अपने कार्यालय में एक पोस्टर लगा रखा था, जिसमें उसने खुद को केंद्र की टेलीफोन एडवायजरी कमेटी का सदस्य बताया था। यह दावा जांच के दायरे में है।
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