डोटासरा का बड़ा आरोप, टिकट के लिए अफसरों से फीडबैक ले रही भाजपा
समझें क्या है पूरा मामला
- डोटासरा का आरोप, भाजपा दावेदारों का फीडबैक अधिकारी ले रहे।
- कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने ब्यूरोक्रेसी के इस्तेमाल पर उठाए सवाल।
- डोटासरा बोले, टिकट चयन संगठन और कार्यकर्ताओं से होना चाहिए।
- कांग्रेस ने निकाय चुनाव के लिए 36 हजार से ज्यादा आवेदन मिलने का दावा किया।
- भाजपा और सीएमओ की ओर से आरोपों पर अभी प्रतिक्रिया नहीं आई।
राजस्थान निकाय चुनाव की सरगर्मियों के बीच प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और भाजपा पर बड़ा आरोप लगाया है। डोटासरा का आरोप है कि भाजपा अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं की बजाय ब्यूरोक्रेसी के जरिए दावेदारों का फीडबैक ले रही है। यह आरोप फिलहाल डोटासरा का अपना दावा है, इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और भाजपा या मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
SDM से फीडबैक लेने का आरोप
बुधवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में मीडिया से बातचीत में डोटासरा ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री कार्यालय में तैनात अधिकारी एसडीएम को फोन कर भाजपा के दावेदारों के बारे में फीडबैक जुटाने को कह रहे हैं।
डोटासरा के मुताबिक सीएमओ में तैनात एक अधिकारी एसडीएम से कह रहा है कि भाजपा को पता नहीं चलना चाहिए, लेकिन कौन दावेदार जीत सकता है, इसका फीडबैक दिया जाए ताकि टिकट के लिए चयन किया जा सके। उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
भरोसा नहीं तो यह संगठन की कमजोरी
डोटासरा ने कहा कि टिकट का चयन संगठन और कार्यकर्ताओं के फीडबैक से होना चाहिए। उनके मुताबिक ब्यूरोक्रेसी का काम प्रशासन चलाना है, राजनीतिक दल के उम्मीदवार तय करना नहीं।
उन्होंने कहा कि अगर भाजपा अपने ही नेताओं और कार्यकर्ताओं पर भरोसा नहीं कर रही और अधिकारियों से पूछ रही है कि कौन जीतने वाला दावेदार है, तो यह संगठन की स्थिति पर सवाल खड़े करता है। डोटासरा ने साफ कहा कि अगर अधिकारियों के फीडबैक को शामिल किया गया, तो कांग्रेस इसका पुरजोर विरोध करेगी।
हमेशा कार्यकर्ताओं से तय होते हैं टिकट
डोटासरा ने कहा कि भाजपा को टिकट पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय संगठन के फीडबैक से तय करने चाहिए। उनके मुताबिक कांग्रेस में हमेशा कार्यकर्ताओं और नेताओं के फीडबैक से ही टिकट तय होते रहे हैं।
उन्होंने दावा किया, "हम 5 साल सरकार में रहे, लेकिन एक भी दिन मुख्यमंत्री ने यह नहीं कहा कि अधिकारियों से फीडबैक लेकर टिकट तय करो।" डोटासरा के मुताबिक जिला और प्रदेश कांग्रेस मिलकर फीडबैक लेते हैं और टिकट वितरण हमेशा संगठन का विषय रहा है।
कांग्रेस ने 6 महीने पहले शुरू की तैयारी
डोटासरा ने बताया कि कांग्रेस ने भाजपा से पहले ही चुनावी तैयारी शुरू कर दी थी। उनके मुताबिक करीब 6 महीने पहले ही चुनावी रणनीति पर काम शुरू हो गया था।
उन्होंने बताया कि विधानसभा स्तर पर दो-ढाई साल पहले ही कोऑर्डिनेटर लगाए गए थे और पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी बनाई गई है। प्रदेश पदाधिकारी और जिला प्रभारी जिलों में जाकर बैठकें ले रहे हैं और कार्यकर्ताओं-नेताओं से राय ली जा रही है।
36 हजार से ज्यादा आवेदन, युवाओं में उत्साह
36 हजार से ज्यादा आवेदनों पर डोटासरा ने कहा कि कांग्रेस ने निकाय और पंचायत चुनाव में युवाओं को ज्यादा टिकट देने का वादा किया है। इसी वजह से युवाओं में खासा उत्साह है और ऑनलाइन आवेदन बंपर संख्या में आ रहे हैं।
उनके मुताबिक कांग्रेस ऐसे उम्मीदवारों को मौका देगी, जो अपने क्षेत्र में सक्रिय हैं, जनता में पकड़ रखते हैं और संगठन के साथ काम कर रहे हैं। सभी पक्षों की सहमति और फीडबैक से मजबूत प्रत्याशी चुने जाने की बात भी उन्होंने कही।
डोटासरा का दावा- कांग्रेस के पक्ष में माहौल
डोटासरा ने दावा किया कि प्रदेश में माहौल लगातार कांग्रेस के पक्ष में मजबूत हो रहा है। उन्होंने निकाय चुनाव में पार्टी की बंपर जीत का भरोसा भी जताया। यह दावा भी डोटासरा का अपना आकलन है।
आगे क्या
फिलहाल भाजपा या मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से डोटासरा के आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। दोनों पक्षों की प्रतिक्रिया आने के बाद ही इस विवाद की पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी।
निकाय चुनाव नजदीक आने के साथ टिकट वितरण को लेकर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की उम्मीद है।
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