ईडी का बड़ा एक्शन: मनी लॉन्ड्रिंग में प्रकाश जैन गिरफ्तार, माय विक्टरी क्लब ऐप से की करोड़ों की ठगी

केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की राजस्थान में जयपुर की जोनल यूनिट ने प्रकाश चंद जैन को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया। इन्होने 'माय विक्टरी क्लब' ऐप से करोड़ों रुपये की ठगी की।

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Purshottam Kumar Joshi
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Photograph: (the sootr)

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News in Short

  • ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रकाश चंद जैन को गिरफ्तार किया।

  • जैन और उनके सहयोगियों ने 'माय विक्टरी क्लब' ऐप के जरिए करोड़ों की ठगी की।

  • आरोपियों ने धोखाधड़ी से कमाई गई राशि का इस्तेमाल भारत और दुबई में निवेश करने के लिए किया।

  • छापेमारी में 11.3 लाख रुपये नकद और करोड़ों की संपत्तियों के दस्तावेज बरामद हुए।

  • मुख्य आरोपी रवि जैन दुबई फरार हो गया है।

News in Detail

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने राजस्थान के जयपुर में मनी लॉन्ड्रिंग और धोखाधड़ी मामले में प्रकाश चंद जैन को गिरफ्तार किया है। आरोपी प्रकाश चंद जैन डिजी मुद्रा कनेक्ट का निदेशक है। उस पर आरोप है कि उसने 'माय विक्टरी क्लब' ऐप के  जरिए निवेशकों को धोखा दिया। करोड़ों रुपये की ठगी की। जांच में पता चला कि आरोपी ने धोखधड़ी की रकम को व्यक्तिगत बैंक खातों में डायवर्ट किया और उसे अचल संपत्तियों और विदेशी निवेश में इस्तेमाल किया। मामले की जांच जारी है। मुख्य आरोपी रवि जैन फिलहाल फरार है।

मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई

ईडी की जयपुर जोनल यूनिट ने जैन को जयपुर की पीएमएलए (revention of Money Laundering Act) विशेष अदालत में पेश किया। अदालत ने उसे चार दिन की ईडी कस्टडी में भेजा है। अब ईडी पूछताछ कर आगे की जांच पड़ताल में जुटी है।उसे धोखाधड़ी कई ओर मामले खुलासा होने की उम्मीद है। 

धोखाधड़ी का तरीका

जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी प्रकाश चंद जैन और उनके सहयोगियों ने 'माय विक्टरी क्लब' (MVC) नामक ऐप के माध्यम से निवेशकों को अत्यधिक रिटर्न का लालच देकर करोड़ों रुपए की ठगी की। इस ऐप के जरिए निवेशकों से राशि एकत्र की गई और बाद में इसे जैन और उनके परिवार के सदस्यों के व्यक्तिगत बैंक खातों में ट्रांसफर किया गया।

संपत्तियों की हेराफेरी

आरोपियों ने इस धोखाधड़ी से अर्जित धन का इस्तेमाल भारत में विभिन्न अचल संपत्तियां खरीदने के लिए किया। इसके अलावा दुबई में भी निवेश करने के लिए यह राशि भेजी गई। यह पूरी हेराफेरी एक सुनियोजित तरीके से की गई थी ताकि अपराध की कमाई का सही-सही पता न चल सके।

जांच और छापेमारी

ईडी की इस जांच में कई राज्यों के पुलिस थानों में एफआईआर दर्ज की गई थीं। इसमें मध्य प्रदेश (STF भोपाल), राजस्थान, हरियाणा, ओडिशा और महाराष्ट्र शामिल हैं। 31 दिसंबर 2025 को जयपुर और अजमेर में 7 ठिकानों पर छापेमारी की गई थी। इसमें 11.3 लाख रुपये नकद, डिजिटल सबूत और करोड़ों की संपत्तियों के दस्तावेज बरामद हुए थे।

फरार आरोपी और आगे की कार्रवाई

मामले के मुख्य साजिशकर्ता रवि जैन दुबई में फरार है। इसने इस अपराध की कमाई का उपयोग दुबई में रियल एस्टेट और अन्य व्यवसायों में किया। ईडी की जांच अब इस फरार आरोपी तक पहुंचने के लिए और तेज हो गई है।

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