किसान भाइयों ने भांजे-भांजियों की शादी में भरा 1.5 करोड़ का मायरा, उपहार में दी 25 बीघा जमीन

thesootr Desk | Apr 16, 2026, 12:57 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान में नागौर के जायल क्षेत्र में चार किसान भाइयों ने अपनी इकलौती बहन के बच्चों की शादी में 1.5 करोड़ रुपये का मायरा भरकर सबको हैरान कर दिया। इसमें कैश, सोना, चांदी और 25 बीघा खेती की जमीन उपहार में दी गई।

News In Short

  • नागौर के चार किसान भाइयों ने अपने चार भांजे-भांजियों की शादी में भरा 1.5 करोड़ का मायरा।
  • मायरे में 21 लाख रुपये कैश, 15 लाख रुपये के जेवरात और 25 बीघा जमीन उपहार में दी।
  • किसान भाइयों का अपनी इकलौती बहन के लिए यह पहला और आखिरी मायरा था।
  • फरवरी 2026 में जायल के ही व्यास भाइयों ने अपने भांजे की शादी में 1.61 करोड़ का भरा था मायरा।
  • मायरा भरना राजस्थान और उसके आस-पास के क्षेत्रों में विवाह की एक अति प्रसिद्ध रस्म है।

News In Detail

Nagaur: राजस्थान की धरती अपनी आन-बान-शान और रीतियों के लिए जानी जाती है। इसी परंपरा को निभाते हुए नागौर के जायल क्षेत्र में चार किसान भाइयों ने अपनी इकलौती बहन के बच्चों की शादी में 1.5 करोड़ रुपये का मायरा भरकर सबको हैरान कर दिया। भाइयों ने न केवल कैश और सोना दिया, बल्कि अपनी लाडली बहन को संबल देने के लिए 25 बीघा खेती की जमीन भी उपहार में दी।



थाली में 21 लाख कैश लेकर पहुंचे मामा

जायल के श्यामपुरा निवासी चार भाइयों गंगाराम, शिवलाल, खीयाराम और श्रवणराम ने अपनी बहन रामी देवी के बच्चों के विवाह में यह अनोखी मिसाल पेश की। 13 अप्रैल को जब ये चारों भाई छिला गांव पहुंचे, तो दृश्य देखने लायक था। भाई अपने सिर पर थाल रखकर पहुंचे, जिसमें 21 लाख 51 हजार रुपये नकद सजे हुए थे।



इसके अलावा 51 हजार रुपये टीके में अलग से दिए गए। अपनी बहन के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए भाइयों ने 25 बीघा कीमती कृषि भूमि उपहार में दी। इन सब के साथ करीब 15 लाख रुपये के सोने और चांदी के जेवरात भांजे-भांजियों को पहनाए गए।



चार भाई-बहनों की एक ही घर में शादी

भाई गंगाराम ने बताया कि यह आयोजन कई मायनों में खास था। रामी देवी के दो बेटों और दो बेटियों की शादी एक साथ संपन्न हुई। दिलचस्प बात यह है कि जिन चार भाई-बहनों की शादी हुई, उनका विवाह भी एक ही परिवार के चार भाई-बहनों के साथ हुआ है। यानी दो भांजियों की बारात जिस घर से आई, उसी घर में दोनों भांजों की बारात गई थी।



इकलौती बहन के लिए पहला और आखिरी मायरा

गंगाराम के अनुसार, रामी उनकी इकलौती बहन है। चूंकि चारों बच्चों की शादी एक साथ हो रही थी, इसलिए भाइयों ने तय किया कि वे अपनी पूरी सामर्थ्य से बहन का मान बढ़ाएंगे। उन्होंने भावुक होते हुए कहा, यह हमारा पहला और आखिरी मायरा था, हम चाहते थे कि हमारी बहन समाज में सिर उठाकर जिए और उसे भाइयों के होने का पूरा संबल मिले।



राजस्थान में बढ़ता मायरा का क्रेज

नागौर जिला पिछले कुछ समय से बड़े मायरे के आयोजनों का केंद्र बन गया है। हाल ही में फरवरी 2026 में जायल के ही व्यास भाइयों ने अपने भांजे की शादी में 1.61 करोड़ रुपये का मायरा भरकर चर्चा बटोरी थी। अब किसान परिवार के इस बड़े दिल ने साबित कर दिया है कि प्रेम और परंपरा निभाने में राजस्थान का किसान किसी से पीछे नहीं है।



क्या होता है मायरा भरना?

उन लोगों के लिए जो राजस्थान की इस अनूठी रस्म से अपरिचित हैं, बता दें कि मायरा भरना (जिसे भात भरना भी कहा जाता है) राजस्थान और उसके आस-पास के क्षेत्रों में विवाह की एक अति प्रसिद्ध रस्म है। इसमें मामा (मां का भाई) अपनी विवाहित बहन के बच्चों (भांजा-भांजी) की शादी के समय अपनी सामर्थ्य के अनुसार उपहार, नकद राशि, जेवरात और कपड़े लेकर आता है।



यह रस्म मामा द्वारा अपनी बहन के प्रति प्रेम, जिम्मेदारी और सामाजिक सम्मान का प्रतीक होती है। पारंपरिक रूप से यह रस्म बड़े धूमधाम से निभाई जाती है।



ये भी पढ़ें:-

राजस्थान के करौली में कर्मचारी की बेटी की शादी में भात चढ़ाने पहुंचा पूरा थाना, भर आईं पिता का आंखें, सवा लाख का मायरा दिया



राजस्थान में चर्चा में है मायरा; मामा ने भांजी की शादी में दिया 81 लाख कैश, 40 तोला सोना, 30 बीघा जमीन



नागौर में 8 करोड़ का मायरा; 1000 गाड़ियों का काफिला लेकर पहुंचे भाई, जानें मायरे में और क्या-क्या चीजें दीं



हर ओर मायरा की चर्चा : शादी में मायके वालों ने दिखाया अपार स्नेह, 1 करोड़ 21 लाख रुपए का भात भरा



Tags:
  • राजस्थान
  • नागौर
  • मायरा
  • 1.5 करोड़ का मायरा