क्रेशर प्लांट विवाद में कैसे गई पूर्व विधायक अतर सिंह की जान? जानिए हमले से पहले क्या हुआ था
Saurabh Mishra | Oct 12, 2026, 14:35 IST
भरतपुर के पूर्व विधायक अतर सिंह को क्यों जान गंवानी पड़ी।
Atar Singh Bhadana Death: भरतपुर में पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना की हत्या के आरोपों के पीछे क्रेशर प्लांट और रास्ते का पुराना विवाद सामने आया है। परिवार ने 70-80 लोगों पर हमले का आरोप लगाया, जबकि ग्रामीणों ने भड़ाना पक्ष को जिम्मेदार ठहराया। जानिए दो साल पुराने विवाद से लेकर भड़ाना की मौत तक की पूरी इनसाइड स्टोरी।
Atar Singh Bhadana Death: राजस्थान के भरतपुर जिले के भौंड़ा गांव में क्रेशर प्लांट को लेकर चल रहा विवाद पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना की मौत की वजह कैसे बन गया? रविवार शाम ऐसा क्या हुआ कि दो पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हुई और मामला मारपीट तक पहुंच गया? आखिर विवाद की शुरुआत कहां से हुई, रविवार शाम क्रेशर प्लांट पर क्या हुआ था और पुलिस की भूमिका पर सवाल क्यों उठ रहे हैं? जानिए इस पूरे मामले की इनसाइड स्टोरी।
पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना की पत्नी कमलेश के मुताबिक, रविवार शाम करीब 6:30 बजे भड़ाना वैर थाना क्षेत्र के भौंड़ा गांव स्थित क्रेशर प्लांट पर पहुंचे थे। उस समय प्लांट पर करीब 20 से 25 कर्मचारी काम कर रहे थे। कमलेश का आरोप है कि शाम 7 बजे के बीच करीब 70 से 80 लोग वहां पहुंचे। उनके हाथों में लाठी-डंडे और पत्थर थे। इन लोगों ने पूर्व विधायक भड़ाना और उनके साथ मौजूद कर्मचारियों पर हमला कर दिया।
हमले में अतर सिंह और उनके गनर गगन शर्मा गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को पहले वैर के अस्पताल ले जाया गया। वहां से भड़ाना को जयपुर के सवाई मान सिंह अस्पताल और गगन शर्मा को भरतपुर रेफर किया गया। भड़ाना की रविवार रात मौत हो गई।
भरतपुर के भौंड़ा गांव के ग्रामीणों और पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना (Former MLA Atar Singh Bhadana) के बीच करीब दो साल से क्रेशर प्लांट को लेकर विवाद चल रहा था। वैर थाना पुलिस के मुताबिक, विवाद की मुख्य वजह खदान तक आने-जाने का रास्ता था। खदान की लीज भड़ाना की पत्नी कमलेश के नाम पर थी। ग्रामीणों का आरोप था कि क्रेशर प्लांट और खनन के कारण गांव के पुराने रास्ते बंद हो रहे थे। खनन से पर्यावरण को भी नुकसान पहुंच रहा था। इससे गांव के लोगों को परेशानी हो रही थी। इन्हीं मुद्दों को लेकर ग्रामीण लंबे समय से विरोध कर रहे थे।
ग्रामीणों के मुताबिक, वे पिछले 15 दिन से धरने पर बैठे थे। रविवार शाम क्रेशर प्लांट पर दोबारा खनन का काम शुरू होने को लेकर विवाद बढ़ गया। दोनों पक्षों के बीच पहले कहासुनी हुई। इसके बाद लाठी-पत्थरों से हमला हो गया। इसी झड़प में अतर सिंह भड़ाना गंभीर रूप से घायल हो गए। हालांकि, हमला किसने शुरू किया, इसे लेकर दोनों पक्षों के दावे अलग-अलग हैं।
अतर सिंह भड़ाना की पत्नी कमलेश ने घटना के बाद पुलिस और प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठाए। कमलेश का आरोप है कि उनकी प्लांट का बिजली कनेक्शन काट दिया गया था। इतना ही नहीं, वहां लगे वाटर पंप को भी जानबूझकर खराब कर दिया गया था। प्लांट पर जाने वाले लोगों को भी वहां से भगा दिया जाता था। उनके मुताबिक, इन घटनाओं की जानकारी लगातार पुलिस और प्रशासन को दी जा रही थी। इसके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
इस घटना के बाद सवाल उठ रहा है कि इतने पुराने विवाद के बावजूद दोनों पक्षों के बीच टकराव क्यों नहीं रोका जा सका। क्रेशर प्लांट बंद होने और उसे दोबारा शुरू करने को लेकर पहले से तनाव था। ग्रामीण धरना भी दे रहे थे और कई बार पुलिस को शिकायत भी की गई थी। इसके बावजूद स्थानीय खुफिया तंत्र को पुलिस को इस बात की भनक क्यों नहीं लगी कि मौके पर कभी भी दोनों पक्षों के बीच टकराव हो सकता? जब क्रेशर प्लांट पर दोबारा काम शुरू हुआ तो वहां स्थानीय पुलिस क्यों नहीं मौजूद थी।
पूर्व विधायक अतर सिंह की मौत के बाद भौंड़ा गांव में पुलिस की मौजूदगी बढ़ा दी गई है। भरतपुर से भी अतिरिक्त पुलिसकर्मी भेजे गए हैं, ताकि दोबारा कोई झगड़ा न हो। पुलिस घटना के दौरान मौजूद लोगों और दोनों पक्षों के आरोपों की जांच कर रही। भरतपुर पुलिस के मुताबिक, विवाद के दौरान दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर हमला करने के आरोप लगाए हैं।
घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा। इसमें क्रेशर प्लांट के पास पूर्व विधायक भड़ाना और कुछ लोगों के बीच बहस होने का दावा किया जा रहा। हालांकि, वीडियो की पूरी परिस्थितियां और उसमें मौजूद सभी लोगों की पहचान की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस वीडियो की पुष्टि करने में जुटी है और जांच में इसे भी शामिल किया जाएगा।
इस मामले में सबसे अहम सवाल है कि रविवार शाम क्रेशर प्लांट पर मारपीट की शुरुआत कैसे हुई? दूसरा सवाल यह है कि क्रेशर प्लांट और रास्ते को लेकर चल रहे विवाद में पहले क्या शिकायतें हुई थीं? प्रशासन ने उन पर क्या कार्रवाई की थी और प्लांट दोबारा शुरू करने को लेकर क्या स्थिति थी।
इसके अलावा कमलेश के फायरिंग के आरोप की भी पुष्टि होना बाकी है। पोस्टमॉर्टम और दूसरी मेडिकल जांच से मौत का कारण स्पष्ट होने की उम्मीद है। फिलहाल यह साफ है कि क्रेशर प्लांट को लेकर लंबे समय से चल रहा विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। लेकिन किसने पहले हमला किया और मौत के लिए कौन जिम्मेदार है, इसका जवाब पुलिस जांच के बाद ही मिलेगा।
पूर्व विधायक अतर सिंह और ग्रामीणों के बीच क्या हुआ था?
हमले में अतर सिंह और उनके गनर गगन शर्मा गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को पहले वैर के अस्पताल ले जाया गया। वहां से भड़ाना को जयपुर के सवाई मान सिंह अस्पताल और गगन शर्मा को भरतपुर रेफर किया गया। भड़ाना की रविवार रात मौत हो गई।
पूर्व विधायक भड़ाना और ग्रामीणों में किस बात को लेकर था विवाद?
ग्रामीणों के मुताबिक, वे पिछले 15 दिन से धरने पर बैठे थे। रविवार शाम क्रेशर प्लांट पर दोबारा खनन का काम शुरू होने को लेकर विवाद बढ़ गया। दोनों पक्षों के बीच पहले कहासुनी हुई। इसके बाद लाठी-पत्थरों से हमला हो गया। इसी झड़प में अतर सिंह भड़ाना गंभीर रूप से घायल हो गए। हालांकि, हमला किसने शुरू किया, इसे लेकर दोनों पक्षों के दावे अलग-अलग हैं।
पत्नी कमलेश ने पुलिस की भूमिका पर पर उठाए सवाल
पुलिस की भूमिका पर क्यों उठ रहे सवाल?
घटना के बाद गांव में सुरक्षा के कड़े इंतजाम
पूर्व विधायक अतर सिंह पर हमले से पहले का वीडियो वायरल
पुलिस जांच में किन सवालों के जवाब मिलने बाकी?
इसके अलावा कमलेश के फायरिंग के आरोप की भी पुष्टि होना बाकी है। पोस्टमॉर्टम और दूसरी मेडिकल जांच से मौत का कारण स्पष्ट होने की उम्मीद है। फिलहाल यह साफ है कि क्रेशर प्लांट को लेकर लंबे समय से चल रहा विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। लेकिन किसने पहले हमला किया और मौत के लिए कौन जिम्मेदार है, इसका जवाब पुलिस जांच के बाद ही मिलेगा।
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