सूटकेस खोला तो निकले ईंट-पत्थर, दोगुनी रकम के नाम पर ठगी
News In Short
- खैरथल-तिजारा में समधी ने रकम दोगुनी करने का झांसा देकर 11.68 लाख रुपए ठगे।
- पीड़ित को तांत्रिक क्रिया के बाद एक सूटकेस दिया, एक माह बाद खोलने पर ईंट-पत्थर निकले।
- आरोपी राजेंद्र प्रसाद ने खुद को दैवीय शक्तियों का जानकार बताकर पीड़ित को भरोसे में लिया था।
- आरोपी पर पहले भी एक रिटायर्ड सैन्यकर्मी से 32 लाख रुपए ठगी के आराम लग चुके हैं।
- पीड़ित ने लिखित आश्वासन के बावजूद रकम नहीं लौटाने पर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
News In Detail
राजस्थान के खैरथल-तिजारा जिले के पतलिया गांव में रिश्तों को तार-तार करने और तंत्र-मंत्र के नाम पर लाखों की धोखाधड़ी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक व्यक्ति को धन कई गुना बढ़ाने और दैवीय शक्तियों का लालच देकर उसके अपने ही समधी ने 11 लाख 68 हजार रुपए की चपत लगा दी।
पीड़ित को ठगी का अहसास तब हुआ जब उसने तय समय के बाद नोटों से भरा सूटकेस खोला, जिसमें केवल ईंट और पत्थर भरे मिले। खैरथल थाना पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, जबकि आरोपी घटना के बाद से ही फरार चल रहा है।
पारिवारिक रिश्ते और मौलवी का झांसा
खैरथल-तिजारा के पतलिया गांव निवासी पीड़ित जनक कुमार शर्मा ने पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया कि उनकी पुत्री सलोनी का विवाह खैरथल-तिजारा के दांतला चौक निवासी एक परिवार में हुआ था। शादी के कुछ समय बाद ही लड़की के ससुर (समधी) राजेंद्र प्रसाद ने पीड़ित के सामने स्वयं को दैवीय शक्तियों का जानकार और सिद्ध पुरुष बताना शुरू कर दिया।
आरोपी राजेंद्र प्रसाद ने दावा किया कि उसकी जान-पहचान हरियाणा के एक बड़े मौलवी से है, जिसके माध्यम से वह किसी भी रकम को बहुत कम समय में दोगुना या चौगुना करवा सकता है। पारिवारिक रिश्ता होने और समधी पर अटूट विश्वास के कारण जनक कुमार इस झांसे में आ गए।
अंधेरे कमरे में तांत्रिक अनुष्ठान और ₹11.68 लाख की वसूली
ठगी की पटकथा को अंजाम देने के लिए आरोपियों ने पीड़ित को पूरी तरह अपने जाल में फंसाया। सबसे पहले पूजा-पाठ और विशेष अनुष्ठान के नाम पर पीड़ित से 11 हजार रुपए लिए गए।
इसके बाद और अधिक मुनाफे का लालच देकर पीड़ित को विवश किया गया, जिसके बाद जनक कुमार ने स्वयं की जमापूंजी के अलावा अपने परिचितों और रिश्तेदारों से उधार मांगकर कुल 11 लाख 68 हजार रुपए की व्यवस्था की और समधी को सौंप दिए।
रकम हाथ में आने के बाद मुख्य आरोपी राजेंद्र प्रसाद और उसका पुत्र ईश्वर पीड़ित जनक कुमार को हरियाणा के पुनहाना स्थित एक मौलवी आबिद के पास ले गए। वहां एक कमरे में पूरी तरह अंधेरा करके तांत्रिक गतिविधियां की गईं और पीड़ित को विश्वास दिलाया गया कि उसकी रकम बढ़ाने की प्रक्रिया चल रही है।
चेतावनी के साथ दिया सूटकेस
अनुष्ठान खत्म होने के बाद आरोपियों ने पीड़ित को एक बंद सूटकेस सौंपा और सख्त हिदायत दी कि इसे एक महीने तक बिल्कुल नहीं खोलना है। साथ ही यह डरावनी चेतावनी भी दी गई कि यदि रास्ते में तंत्र-मंत्र के किसी भी नियम का उल्लंघन हुआ या सूटकेस पहले खोला गया, तो दैवीय प्रकोप से पूरी रकम गायब हो जाएगी।
डर के मारे पीड़ित ने एक महीने तक सूटकेस को हाथ नहीं लगाया। लेकिन जब अवधि पूरी होने पर उत्सुकता और उम्मीद के साथ सूटकेस खोला गया, तो पीड़ित के पैरों तले जमीन खिसक गई। सूटकेस में नोटों की गड्डियों के स्थान पर केवल ईंट और पत्थर भरे हुए थे।
मौलवी का खुलासा और आरोपी का पुराना क्रिमिनल रिकॉर्ड
ठगी का पता चलने पर जब पीड़ित ने पुनहाना जाकर मौलवी आबिद से संपर्क किया, तो एक और नया खुलासा हुआ। मौलवी ने बताया कि आरोपी राजेंद्र प्रसाद ने उसे कुल रकम में से केवल 1.20 लाख रुपए ही दिए थे, जिन्हें उसने बाद में वापस भी लौटा दिया था। यानी बाकी की साढ़े दस लाख से अधिक की रकम समधी और उसके बेटे ने खुद ही हड़प ली थी।
ग्रामीणों के दबाव में आकर आरोपी राजेंद्र प्रसाद ने लिखित रूप से पीड़ित की पूरी राशि लौटाने का आश्वासन भी दिया था, लेकिन पैसे लौटाने के बजाय वह अपने बेटे सहित घर से फरार हो गया।
स्थानीय लोगों के अनुसार, मुख्य आरोपी राजेंद्र प्रसाद आदतन ठग है और इस घटना से पहले वह एक रिटायर्ड सैन्यकर्मी (पूर्व सैनिक) से भी करीब 32 लाख रुपए की इसी तरह ठगी कर चुका है। खैरथल थाना पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।
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