गहलोत का मुख्यमंत्री पर पलटवार, बोले- परिसीमन से प्रदेश को बर्बाद किया, जनता मौका मिलते ही देगी झटका

Jageshwar prasad | Oct 18, 2026, 15:11 IST
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भजनलाल सरकार पर तीखा हमला बोला।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सूखे और अकाल को लेकर सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि जैसलमेर, बाड़मेर और जोधपुर में स्थिति गंभीर है। सरकार को गिरदावरी तुरंत पूरी करानी चाहिए। उन्होंने पंचायत चुनाव में परिसीमन पर भी सवाल उठाए। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष को माफी मांगने की भी बात कही।

प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने सूखे और अकाल के हालात को लेकर भजनलाल सरकार (Bhajanlal Government) पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि राजस्थान में इस बार भयंकर सूखा पड़ा है। लेकिन सरकार को अभी तक इसका अंदाजा ही नहीं है।



जैसलमेर, फलोदी और जोधपुर के तीन दिवसीय दौरे पर रवाना होने से पूर्व गहलोत ने आवास पर मीडिया से बातचीत की। उन्होंने कहा कि गांवों में लोग परेशान हैं। बीकानेर, जैसलमेर, बाड़मेर और जोधपुर सहित कई इलाकों में स्थिति बेहद गंभीर हो चुकी है।



भाषण से नहीं चलेगा काम

गहलोत ने कहा कि उन्होंने बीकानेर का दौरा किया है। वहां हालात चिंताजनक हैं। उन्होंने जैसलमेर में हजारों गायों की मौत का दावा किया। उनके मुताबिक पशुधन के लिए चारे का कोई समुचित प्रबंध नहीं है।



चारे का दाम करीब 20 रुपए किलो तक पहुंच गया है। प्रदेश में पेयजल संकट भी लगातार बढ़ रहा है। गहलोत ने सरकार को चेताया कि समय रहते मुख्यमंत्री स्तर पर सूखे की मॉनिटरिंग नहीं की गई तो आने वाले दिनों में परेशानी और बढ़ेगी।



उन्होंने कहा कि सरकार को जमीनी हकीकत पता करनी चाहिए। जहां गिरदावरी पूरी नहीं हुई है, वहां इसे तत्काल पूरा कराया जाए। उन्होंने कहा कि अकाल आने पर राहत तुरंत नहीं मिलती। इसलिए पहले से तैयारी जरूरी है।




केंद्र से मदद क्यों नहीं मांग रही सरकार?

गहलोत ने कहा कि सरकार को चारे, पेयजल और रोजगार की व्यवस्था करनी होगी। उन्होंने राज्य सरकार से केंद्र सरकार से तत्काल मदद मांगने की अपील की।



उन्होंने अपने कार्यकाल का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने सूखे की स्थिति में 16 अगस्त से ही राहत कार्य शुरू कर दिए थे। केंद्र से मदद लेकर गांवों में अकाल राहत के काम करवाए गए थे।



अटल बिहारी वाजपेयी के प्रधानमंत्री रहते काम के बदले अनाज योजना के जरिए भी राहत पहुंचाई गई थी। उन्होंने सवाल किया कि अब जब राजस्थान में डबल इंजन की सरकार है तो सूखे के लिए केंद्र से मदद क्यों नहीं मांगी जा रही।




परिसीमन पर उठाए सवाल

पंचायत चुनावों को लेकर भी गहलोत ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि परिसीमन के जरिए पूरे राजस्थान को बर्बाद कर दिया है।



उन्होंने कहा कि घनश्याम तिवाड़ी, अरुण चतुर्वेदी और राजेंद्र राठौड़ ने बैठकर 6 महीने तक वार्डों का परिसीमन किया। कहीं 250 मतदाताओं का वार्ड है। तो कहीं 3,500, 10 हजार, 15 हजार और 20 हजार मतदाताओं वाले वार्ड बनाए गए हैं।



उन्होंने सवाल किया कि इस तरह लोकतंत्र का मजाक क्यों बनाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस और प्रशासन का भी चुनाव में इस्तेमाल किया गया। निकाय चुनाव में पुलिस की गुंडागर्दी देखने को मिली है।



गहलोत ने कहा कि पुलिस के बड़े अधिकारी भी अब कह रहे हैं कि उन्हें सरकार के प्रेशर में काम करना पड़ा। मुख्यमंत्री कार्यालय से लगातार मॉनिटरिंग हो रही थी। मुख्यमंत्री खुद अधिकारियों को बुलाकर धमका रहे थे।




जनता देगी झटका

गहलोत ने भाजपा पर बाड़ेबंदी और धनबल के इस्तेमाल का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा बाड़ेबंदी में माहिर है और उसके पास पैसा बहुत है। लेकिन जनता सब देख रही है।



जनता अभी चुप है। लेकिन मौका मिलते ही ऐसा झटका देगी जिसे भजनलाल सरकार याद रखेगी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता ही सर्वोपरि है।




मदन राठौड़ से माफी की मांग

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ (Madan Rathore) के बयान को लेकर गहलोत ने कहा कि उन्हें बिना किसी किंतु-परंतु के स्पष्ट रूप से माफी मांगनी चाहिए। राठौड़ जितनी सफाई दे रहे हैं, उतना ही मामला उलझता जा रहा है।



उन्होंने कहा कि पाकिस्तान का नाम आते ही लोगों को पुलवामा और जम्मू-कश्मीर की घटनाएं याद आती हैं। इसलिए इस मुद्दे पर लोगों में स्वाभाविक आक्रोश है।




विदेशी टूलकिट पर पलटवार

राहुल गांधी को विदेशी टूलकिट बताने वाले भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन के बयान पर भी गहलोत ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि भाजपा जब विपक्ष में थी, तब अन्ना हजारे आंदोलन, लोकपाल, काला धन, 2जी और कोयला घोटाले जैसे मुद्दों को लेकर सड़कों पर उतरती थी।



तब कई केंद्रीय मंत्री जेल गए थे। लेकिन बाद में सभी निर्दोष साबित हुए। न तो काला धन आया और न ही लोगों के खाते में 15 लाख रुपए आए। गहलोत ने कहा कि उस समय कांग्रेस ने भाजपा के आंदोलनों को विदेशी ताकतों से जोड़कर आरोप नहीं लगाए थे।



आज विपक्ष आंदोलन कर रहा है तो उस पर इस तरह के आरोप लगाना केवल राजनीतिक बयानबाजी है।

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