वेब सीरीज 'घूसखोर पंडत': निर्माता नीरज पांडे और अभिनेता मनोज बाजपेयी के खिलाफ केस दर्ज

वेब सीरीज 'घूसखोर पंडत' का राजस्थान सहित देशभर में  विरोध हो रहा है। अब जयपुर में भी निर्माता नीरज पांडे और अभिनेता मनोज बाजपेयी के खिलाफ कोतवाली पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया।

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Purshottam Kumar Joshi
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Photograph: (the sootr)

News in Short

जयपुर में 'घूसखोर पंडत' वेब सीरीज के खिलाफ परिवाद दर्ज।

ब्राह्मण समाज ने इसे अपमानजनक और समाज की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला बताया।

निर्माता नीरज पांडे और अभिनेता मनोज बाजपेयी पर आरोप।

आरोप, धार्मिक और सामाजिक भावनाएं आहत करने और विवादास्पद नामकरण के।

पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की, एफआईआर की संभावना।

News in Detail

राजस्थान के जयपुर में वेब सीरीज 'घूसखोर पंडत' को लेकर विवाद खड़ा हो गया   है। धरोहर बचाओ समिति और ब्राह्मण समाज ने इस नाम को लेकर गहरी आपत्ति जताई है। इनका कहना है कि 'पंडित' जैसे सम्मानजनक और सांस्कृतिक पहचान से जुड़े शब्द को 'घूसखोर' जैसे अपमानजनक शब्द के साथ जोड़ना समाज के लिए बहुत ही अपमानजनक है। जयपुर कोतवाली पुलिस थाने में फिल्म निर्माता और अभिनेता के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया गया है।

ब्राह्मण समाज की आपत्ति

समाज के सदस्य यह आरोप लगा रहे हैं कि वेब सीरीज के निर्माता नीरज पांडे और अभिनेता मनोज बाजपेयी ने एक विशेष समाज को जानबूझकर भ्रष्ट और नकारात्मक रूप में चित्रित किया है। यह कृत्य न केवल रचनात्मक स्वतंत्रता का दुरुपयोग है, बल्कि समाज की छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास भी है।

कड़ी कार्रवाई की मांग

इस विवाद पर इनफ्लुएंसर रिद्धिमा शर्मा ने भी अपनी आवाज उठाई। उन्होंने कहा कि किसी भी समाज की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान से जुड़े शब्दों का इस्तेमाल बहुत जिम्मेदारी से करना चाहिए। रिद्धिमा ने वेब सीरीज का नाम बदलने और निर्माता तथा अभिनेता के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की। उनका कहना है कि इस तरह की वेब सीरीज समाज में नकारात्मक सोच को बढ़ावा देती है।

कोतवाली थाने में दर्ज हुआ परिवाद

कोतवाली थाने में इस मामले को लेकर परिवाद दर्ज किया गया है। थाने के अधिकारी राजेश गौतम ने पुष्टि की कि इस पर एफआईआर भी जल्द ही दर्ज की जाएगी। इस मामले में सिर्फ नीरज पांडे और मनोज बाजपेयी का नाम ही नहीं, बल्कि वेब सीरीज के अन्य कलाकार जैसे नुसरत भरूचा, श्रद्धा दास, दिव्या दत्ता, अक्षय ओबेरॉय, किकू शारदा, प्रियंका बजाज, साकिब सलीम और लेखक रितेश शाह का भी नाम शामिल किया गया है।

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Photograph: (the sootr)

सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान का महत्व

समाज के नेताओं और विशेषज्ञों का मानना है कि रचनात्मकता की आड़ में किसी भी जाति, धर्म या समाज का अपमान करना गंभीर परिणामों का कारण बन सकता है। इस मामले ने एक बार फिर दिखाया है कि कलाकारों को अपनी कला के प्रति जिम्मेदार होना चाहिए और समाज के प्रति संवेदनशीलता बनाए रखनी चाहिए।

घूसखोर पंडत का यह हैं मामला

नेटफ्लिक्स की आगामी फिल्म 'घूसखोर पंडत' (Ghooskhor Pandat) को लेकर मुख्य विवाद इसके शीर्षक से जुड़ा है। इसमें 'पंडमनोत' जैसे सम्मानित शब्द को 'घूसखोर' (भ्रष्ट) विशेषण के साथ जोड़ा गया है। ब्राह्मण समुदाय और विभिन्न हिंदू संगठनों ने इसे अपनी गरिमा के खिलाफ और जातिगत रूढ़िवादिता को बढ़ावा देने वाला बताया है।

विवाद इतना बढ़ गया कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर लखनऊ के हजरतगंज थाने में फिल्म के निर्देशक नीरज पांडे और टीम के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। इसके अतिरिक्त, दिल्ली उच्च न्यायालय में फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने के लिए याचिका दायर की गई और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने भी सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को नोटिस भेजा है। भारी विरोध के बीच निर्माताओं ने सभी प्रचार सामग्री और टीज़र को हटा लिया है, जबकि मुख्य अभिनेता मनोज बाजपेयी ने स्पष्ट किया है कि फिल्म एक काल्पनिक चरित्र और उसकी व्यक्तिगत यात्रा पर आधारित है, न कि किसी समुदाय के खिलाफ। 

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