राजस्थान में घूसखोर को-ऑपरेटिव इंस्पेक्टर गिरफ्तार, ACB की बड़ी कार्रवाई, जानें पूरा मामला

Nitin Kumar Bhal | Aug 15, 2025, 10:49 IST
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Photograph: (The Sootr)

जयपुर में एसीबी ने रिश्वत लेते हुए को-ऑपरेटिव इंस्पेक्टर को गिरफ्तार किया। आरोपी ने 2.75 लाख रुपए की घूस लेते रंगे हाथ पकड़ा गया। एसीबी जांच जारी है।

राजस्थान के जयपुर में एसीबी (एंटी करप्शन ब्यूरो) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए को-ऑपरेटिव इंस्पेक्टर को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। आरोपी इंस्पेक्टर नारायण वर्मा को 2.75 लाख रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया। आरोपी ने घूस की रकम लेने से पहले परिवादी को करीब 10 किलोमीटर तक गलियों में घुमाया ताकि उसे पकड़ा न जा सके। एसीबी की टीम अब इस मामले की गहन जांच कर रही है और आरोपी के कार्यालय तथा घर पर भी तलाशी ली जा रही है।

स्टे के बदले मांगी रिश्वत

राजस्थान के जयपुर में इस घूसखोरी का मामला तब सामने आया जब परिवादी ने एसीबी मुख्यालय में रिपोर्ट दर्ज करवाई। परिवादी ने शिकायत में बताया कि जयपुर के श्रीनाथ एनक्लेव सेकेंड ग्राम हरगुन की नांगल उर्फ चारणवाला डिग्गी रोड सांगानेर में दो आवासीय प्लॉट बनाए गए थे, जिन पर विवाद उत्पन्न हो गया था। इन प्लॉटों पर स्टे प्राप्त करने के बदले में को-ऑपरेटिव इंस्पेक्टर नारायण वर्मा द्वारा घूस की मांग की जा रही थी।

एसीबी कार्यवाहक डीजी IPS स्मिता श्रीवास्तव ने इस मामले पर बयान देते हुए कहा कि एसीबी की टीम ने पूरे मामले की जांच की और आरोपी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा। एसीबी की यह सख्त कार्रवाई राज्य में भ्रष्टाचार को समाप्त करने के लिए एक अहम कदम मानी जा रही है।

4 लाख रुपए घूस की मांग

परिवादी ने बताया कि को-ऑपरेटिव इंस्पेक्टर ने उसे हर एक प्लॉट के लिए 2 लाख रुपए की रिश्वत की मांग की थी, जिससे कुल 4 लाख रुपए का भुगतान करना था। इसके साथ ही इंस्पेक्टर ने अपनी व्यक्तिगत फीस के तौर पर 1 लाख रुपए की रिश्वत की भी मांग की थी। इस मामले में पहले ही 74 हजार रुपए की रिश्वत ली जा चुकी थी, और अब 2.75 लाख रुपए की अतिरिक्त डिमांड की जा रही थी।

अगर कोई रिश्वत मांगे तो क्या करें?

अगर कोई सरकारी अधिकारी या कर्मचारी आपसे रिश्वत मांगता है, तो आप भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) से मदद ले सकते हैं। इसके लिए आप 1064 पर कॉल कर सकते हैं या एसीबी की वेबसाइट पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करवा सकते हैं।

एसीबी से संपर्क करने के तरीके

  1. हेल्पलाइन नंबर: राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) का हेल्पलाइन नंबर 1064 है। आप इस नंबर पर कॉल करके अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं।
  2. व्हाट्सएप हेल्पलाइन: आप व्हाट्सएप पर 9413502834 नंबर पर भी शिकायत भेज सकते हैं।
  3. ईमेल: आप एसीबी को complt.acb@rajasthan.gov.in पर ईमेल भी भेज सकते हैं।
कभी भी रिश्वत न दें: रिश्वत देना और लेना दोनों ही कानूनी अपराध हैं। एसीबी आपकी शिकायत को पूरी गोपनीयता के साथ संभालेगा।

शिकायत करते समय कुछ जरूरी बातें

  • यदि संभव हो, तो रिश्वत मांगने का कोई प्रमाण इकट्ठा करें, जैसे कि ऑडियो, वीडियो रिकॉर्डिंग, या कोई लिखित दस्तावेज।
  • शिकायत दर्ज करते समय घटना का समय, स्थान और आरोपी का विवरण सटीक रूप से दें।


एसीबी ने बिछाया जाल

एसीबी ने परिवादी की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई की और आरोपी इंस्पेक्टर के खिलाफ ट्रैप (जाल बिछाने) की योजना बनाई। एसीबी ने रिश्वत की रकम को लेकर एक पूरी रणनीति बनाई, ताकि आरोपियों को रंगे हाथ पकड़ा जा सके।

परिवादी को 10 किलोमीटर तक गलियों में घुमाया

एसीबी ने रिश्वत लेते हुए इंस्पेक्टर को पकड़ने के लिए परिवादी को स्वेज फार्म, रामनगर बुलाया। इस दौरान आरोपी ने परिवादी को 10 किलोमीटर तक गलियों में घुमाया, ताकि वह किसी भी तरह से अपनी गिरफ्तारी से बच सके। हालांकि, एसीबी टीम ने सबकुछ पहले से योजना बनाकर पकड़ा और अंततः जयपुर के ज्योति राव फुले सर्कल, स्वेज फार्म के पास आरोपी को रिश्वत की रकम लेते हुए धर दबोचा।

इंस्पेक्टर के कार्यालय, घर और अन्य ठिकानों पर भी तलाशी शुरू

गिरफ्तारी के बाद एसीबी ने आरोपी इंस्पेक्टर नारायण वर्मा के कार्यालय, घर और अन्य ठिकानों पर भी तलाशी शुरू कर दी है। एसीबी ने बताया कि आरोपी की भूमिका और अन्य लोगों के शामिल होने के संबंध में भी पूछताछ की जा रही है।

समाज में भ्रष्टाचार का प्रभाव

यह मामला इस बात का प्रमाण है कि राज्य में भ्रष्टाचार कितनी गहराई तक फैल चुका है। सरकारी अधिकारियों का रिश्वत लेना और काम न करने के बदले पैसे लेना, न केवल नागरिकों के विश्वास को कमजोर करता है बल्कि राज्य के प्रशासनिक तंत्र को भी दागदार बनाता है। एसीबी की कार्रवाई ने भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ एक सख्त संदेश भेजा है कि भ्रष्टाचार को किसी भी सूरत में सहन नहीं किया जाएगा।

एसीबी की जांच और आगे की कार्रवाई

एसीबी की टीम ने इस मामले में और भी महत्वपूर्ण सुराग हासिल करने के लिए आरोपी के अन्य ठिकानों पर छापेमारी की है। जांच के दौरान, यह संभावना जताई जा रही है कि आरोपी अकेला नहीं था और अन्य अधिकारी भी इस घूसखोरी के नेटवर्क का हिस्सा हो सकते हैं।

भविष्य में एसीबी की योजनाएं

एसीबी की टीम अब उन अन्य लोगों की पहचान करने पर काम कर रही है जिन्होंने आरोपी इंस्पेक्टर की मदद की हो सकती है। इसके अलावा, एसीबी ने यह भी वादा किया है कि भविष्य में इस तरह के मामलों में और सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि सरकारी अधिकारियों के बीच भ्रष्टाचार को खत्म किया जा सके।

FAQ

  1. 1. जयपुर में एसीबी ने किसे गिरफ्तार किया?
    जयपुर में एसीबी ने को-ऑपरेटिव इंस्पेक्टर नारायण वर्मा को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। उन्होंने 2.75 लाख रुपए की रिश्वत ली थी।
  2. 2. आरोपी को-ऑपरेटिव इंस्पेक्टर ने रिश्वत की मांग क्यों की थी?
    आरोपी नारायण वर्मा ने दो आवासीय प्लॉटों के विवाद को सुलझाने के बदले में रिश्वत की मांग की थी।
  3. 3. एसीबी ने को-ऑपरेटिव इंस्पेक्टर को रंगे हाथ कैसे पकड़ा?
    एसीबी ने ट्रैप के तहत आरोपी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा। परिवादी को 10 किलोमीटर तक घुमाने के बाद आरोपी को पकड़ा गया।
  4. 4. क्या एसीबी ने आरोपी को-ऑपरेटिव इंस्पेक्टर के घर पर छापेमारी की है?
    जी हां, एसीबी ने आरोपी के घर, कार्यालय और अन्य ठिकानों पर छापेमारी की है और जांच जारी है।
  5. 5. एसीबी की टीम किस तरह के कदम उठा रही है?
    एसीबी ने इस मामले की गहन जांच शुरू कर दी है और भविष्य में इस तरह के मामलों में और सख्त कार्रवाई की योजना बनाई है।


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