जयपुर में ऑडी कार का कहर, 120 की रफ्तार से 16 लोगों को रौंदा, एक की मौत
NEWS IN SHORT
- जयपुर के मानसरोवर में शुक्रवार रात करीब 9:30 बजे भीषण सड़क हादसा हुआ।
- 120 किमी/घंटा की रफ्तार से दौड़ रही ऑडी ने 16 लोगों को रौंदा।
- हादसे में भीलवाड़ा निवासी रमेश बैरवा की मौत, 4 लोग गंभीर घायल।
- आरोपी ड्राइवर दिनेश रणवां और एक सिपाही सहित तीन लोग फरार।
- नशे में धुत कार सवारों ने डिवाइडर और 10 फूड स्टॉल्स को मारी टक्कर।
NEWS IN DETAIL
मानसरोवर में खौफनाक शुक्रवार रात
जयपुर के पत्रकार कॉलोनी स्थित खराबास सर्किल पर शुक्रवार रात चीख-पुकार मच गई। रात करीब 9:30 बजे एक बेकाबू ऑडी कार ने तबाही मचा दी। भीड़भाड़ वाले इलाके में कार की रफ्तार 120 किमी/घंटा से अधिक थी। इस हादसे ने पूरे इलाके को दहला कर रख दिया है।
दो कारों के बीच मौत की रेस
पकड़े गए आरोपी पप्पू ने बताया कि दो कारों में रेसिंग हो रही थी। चूरू निवासी दिनेश रणवां ऑडी कार को चला रहा था। रेस के दौरान कार बेकाबू होकर डिवाइडर से टकरा गई। इसके बाद दूसरी रेसिंग कार मौके से यू-टर्न लेकर भाग निकली।
फूड स्टॉल्स में घुसी तेज रफ्तार कार
डिवाइडर से टकराने के बाद ऑडी सीधे सड़क किनारे फूड स्टॉल्स में जा घुसी। वहां करीब 50 लोग खाना खा रहे थे। कार ने एक के बाद एक 10 से ज्यादा स्टॉल्स को उड़ा दिया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि पास खड़ी एक दूसरी कार भी पलट गई।
16 लोगों को रौंदा
नशे में धुत ड्राइवर ने हादसे के बाद कार रोकने के बजाय स्पीड बढ़ा दी। कार करीब 16 लोगों को रौंदते हुए करीब 100 मीटर दूर जाकर रुकी। एक पेड़ से टकराने के बाद ही ऑडी की रफ्तार पर लगाम लगी। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त कार को जब्त कर लिया है।
एक की मौत और चार की हालत नाजुक
हादसे में फूड स्टॉल पर काम करने वाले रमेश बैरवा की मौत हो गई। 16 घायलों को तुरंत जयपुरिया अस्पताल ले जाया गया। इनमें से 4 गंभीर घायलों को एसएमएस (SMS) अस्पताल रेफर किया गया है। घायलों में अधिकांश स्टॉल संचालक और ग्राहक शामिल हैं।
आरोपी पुलिसकर्मी और ड्राइवर हुए फरार
हादसे के बाद कार सवार चार में से तीन लोग भाग निकले। फरार होने वालों में मुख्य आरोपी दिनेश और जयपुर पुलिस का एक सिपाही शामिल है। भीड़ ने केवल एक युवक पप्पू को मौके पर पकड़कर पुलिस के हवाले किया।
सूत्र नॉलेज-
जयपुर हादसे से सीख लेते हुए हर चालक को इन 5 नियमों का पालन करना चाहिए।
1.शराब पीने के बाद गाड़ी न चलाएं। कैब करें या किसी दोस्त को गाड़ी चलाने दें।
2. शहर की सड़कें आम नागरिकों, पैदल यात्रियों और छोटे दुकानदारों के लिए हैं।अपनी और दूसरों की जान जोखिम में डालकर एड्रेनालिन रश की तलाश न करें।
3. शहर के भीतर 40-50 किमी/घंटा की गति सीमा इसलिए तय की जाती है ताकि अचानक कोई सामने आए तो ब्रेक लगाया जा सके।
4. रात में फुटपाथ पर काम करने वाले और खाना खाने वाले लोग सबसे ज्यादा होते हैं। इसलिए रात में रफ्तार और कम रखनी चाहिए।
5.यदि आप ऐसी कोई रेसिंग या स्टंट होते देखें, तो तुरंत पुलिस हेल्पलाइन (100/112) पर सूचना दें।
सड़क दुर्घटना की सूचना देने या यातायात नियमों की जानकारी के लिए इन आधिकारिक स्रोतों का उपयोग करें।
- सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MORTH): morth.nic.in (सड़क सुरक्षा नियमों और गाइडलाइंस के लिए)
- परिवहन सेवा (Parivahan): parivahan.gov.in (ड्राइविंग लाइसेंस और सड़क सुरक्षा संबंधी जानकारी के लिए)
निष्कर्ष- जयपुर का यह हादसा शहर की सड़कों पर अवैध रेसिंग और नशे की गंभीर समस्या को दर्शाता है। एक मासूम की जान जा चुकी है। पुलिस अब फरार ड्राइवर और अपने ही विभाग के सिपाही की तलाश में जुटी है।
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