बेखौफ बदमाशों ने जयपुर सेंट्रल जेल में शूट की रील, शहर में आग लगाने की धमकी
राजस्थान की राजधानी जयपुर की सेंट्रल जेल से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसमें हत्या के आरोपियों ने सोशल मीडिया पर धमकी भरी रीलें पोस्ट की हैं। ऐसी रील इंस्टाग्राम पर तेजी से वायरल हो गई, और इसके बाद जेल प्रशासन हरकत में आया।
वीडियो में एक बंदी ने अपने साथियों के साथ मिलकर धमकी दी कि वे कोटपुतली शहर में आग लगा देंगे। यह घटना, जो सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देती है, सवाल उठाती है कि जेल के अंदर मोबाइल फोन कैसे पहुंचे और सुरक्षा इंतजामों में इतनी बड़ी चूक क्यों हुई?
जेल में शूट रील वायरल
जयपुर सेंट्रल जेल के अंदर से बनाई गई इन वीडियो रीलों में बंदियों ने न केवल धमकी दी, बल्कि यह भी कहा कि यदि उनकी बात नहीं मानी जाती तो वे पूरे कोटपुतली शहर में आग लगा देंगे। इन वीडियो की सूचना मिलने के बाद, जेल प्रशासन ने जांच शुरू की और पाया कि ये वीडियो जेल के अंदर ही शूट की गई थीं। जांच के बाद आठ बंदियों पर मामला दर्ज किया गया और उनकी पूछताछ की गई।
ये खबरें भी पढ़ें
राजस्थान की सबसे बड़ी भर्ती परीक्षा 19 से, आज से कर सकेंगे फ्री सफर, पेपर डिस्कशन पर रहेगी रोक
कैदी निखिल के पास मिला मोबाइल
जांच के दौरान, एक और हैरान करने वाली बात सामने आई। हत्या के आरोपी निखिल के पास मोबाइल पाया गया। माना जा रहा है कि उसी मोबाइल से वीडियो शूट करके बाहर भेजी गई थी। पुलिस ने उस मोबाइल को जब्त कर लिया है और अब यह पता लगाया जा रहा है कि यह मोबाइल जेल में कैसे आया।
जैमर की कमी और सुरक्षा पर सवाल
जयपुर सेंट्रल जेल के अंदर मोबाइल फोन का पाया जाना कोई नई बात नहीं है। पिछले चार वर्षों में, 39 मोबाइल फोन जेल से बरामद हो चुके हैं। हालांकि, इस समस्या का मुख्य कारण जैमर की कमी है।
जेल के अधिकारियों का कहना है कि घनी आबादी के बीच स्थित होने के कारण जैमर पूरी तरह से प्रभावी नहीं हो पा रहे हैं। इसके बावजूद, इस दिशा में कई प्रयास किए गए थे, लेकिन किसी भी कदम को सफलतापूर्वक लागू नहीं किया जा सका है।
ये खबरें भी पढ़ें
राजस्थान पुलिस ने पकड़े फर्जी तरीके से सरकारी नौकरी पाने वाले, जानें कैसे होगी वसूली
राजस्थान में फर्जी डिग्री दे अफसरों ने बढ़वा ली तनख्वाह, अब होगी वसूली
अब तक की मोबाइल की बरामदगी
2019 से लेकर अब तक, जयपुर सेंट्रल जेल से कुल 39 मोबाइल फोन बरामद किए जा चुके हैं। हर साल नए मोबाइल का पता चलता है, और यह समस्या बढ़ती ही जा रही है।
- 2022 में 6 मोबाइल
- 2023 में 9 मोबाइल
- 2024 में 13 मोबाइल
- 2025 में 11 मोबाइल (अगस्त तक)
जेल प्रशासन की कार्रवाई
जेल अधीक्षक प्रमोद ने बताया कि जेल में मोबाइल और अन्य प्रतिबंधित वस्तुओं को रोकने के लिए सख्त आदेश पहले से ही लागू किए गए हैं। इसके बावजूद, जैमर की स्थिति और सुरक्षा प्रबंधों को लेकर कई बार जांच हो चुकी है। उन्होंने यह भी कहा कि दोषी जेल कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है, जिसमें निलंबन से लेकर बर्खास्तगी तक शामिल है। अब जेल में औचक निरीक्षण के आदेश दिए गए हैं।
FAQ
- 1. जयपुर सेंट्रल जेल में मोबाइल फोन कैसे पहुंचते हैं?
जयपुर सेंट्रल जेल में मोबाइल फोन पहुंचने का मुख्य कारण जैमर की कमी और सुरक्षा इंतजामों की ढिलाई है। जेल के आसपास बस्तियों में बने ऊंचे भवनों से मोबाइल फोन फेंके जाते हैं। इस पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है, लेकिन अब तक इस पर पूरी तरह से रोक नहीं लगाई जा सकी है। - 2. जयपुर सेंट्रल जेल से कितने मोबाइल बरामद हो चुके हैं?
पिछले चार वर्षों में जयपुर सेंट्रल जेल से कुल 39 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। इसमें से इस साल अब तक 11 मोबाइल जब्त किए जा चुके हैं। - 3.वीडियो रील में क्या धमकी दी गई थी?
वीडियो रील में, हत्या के आरोपी बंदियों ने धमकी दी थी कि वे कोटपुतली शहर में आग लगा देंगे, यदि उनकी बात नहीं मानी जाती। यह रील सोशल मीडिया पर वायरल हो गई थी, जिसके बाद जेल प्रशासन ने मामले की जांच शुरू की। - 4. जेल में मोबाइल के उपयोग के खिलाफ क्या कदम उठाए गए हैं?
जेल प्रशासन ने मोबाइल फोन और अन्य प्रतिबंधित वस्तुओं के उपयोग को रोकने के लिए कई कदम उठाए हैं, जिनमें जैमर लगाने का प्रयास और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई शामिल है। हालांकि, जैमर की कमी और अन्य सुरक्षा समस्याओं के कारण यह पूरी तरह से सफल नहीं हो पा रहा है। - 5. क्या जयपुर सेंट्रल जेल की सुरक्षा प्रणाली में सुधार किया जाएगा?
जेल प्रशासन ने जैमर की स्थिति और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सुधार की योजना बनाई है। जेल अधीक्षक प्रमोद ने कहा कि अब औचक निरीक्षण किए जाएंगे।