कलेक्ट्रेट मे ACB की बड़ी कार्रवाई, पीए को 1 लाख की रिश्वत लेते किया गिरफ्तार
समझें क्या है पूरा मामला
- जयपुर कलेक्ट्रेट में ACB की बड़ी कार्रवाई
- एडीएम-ईस्ट का पीए 1 लाख रिश्वत लेते गिरफ्तार
- बिल पास कराने के बदले मांगी थी रकम
- ट्रैप कार्रवाई से कलेक्ट्रेट में मचा हड़कंप
- आरोपी के ठिकानों पर ACB की जांच जारी
राजस्थान के जयपुर कलेक्ट्रेट में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB – Anti Corruption Bureau) ने बड़ी कार्रवाई की है। एडीएम-ईस्ट के निजी सहायक मुकेश कुमार को 1 लाख रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया। आरोपी ने बकाया बिल पास कराने के नाम पर यह रकम मांगी थी। कार्रवाई से कलेक्ट्रेट परिसर में हड़कंप मच गया। यह ट्रैप डीआईजी डॉ. रामेश्वर सिंह के सुपरविजन में हुआ।
किस तरह हुई रिश्वत की मांग
परिवादी का कलेक्ट्रेट शाखा में एक बिल बकाया था। इस बिल को पास कराने के लिए वह लगातार दफ्तर के चक्कर लगा रहा था। एडीएम-ईस्ट के पीए मुकेश कुमार ने काम अटका दिया था।
आरोपी ने बिल क्लियर करने के बदले 1 लाख रुपये नकद मांगे थे। परेशान होकर परिवादी ने एसीबी से शिकायत की। एसीबी ने गोपनीय तरीके से मामले का सत्यापन कराया। जांच में आरोप सही पाए गए।
कैसे बिछाया गया जाल
सत्यापन के बाद एएसपी (ASP – Assistant Superintendent of Police) सुनील सिहाग के नेतृत्व में टीम ने योजना बनाई। कलेक्ट्रेट परिसर में ही ट्रैप बिछाया गया। परिवादी ने आरोपी को उसकी सीट पर रिश्वत की रकम दी।
नोटों पर पहले से केमिकल लगाया गया था। जैसे ही रकम का लेनदेन हुआ, सादा वर्दी में मौजूद एसीबी टीम ने आरोपी को तुरंत पकड़ लिया। हाथ धुलाने पर पानी का रंग गुलाबी हो गया। इससे रिश्वत लेने की पुष्टि हो गई।
कार्रवाई के बाद हड़कंप
कलेक्ट्रेट जैसे प्रशासनिक केंद्र में हुई इस कार्रवाई से अधिकारियों और कर्मचारियों में हलचल मच गई। आमजन के बीच भी इस घटना की चर्चा तेज हो गई।
एसीबी ने आरोपी को तुरंत हिरासत में लिया। इसके बाद जरूरी कागजी कार्यवाही शुरू की गई। पूरी कार्रवाई डीआईजी (DIG – Deputy Inspector General) डॉ. रामेश्वर सिंह के मार्गदर्शन में हुई।
आगे की जांच जारी
गिरफ्तारी के बाद एसीबी टीम आरोपी के ठिकानों पर सर्च कर रही है। इसका मकसद उसकी अन्य संपत्तियों और काली कमाई का पता लगाना है।
इसके साथ ही यह भी जांचा जा रहा है कि क्या इस मामले में कलेक्ट्रेट के अन्य अधिकारियों की भी भूमिका थी। एसीबी आने वाले दिनों में इस दिशा में और खुलासे कर सकती है।
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