/sootr/media/media_files/2026/02/08/jaipur-darma-2026-02-08-17-01-59.jpg)
Photograph: (the sootr)
News In Short
- जयपुर के परकोटा क्षेत्र में मजार पर छत निर्माण को लेकर विधायक बालमुकुंदाचार्य और अमीन कागजी के बीच विवाद हुआ।
- बालमुकुंदाचार्य ने बिना अनुमति के निर्माण को रोकने की कोशिश की, जबकि अमीन कागजी ने कागजात दिखाकर इसका विरोध किया।
- डीसीपी नॉर्थ ने पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर विवाद को शांत किया और शांति बनाए रखने के लिए अतिरिक्त जाब्ता तैनात किया।
- यह विवाद कुछ समय के लिए इलाके में सांप्रदायिक तनाव का कारण बना।
- स्थानीय निवासियों का कहना है कि राजनीतिक विवादों से जयपुर की साझी संस्कृति और शांति पर असर पड़ रहा है।
News In Detail
राजस्थान की राजधानी जयपुर के परकोटा क्षेत्र में स्थित चांदपोल सब्जी मंडी के पास एक मजार पर छत बनाने को लेकर शनिवार को विवाद उठ खड़ा हुआ। इस विवाद ने तब तूल पकड़ा, जब हवामहल विधायक बालमुकुंदाचार्य ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य रुकवाने की कोशिश की। इसके तुरंत बाद, कांग्रेस विधायक अमीन कागजी भी अपने समर्थकों के साथ वहां पहुंच गए। सड़क पर ही दोनों विधायकों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। इसके कारण कुछ समय के लिए इलाके में तनाव की स्थिति बन गई।
मजार पर छत निर्माण पर आपत्ति
विवाद की शुरुआत उस समय हुई जब मजार पर पक्की छत डाले जाने का काम शुरू किया गया। स्थानीय स्तर पर विरोध की सूचना मिलने पर भाजपा विधायक बालमुकुंदाचार्य मौके पर पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना उचित अनुमति के और पुराने स्वरूप को बदलते हुए नया निर्माण किया जा रहा था।
बालमुकुंदाचार्य ने कहा कि शहर के विरासत क्षेत्रों में किसी भी नए निर्माण के लिए सख्त नियमों का पालन किया जाना चाहिए। उन्होंने निर्माण कार्य को रुकवाने की मांग की और प्रशासन से स्पष्टीकरण की मांग की।
अमीन कागजी का हस्तक्षेप
बालमुकुंदाचार्य द्वारा निर्माण कार्य रुकवाने की खबर मिलने के बाद, क्षेत्रीय विधायक अमीन कागजी भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि उनके क्षेत्र में इस निर्माण के लिए उचित कागजात और प्रशासन की स्वीकृति मौजूद है। कागजी ने कहा, "बालमुकुंदाचार्य को अपने विधानसभा क्षेत्र (हवामहल) में ध्यान देना चाहिए, दूसरे के क्षेत्र में आकर माहौल खराब नहीं करना चाहिए।"
कागजी ने यह भी कहा कि उन्होंने अपने क्षेत्र में कई मंदिरों के जीर्णोद्धार के काम को समर्थन दिया है और उनका केवल उद्देश्य विकास और मरम्मत कार्यों का समर्थन करना है, जो कानूनी रूप से वैध हैं।
डीसीपी नॉर्थ ने संभाला मोर्चा
विवाद बढ़ने और तनाव फैलने के बाद, डीसीपी नॉर्थ करण शर्मा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थता की और भीड़ को तितर-बितर करने की कोशिश की। पुलिस अधिकारियों ने स्थिति को नियंत्रण में बताया और शांति बनाए रखने के लिए अतिरिक्त जाब्ता तैनात किया। प्रशासन ने अब निर्माण कार्य की वैध अनुमति की जांच शुरू कर दी है।
जयपुर की 'गंगा-जमुनी तहजीब' पर सवाल?
यह पहला मामला नहीं है जब जयपुर के परकोटा क्षेत्र में धार्मिक स्थल या अतिक्रमण को लेकर विवाद हुआ हो। पिछले कुछ समय से लाउडस्पीकर, मजारों के रखरखाव और मंदिरों के जीर्णोद्धार को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि राजनीतिक विवादों की वजह से जयपुर की पुरानी साझी संस्कृति और शांति भंग हो रही है।
ये भी पढे़:-
एमपी और राजस्थान में ठंडी हवाओं के साथ घने कोहरे का अलर्ट, छत्तीसगढ़ में शुष्क रहेगा मौसम
मौत के जबड़े से लौट आया राजस्थान का यह 'बाहुबली' किसान, 15 मिनट तक लेपर्ड से चला खूनी संघर्ष
राजस्थान बोर्ड ने 12वीं परीक्षा में किए बदलाव, परीक्षार्थियों को मिली राहत या बन गई आफत
थाईलैंड की राजकुमारी पांच दिन के दौरे पर पहुंची राजस्थान, जानिए क्या है उनका पूरा कार्यक्रम
/sootr/media/agency_attachments/dJb27ZM6lvzNPboAXq48.png)
Follow Us