करणी सेना के प्रदर्शन में बिगड़ी थी तबियत, अब युवक की मौत
समझें क्या है पूरा मामला
- जयपुर प्रदर्शन में करणी सेना कार्यकर्ता की मौत।
- देवराज सिंह की मौत पर पुलिस-संगठन आमने-सामने।
- पुलिस ने वाटर कैनन-लाठीचार्ज से इनकार किया।
- UGC नियमों के विरोध में हुआ था प्रदर्शन।
- प्रदर्शन के दौरान बिगड़ी थी देवराज सिंह की तबीयत।
राजस्थान के जयपुर में श्रीराजपूत करणी सेना के प्रदर्शन के दौरान एक कार्यकर्ता की मौत हो गई। यह प्रदर्शन सोमवार 3 अगस्त को यूजीसी के नए नियमों के विरोध में किया जा रहा था। मृतक की पहचान डीडवाना-कुचामन जिले के पलाड़ा निवासी देवराज सिंह के रूप में हुई है।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ता देवराज सिंह की तबीयत बिगड़ गई थी। जिसे तुरंत उसे SMS हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान देर रात देवराज की मौत हो गई।
पुलिस के अनुसार देवराज सिंह की मौत स्वास्थ्य बिगड़ने की वजह से हुई। पुलिस ने साफ किया है कि इसका लाठीचार्ज या वाटर कैनन से कोई संबंध नहीं है।
इसको लेकर श्रीराजपूत करणी सेना के अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना ने जयपुर में मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने बताया- देवराज सिंह पलाड़ा रावणा राजपूत समाज से था, लेकिन हमारे साथ खड़ा था।
पुलिस की ओर से कालवाड़ रोड पर चलाए गए वाटर कैनन की बौछार उसके सीने पर लगी। इससे वो घायल हो गया।इसके बाद उसकी मौत हो गई।
रैली आयोजक ने लगाए पुलिस पर आरोप
श्रीराजपूत करणी सेना के अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना ने जयपुर में मंगलवार 4 अगस्त को प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने बताया- देवराज सिंह पलाड़ा ओबीसी से आता है। वह रावणा राजपूत समाज से था, लेकिन हमारे साथ खड़ा था। पुलिस की ओर से कालवाड़ रोड पर चलाए गए वाटर कैनन की बौछार उसके सीने पर लगी। इससे वो घायल हो गया।
कौन थे देवराज सिंह
मृतक की पहचान डीडवाना-कुचामन जिले के पलाड़ा निवासी देवराज सिंह के तौर पर हुई है। देवराज सिंह यहां यूजीसी के नए नियमों के विरोध में श्री राजपूत करणी सेना, राष्ट्रीय हिंदू महासभा और सवर्ण समाज के विभिन्न संगठनों की ओर से निकाली गई रैली में शामिल हुआ था।
इसी रैली के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई। इस झड़प के दौरान देवराज सिंह गंभीर रूप से घायल हो गया था।
स्वास्थ्य बिगड़ने से मौत
इस मामले में पुलिस ने आधिकारिक तौर पर स्पष्टीकरण दिया है। डीसीपी प्रशांत किरण ने इसकी पुष्टि की है। उनके अनुसार देवराज सिंह की मौत पुलिस लाठीचार्ज या वाटर कैनन के कारण नहीं हुई। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान उनका स्वास्थ्य अचानक बिगड़ गया था, जिसके बाद उनकी मौत हुई।
वहीं कुछ जानकारी के अनुसार तनावभरे माहौल के चलते देवराज सिंह घबराकर गिर गए थे और गंभीर रूप से घायल हो गए थे। मौत की सटीक वजह को लेकर पुलिस का आधिकारिक बयान ही अब तक की स्पष्ट जानकारी है।
जयपुर में हुआ अंतिम संस्कार
देवराज सिंह की मौत के बाद परिवार में शोक का माहौल है। मंगलवार सुबह जयपुर में उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस बारे में जानकारी भाजपा नेता विजय सिंह पलाड़ा ने दी।
जानकारी के अनुसार प्रदर्शन के दौरान देवराज सिंह की तबीयत खराब हुई थी। इसके बाद उन्हें तुरंत हॉस्पिटल ले जाया गया। वहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
कैसे बढ़ा प्रदर्शन आगे
रैली को शुरुआत में ही रोकने की कोशिश हुई थी। पुलिस ने सबसे पहले 200 फीट एक्सप्रेस पुलिया के नीचे बैरिकेड्स लगाए। लेकिन प्रदर्शनकारी इन बैरिकेड्स को पार कर आगे बढ़ गए।
इसके बाद पुलिस ने कई और जगहों पर रोकने की कोशिश की। चौमूं पुलिया तिराहा, अंबाबाड़ी तिराहा और पानीपेच तिराहा पर भी बैरिकेडिंग की गई थी। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी आगे बढ़ते रहे। वे कलेक्ट्रेट सर्किल तक पहुंच गए। वहां से वे भाजपा प्रदेश कार्यालय और मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ने लगे। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच कई बार आमना-सामना हुआ।
वाटर कैनन के बाद लाठीचार्ज
भीड़ को काबू करना पुलिस के लिए मुश्किल हो गया था। पहले पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। जब इससे भी प्रदर्शनकारी पीछे नहीं हटे, तो पुलिस ने लाठीचार्ज किया। इसका मकसद भीड़ को तितर-बितर करना था।
इसी तनावभरे माहौल के दौरान देवराज सिंह गंभीर रूप से घायल हुए थे।
संगठन का आरोप
श्री राजपूत करणी सेना ने पुलिस कार्रवाई पर गंभीर आरोप लगाए हैं। संगठन का कहना है कि पुलिस ने महिलाओं और युवाओं पर भी बल प्रयोग किया। संगठन का यह भी दावा है कि इस दौरान एक कार्यकर्ता का पैर टूट गया। इसके अलावा कई अन्य लोग भी घायल हुए हैं। पुलिस की ओर से इन आरोपों पर अभी विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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