कार पर चतुर्थ श्रेणी पट्टी देख दंग रह गए आलोक राज, बोले- 15 साल बाद आई मेरी गाड़ी
Ashish Bhardwaj | Aug 04, 2026, 14:28 IST
आरएसएसबी चतुर्थ श्रेणी
राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड अध्यक्ष आलोक राज ने एक वायरल वीडियो को शेयर करते हुए अपनी पुरानी यादें साझा की हैं। वीडियो में एक युवक नई-नवेली कार के साथ खड़ा दिख रहा है। कार पर लिखा है—चतुर्थ श्रेणी अधिकारी।
ऐसे समझें पूरा मामला
- आरएसएसबी अध्यक्ष आलोक राज ने शेयर की वायरल वीडियो वाली पोस्ट।
- वीडियो में एक कार पर लिखा है-चतुर्थ श्रेणी अधिकारी। बगल में एक युवक खड़ा है।
- आलोक राज ने युवा को बधाई दी, साथ ही दौर के बदलाव पर टिप्पणी भी लिखी।
- उन्होंने लिखा कि 15 साल की सर्विस के बाद उनके पास एक नई कार आई।
- चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को नियुक्ति मिल रही है। संभवत: यह कार भी उन्हीं में से एक की।
वायरल वीडियो में एक युवक अपनी नई-नवेली कार के साथ खड़ा दिख रहा है। गले में नोटों की माला पहने इस युवक की खुशी का ठिकाना नहीं है। तस्वीर में सबसे ज्यादा ध्यान खींचने वाली बात यह है कि कार के ऊपर बड़े-बड़े अक्षरों में लिखा है-चतुर्थ श्रेणी अधिकारी। साथ में नाम लिखा है अरूब कुमार सैमल।
सरकारी नौकरी मिलने के जश्न पर राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (आरएसएसबी) चेयरमैन आलोक राज की नजर पड़ी तो वे भी खुद को रोक नहीं पाए। उन्होंने वायरल पोस्ट को शेयर करते हुए युवा को बधाई तो दी ही, साथ ही दौर के बदलाव पर एक टिप्पणी भी लिखी।
बहुत बहुत बधाई। समय बदल गया है।
मैंने as a सेकेंड लेफ्टिनेंट यानि क्लास 1 राजपत्रित ऑफिसर के तौर पर 1983 में आर्मी ज्वाइन की।
सबसे पहले एक सूटकेस लिया, फिर फिलिप्स ट्रांजिस्टर, फिर धीरे धीरे साइकिल, फिर एक मोटरसाइकिल, फिर एक सेकंड हैंड फिएट कार, फिर 15 साल की सर्विस में नई कार। https://t.co/ocynOMG17B
— Alok Raj (@alokrajRSSB) August 2, 2026
15 साल की सर्विस के बाद खरीदी पहली नई कार
उन्होंने बताया, मैंने साल 1983 में भारतीय सेना में बतौर सेकेंड लेफ्टिनेंट जॉइन किया था। नौकरी लगने पर सबसे पहले मैंने एक सूटकेस खरीदा। फिर फिलिप्स का एक ट्रांजिस्टर लिया।
इसके बाद धीरे-धीरे साइकिल, फिर मोटरसाइकिल और फिर सेकंड हैंड फिएट कार ली। 15 साल की लंबी सर्विस के बाद कहीं जाकर मैं अपनी पहली नई कार खरीद सका था।
आलोक राज की इस पोस्ट से झलकता है कि पहले और आज के दौर में युवाओं की प्राथमिकताओं में कितना बड़ा बदलाव आया है।
सोशल मीडिया पर छिड़ी दिलचस्प बहस
एक वर्ग का कहना है, आज के दौर में सरकारी नौकरी हासिल करना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। पद चाहे जो हो, आत्मसम्मान और वित्तीय स्थिरता सबसे ज्यादा मायने रखती है।
दूसरे वर्ग का मानना है, यह बदलते भारत की तस्वीर है, जहां आज का युवा अपनी पहली ही उपलब्धि को बड़े स्तर पर सेलिब्रेट करने में संकोच नहीं करता।
राजस्थान में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की 52 हजार सीटों पर नियुक्ती दे दी गई है
जिनको सफलता मिली है वो अपने आप को चतुर्थ श्रेणी अधिकारी बता रहे हैं
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के कार्य आप सभी को पता है लेकिन आज के दौर में सरकारी नौकरी आजीवन आर्थिक सुरक्षा की गारंटी है pic.twitter.com/JLoUXeN42n
— praveen jain 🇮🇳 (@PravinJain121) August 2, 2026
क्या है वायरल वीडियो की सच्चाई?
हाल ही में आरएसएसबी द्वारा चयनित चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र सौंपे जा रहे हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि यह वीडियो इन्हीं नव-चयनित कर्मचारियों में से किसी एक का है।
चतुर्थ श्रेणी अधिकारी लिखी इस चमचमाती कार और आलोक राज के संस्मरण ने इंटरनेट पर लोगों को सोचने का खास मौका जरूर दे दिया है।
शिक्षा विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी का काम
job of forth grade employee in education dept
दो साल मिलेंगे 12600 रुपए
अबतक 54 हजार चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की सीधी भर्ती
"सरकारी नौकरी का जलवा ही कुछ अलग है बॉस!
राजस्थान शिक्षा विभाग में 'चतुर्थ श्रेणी भर्ती' में चयन होने के बाद ज्वाइनिंग करने जातीं महिला कर्मचारी।
ये खुशी और स्वैग बता रहा है कि अब मोहल्ले के सारे फूफा-मौसा शांत बैठने वाले हैं! 🥁 #Rajasthan #चतुर्थ_श्रेणी_कर्मचारी pic.twitter.com/P50LGO5tcQ
— राजस्थान युवा मंच (@AnshumanVishno1) August 4, 2026
ये खबर भी पढे़:-
जॉब के नाम पर विदेश भेजकर बनाते थे साइबर गुलाम, 5 आरोपियों गिरफ्तार
हाई कोर्ट ने आसाराम को दी 20 दिन की पैरोल, सरकार का विरोध खारिज
केंद्र ने कहा- मानगढ़ धाम राष्ट्रीय स्मारक के योग्य नहीं, जानिए क्या दिए तर्क
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
By Jitendra Shrivastava
UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज
By Sanjay Dhiman