Rajasthan Politics News: जल जीवन मिशन घोटाले में पूर्व मंत्री महेश जोशी को बड़ी राहत, सुप्रीम कोर्ट से जमानत मंजूर
Jageshwar prasad | Oct 16, 2026, 11:38 IST
सुप्रीम कोर्ट ने जल जीवन मिशन घोटाले में पूर्व मंत्री महेश जोशी को जमानत दी।
सुप्रीम कोर्ट ने जल जीवन मिशन घोटाले में पूर्व मंत्री महेश जोशी को जमानत दे दी है। उनके साथ आरोपी मुकेश पाठक को भी जमानत मिली है। 12 अक्टूबर को जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस शील नागू की पीठ ने फैसला सुरक्षित रखा था। इससे पहले अगस्त 2026 में हाईकोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज की थी।
राजस्थान की पिछली कांग्रेस सरकार में जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED – Public Health Engineering Department) के मंत्री रहे वरिष्ठ नेता महेश जोशी (Mahesh Joshi) को बहुचर्चित जल जीवन मिशन घोटाले (Jal Jeevan Mission scam) में बड़ी कानूनी राहत मिली है।
सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB – Anti Corruption Bureau) द्वारा दर्ज किए गए मामले में पूर्व मंत्री महेश जोशी और एक अन्य आरोपी मुकेश पाठक की जमानत याचिका को स्वीकार करते हुए उन्हें जमानत दे दी है। एसीबी केस में गिरफ्तारी के बाद से ही महेश जोशी सलाखों के पीछे थे। उन्होंने जमानत के लिए शीर्ष अदालत का रुख किया था। अब उनके जेल से बाहर आने का रास्ता साफ हो गया है।
इस याचिका पर सुनवाई करते हुए हाल ही में 12 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस शील नागू की पीठ ने महेश जोशी की जमानत याचिका पर दोनों पक्षों की लंबी बहस सुनी थी। इसके बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने फैसला सुनाते हुए उन्हें नियमित जमानत दे दी। इस फैसले को राजस्थान के राजनीतिक गलियारों में एक बड़े घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है। पूर्व मंत्री की रिहाई से राज्य की सियासत में हलचल तेज हो सकती है।
इससे पहले अगस्त 2026 में राजस्थान हाईकोर्ट ने महेश जोशी की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। जस्टिस विपिन गुप्ता की एकलपीठ ने अपराध की अत्यधिक गंभीरता और राज्य सरकार के खजाने को हुए करोड़ों रुपये के आर्थिक नुकसान का हवाला दिया था।
राजस्थान हाई कोर्ट ने महेश जोशी, पूर्व आईएएस (IAS – Indian Administrative Service) अधिकारी सुबोध अग्रवाल सहित 8 आरोपियों की जमानत याचिकाओं को खारिज किया था। हाईकोर्ट के इस आदेश को चुनौती देते हुए महेश जोशी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। अब शीर्ष अदालत ने उन्हें राहत दे दी है।
इस पूरे मामले के घटनाक्रम पर नजर डालें तो महेश जोशी की मुश्किलें पिछले कुछ महीनों में लगातार बढ़ती-घटती रही हैं। इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED – Enforcement Directorate) द्वारा अप्रैल 2025 में दर्ज किए गए मनी लॉन्ड्रिंग (PMLA – Prevention of Money Laundering Act) के एक मामले में महेश जोशी करीब 7 महीने तक जेल में रहे थे।
तब 3 दिसंबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने उनकी लंबी हिरासत अवधि और उम्र (71 वर्ष) का हवाला देते हुए उन्हें नियमित जमानत दे दी थी। हालांकि ईडी मामले में राहत मिलने के महज कुछ महीनों बाद ही 7 मई 2026 को राजस्थान की एसीबी ने 900 करोड़ रुपए से अधिक के टेंडर आवंटन घोटाले और रिश्वतखोरी के एक नए मामले में पूर्व मंत्री को जयपुर स्थित उनके निवास से दोबारा गिरफ्तार कर लिया था।
इसी एसीबी मामले में महेश जोशी अब तक हिरासत में थे। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई पूरी कर अब उन्हें राहत प्रदान की है। अब वे जेल से बाहर आ सकेंगे। यह उनके लिए बड़ी राहत है।
क्या है
राजस्थान में जल जीवन मिशन के तहत हर घर तक पीने का शुद्ध पानी पहुंचाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार की ओर से हजारों करोड़ रुपये के बजट का आवंटन किया गया था।
आरोप है कि इस मिशन के तहत जारी किए गए निविदाओं में बड़े पैमाने पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर चहेती कंपनियों को ठेके बांटे गए। साथ ही घटिया पाइप और सामग्री का इस्तेमाल किया गया। इस पूरे प्रकरण में अधिकारियों, बिचौलियों और राजनेताओं की मिलीभगत से करोड़ों रुपये की रिश्वतखोरी और कमीशनखोरी का खुलासा हुआ था।
इसकी जांच वर्तमान में ईडी और राजस्थान एसीबी दोनों एजेंसियां कर रही हैं। मामला अभी जांच के दायरे में है। सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद अब महेश जोशी को इस मामले में कानूनी राहत मिल गई है। हालांकि जांच आगे भी जारी रहेगी।
यह फैसला राजस्थान की सियासत में अहम माना जा रहा है। पूर्व मंत्री की रिहाई से राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं। साथ ही यह मामला भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई से जुड़ा है।
अब देखना जरूरी है कि जांच में आगे क्या सामने आता है। ईडी और एसीबी की जांच जारी रहेगी। महेश जोशी को जमानत मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। अदालत में सुनवाई आगे भी चलेगी।
सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB – Anti Corruption Bureau) द्वारा दर्ज किए गए मामले में पूर्व मंत्री महेश जोशी और एक अन्य आरोपी मुकेश पाठक की जमानत याचिका को स्वीकार करते हुए उन्हें जमानत दे दी है। एसीबी केस में गिरफ्तारी के बाद से ही महेश जोशी सलाखों के पीछे थे। उन्होंने जमानत के लिए शीर्ष अदालत का रुख किया था। अब उनके जेल से बाहर आने का रास्ता साफ हो गया है।
कब आया फैसला?
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने फैसला सुनाते हुए उन्हें नियमित जमानत दे दी। इस फैसले को राजस्थान के राजनीतिक गलियारों में एक बड़े घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है। पूर्व मंत्री की रिहाई से राज्य की सियासत में हलचल तेज हो सकती है।
राजस्थान हाई कोर्ट ने खारिज की थी याचिका
राजस्थान हाई कोर्ट ने महेश जोशी, पूर्व आईएएस (IAS – Indian Administrative Service) अधिकारी सुबोध अग्रवाल सहित 8 आरोपियों की जमानत याचिकाओं को खारिज किया था। हाईकोर्ट के इस आदेश को चुनौती देते हुए महेश जोशी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। अब शीर्ष अदालत ने उन्हें राहत दे दी है।
मई 2026 में हुई थी महेश जोशी की गिरफ्तारी
तब 3 दिसंबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने उनकी लंबी हिरासत अवधि और उम्र (71 वर्ष) का हवाला देते हुए उन्हें नियमित जमानत दे दी थी। हालांकि ईडी मामले में राहत मिलने के महज कुछ महीनों बाद ही 7 मई 2026 को राजस्थान की एसीबी ने 900 करोड़ रुपए से अधिक के टेंडर आवंटन घोटाले और रिश्वतखोरी के एक नए मामले में पूर्व मंत्री को जयपुर स्थित उनके निवास से दोबारा गिरफ्तार कर लिया था।
इसी एसीबी मामले में महेश जोशी अब तक हिरासत में थे। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई पूरी कर अब उन्हें राहत प्रदान की है। अब वे जेल से बाहर आ सकेंगे। यह उनके लिए बड़ी राहत है।
क्या है जल जीवन मिशन घोटाला ?
आरोप है कि इस मिशन के तहत जारी किए गए निविदाओं में बड़े पैमाने पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर चहेती कंपनियों को ठेके बांटे गए। साथ ही घटिया पाइप और सामग्री का इस्तेमाल किया गया। इस पूरे प्रकरण में अधिकारियों, बिचौलियों और राजनेताओं की मिलीभगत से करोड़ों रुपये की रिश्वतखोरी और कमीशनखोरी का खुलासा हुआ था।
इसकी जांच वर्तमान में ईडी और राजस्थान एसीबी दोनों एजेंसियां कर रही हैं। मामला अभी जांच के दायरे में है। सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद अब महेश जोशी को इस मामले में कानूनी राहत मिल गई है। हालांकि जांच आगे भी जारी रहेगी।
फैसला राजस्थान की सियासत में अहम
अब देखना जरूरी है कि जांच में आगे क्या सामने आता है। ईडी और एसीबी की जांच जारी रहेगी। महेश जोशी को जमानत मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। अदालत में सुनवाई आगे भी चलेगी।
- महेश जोशी को सुप्रीम कोर्ट से जमानत कब मिली?
महेश जोशी को सुप्रीम कोर्ट से जमानत 12 अक्टूबर को मिली। - जल जीवन मिशन घोटाला क्या है?
जल जीवन मिशन घोटाला राजस्थान में हर घर तक शुद्ध पानी पहुंचाने के लिए आवंटित बड़े बजट के तहत फर्जी दस्तावेजों के आधार पर ठेके बांटने और घटिया सामान का उपयोग करने का मामला है। - राजस्थान हाई कोर्ट ने महेश जोशी की जमानत याचिका क्यों खारिज की थी?
राजस्थान हाई कोर्ट ने महेश जोशी की जमानत याचिका को अपराध की गंभीरता और राज्य सरकार को हुए आर्थिक नुकसान के कारण खारिज किया था।
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