जल जीवन मिशन घोटाला: जेल से बाहर आए महेश जोशी, बोले- सत्य परेशान हो सकता है, पराजित नहीं
जल जीवन मिशन घोटाला (JJM scam) मामले में सुप्रीम कोर्ट से नियमित जमानत मिलने के बाद राजस्थान के पूर्व जलदाय मंत्री महेश जोशी (Mahesh Joshi) शनिवार को करीब पांच महीने बाद जेल से बाहर आए। जेल से बाहर आते ही जोशी ने खुद को निर्दोष बताया।
उन्होंने कहा कि वह पहले भी निर्दोष थे और आज भी निर्दोष हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। वह अदालत के फैसले का इंतजार कर रहे हैं। जोशी ने मामले की जांच को लेकर सवाल उठाए।
सरकार से श्वेतपत्र की मांग
जेल से बाहर आने के बाद मीडिया से बातचीत में महेश जोशी ने कहा कि वह फिलहाल मामले पर ज्यादा टिप्पणी नहीं करना चाहते। लेकिन अपनी बेगुनाही को लेकर उनका रुख पहले की तरह स्पष्ट है।
उन्होंने कहा, "मैंने पहले भी कहा था कि मैं निर्दोष हूं। सत्य परेशान हो सकता है, लेकिन पराजित नहीं हो सकता। आज भी मैं यही बात दोहराना चाहता हूं।" उन्होंने भरोसा जताया कि अदालत में वह अपनी बेगुनाही साबित करेंगे।
जोशी ने राज्य सरकार से जल जीवन मिशन के कामकाज पर श्वेतपत्र जारी करने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार जनता को बताए कि अलग-अलग सरकारों के कार्यकाल में इस योजना के तहत कितने काम हुए। कितनी शिकायतें सामने आईं और किन अधिकारियों की क्या जिम्मेदारी रही।
जोशी ने उठाए जांच एजेंसियों पर सवाल
महेश जोशी ने जांच एजेंसियों की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि निर्दोष लोगों को गिरफ्तार करने की परंपरा उचित नहीं है। जल जीवन मिशन मामले में जलदाय विभाग के चीफ इंजीनियर और अन्य अधिकारियों की गिरफ्तारी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि कुछ अधिकारियों को उन्होंने पहली बार जेल में देखा।
जोशी ने मामले की जांच को लेकर यह भी सवाल उठाया कि एक ही प्रकरण की दो अलग-अलग एजेंसियों से जांच कराए जाने की स्थिति पर विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED – Enforcement Directorate) की कार्रवाई के बाद उन्हें जमानत मिली थी और अब सुप्रीम कोर्ट से नियमित जमानत मिली है।
गिरफ्तारी और पत्नी के निधन पर भावुक हुए महेश जोशी
मीडिया से बातचीत के दौरान महेश जोशी अपनी गिरफ्तारी और पत्नी के निधन का जिक्र करते हुए भावुक हो गए। उन्होंने बताया कि 7 मई 2026 को सुबह करीब 4 बजे उन्हें गिरफ्तार किया गया था।
उनके अनुसार, गिरफ्तारी से पहले न तो उन्हें नोटिस दिया गया और न ही पूछताछ की गई। जोशी ने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय की गिरफ्तारी के चार दिन बाद उनकी पत्नी का निधन हो गया। उन्होंने इस अवधि को अपने जीवन का बेहद कठिन समय बताया।
राजस्थान की रैंकिंग पर भी उठाए सवाल
महेश जोशी ने जल जीवन मिशन के तहत राजस्थान की रैंकिंग को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राजस्थान की भौगोलिक परिस्थितियां दूसरे राज्यों से अलग हैं। इसलिए योजना के प्रदर्शन का आकलन करते समय इन परिस्थितियों को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।
उन्होंने राजस्थान को 27वें, 28वें या 29वें स्थान पर रखे जाने का जिक्र करते हुए रैंकिंग के आधार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि योजना के तहत हुए कार्यों, शिकायतों और उपलब्धियों की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए।
जोशी ने लोकसभा में दिए गए एक जवाब का हवाला देते हुए दावा किया कि देश में जल जीवन मिशन से जुड़ी शिकायतों में 84 प्रतिशत शिकायतें उत्तर प्रदेश से संबंधित हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि दूसरे राज्यों में सामने आई शिकायतों पर क्या कार्रवाई हुई है।
जनता के प्रति जताया आभार
जेल से बाहर आने के बाद महेश जोशी ने जयपुर की जनता के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि उन्हें जयपुर के लोगों से हमेशा प्यार, आशीर्वाद और विश्वास मिला है।
जोशी ने कहा, "मैं जयपुर की जनता को विश्वास दिलाता हूं कि मैं निर्दोष निकलूंगा।" उन्होंने दोहराया कि वह न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करते हैं और अदालत के फैसले का इंतजार कर रहे हैं।