जयपाल हत्याकांड में कोर्ट का फैसला, पूर्व विधायक के भाई सहित 9 दोषी करार, 2 आरोपी बरी
News In Short
- राजस्थान की कोर्ट ने जयपाल पूनिया हत्याकांड में 9 आरोपियों को दोषी ठहराया।
- दोषियों में पूर्व कांग्रेस विधायक महेंद्र सिंह चौधरी के भाई मोती सिंह का नाम भी शामिल।
- एडीजे कोर्ट ने अब 25 अप्रैल को दोषियों को सजा सुनाने का आदेश दिया है।
- हत्या के तीन दिन बाद 17 मई 2022 को मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था।
- मोती सिंह ने जयपाल पूनिया की रेकी कर शार्प शूटरों को भेजा था, जांच में खुलासा हुआ।
News In Detail
राजस्थान के नागौर जिले में चार साल पहले कारोबारी और हिस्ट्रीशीटर जयपाल पूनिया की हत्या के मामले में कोर्ट ने फैसला सुनाया है। कुचामनसिटी की कोर्ट ने पूर्व विधायक के भाई समेत 9 को दोषी करार दिया है। इस मामले में 25 अप्रैल को दोषियों को सजा सुनाई जाएगी।
कोर्ट का फैसला: 9 दोषी, 2 बरी
शुक्रवार को एडीजे कोर्ट ने 9 आरोपियों को हत्या का दोषी ठहराया। इनमें से मोती सिंह ( पूर्व विधायक महेंद्र सिंह चौधरी के भाई), रणजीत, फिरोज खान, हारून, संदीप, तेजपाल, राजेश, और कृष्ण कुमार शामिल हैं। कुलदीप और हनुमान सैनी को पर्याप्त सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया।
हत्या की घटना का विवरण
जयपाल पूनिया की हत्या 14 मई 2022 को डीडवाना-कुचामन के नावां क्षेत्र में हुई थी। कुछ हमलावर बोलेरो गाड़ी से आए थे और उन्होंने पूनिया की कार को रोककर उस पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। फायरिंग करने के बाद हमलावर मौके से भाग गए थे। पुलिस घायल व्यापारी को नावां हॉस्पिटल में भर्ती कराया लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें जयपुर रेफर कर दिया। रास्ते में व्यापारी ने दम तोड़ दिया था।
आरोपियों की गिरफ्तारी
हत्या के तीन दिन बाद, 17 मई 2022 को पुलिस ने मोती सिंह समेत 5 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया था। एसआईटी और क्राइम ब्रांच की जांच के बाद, जून 2022 तक अन्य शूटर और आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
हत्या की योजना और साजिश
मामले की जांच में यह सामने आया कि मोती सिंह ने जयपाल की रेकी की और उसे मारने के लिए शार्प शूटरों को भेजा। हत्या के बाद भी वह यह जानने के लिए जयपाल का पीछा करता रहा कि वह जीवित है या मर चुका है।
ये भी पढे़:-
बरसों से चल रहे ड्यूटी से गायब, अब सरकार करेगी 697 गायब डॉक्टरों के खिलाफ लेगी एक्शन
पुलिस टॉर्चर के बाद ज्वेलर ने दी जान, भाई ने भी खाया जहर, एम्स में मौत के बाद बवाल
IAS आरती डोगरा को 24 घंटे में मिली राहत, ACB जांच के आदेश पर लगी रोक