राजस्थान HC विवाद: पूर्व CJI गवई बोले- जस्टिस मेहता का फैसला सही, जो पता चला वो शॉकिंग

Mukesh Sharma | Sept 05, 2026, 22:32 IST
पूर्व CJI गवई बोले, जस्टिस मेहता ने सही कदम उठाया
जयपुर में आयोजित कार्यक्रम में पूर्व CJI जस्टिस बी.आर. गवई ने कहा कि राजस्थान हाईकोर्ट विवाद में जस्टिस संदीप मेहता का कदम सही था। वहीं, आरोपों का सामना कर रहे एक्टिंग CJ एस.पी. शर्मा ने सभी दावों को झूठा बताते हुए समय आने पर सच्चाई बताने की बात कही है।

समझें क्या है पूरा मामला

  • संस्थागत सम्मान,राजस्थान हाईकोर्ट को अपनी मां मानते हैं जस्टिस संदीप मेहता।
  • तथ्यों की जांच, कई जजों से बातचीत के बाद पूर्व CJI गवई ने बदला अपना नजरिया।
  • विवाद के बीच जस्टिस संजय के. अग्रवाल को राजस्थान HC का CJ बनाने की सिफारिश।
  • जस्टिस एस.पी. शर्मा ने सभी आरोपों को गलत बताकर सीजेआई को भेजा जवाब।

जयपुर में आयोजित कार्यक्रम में पूर्व CJI जस्टिस बी.आर. गवई ने कहा कि राजस्थान हाईकोर्ट विवाद में जस्टिस संदीप मेहता का कदम सही था। वहीं, आरोपों का सामना कर रहे एक्टिंग CJ एस.पी. शर्मा ने सभी दावों को झूठा बताते हुए समय आने पर सच्चाई बताने की बात कही है।




राजस्थान हाईकोर्ट के एक्टिंग सीजे जस्टिस एस.पी.शर्मा और सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस संदीप मेहता से जुड़े हालिया विवाद पर पूर्व CJI जस्टिस बीआर गवई ने कहा कि उन्होंने जस्टिस मेहता से पूछा कि उन्होंने ऐसा क्यों किया ? इस पर मेहता ने बताया कि उनका धैर्य जवाब दे चुका था। क्यों कि वह राजस्थान हाईकोर्ट को अपनी मां मानते हैं और यदि कोई उनकी मां के साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार करे तो वह चुप कैसे रह सकते हैं ! जस्टिस गवई शनिवार को जयपुर के राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर (RIC) में आयोजित यशराज सामंत मेमोरियल एनुअल आर्बिट्रेशन लेक्चर में संबोधन के बाद मीडिया से बातचीत कर रहे थे।



कई हाईकोर्ट जजों ने भी की पुष्टि

जस्टिस गवई ने कहा कि जस्टिस मेहता से बात करने के बाद उन्होंने राजस्थान हाईकोर्ट के कई जजों से बातचीत कर आरोपों और परिस्थितियों के बारे में जानकारी ली। इस पर उन्हें जो कुछ पता चला उससे उन्हें धक्का लगा और इसके बाद उन्हे अपना शुरुआती नजरिया बदलना पड़ा और मानना पड़ा कि जस्टिस मेहता ने जो किया वह सही था।



पहले लगा सही नहीं है

जस्टिस गवई ने कहा कि जस्टिस संदीप मेहता उनके छोटे भाई जैसे हैं इसलिए उन्हें शुरु में उनका इस तरह से कदम उठाया जाना शॉकिंग लगा था। उन्हें लगा था कि गंभीर आरोपों और शिकायती पत्रों को सार्वजनिक करना सही नहीं लगा था। क्यों कि न्यायपालिका जैसी संस्था में ऐसे मामलों को पहले संस्थागत स्तर पर सुलझाने के प्रयास होने चाहिएं। लेकिन बाद में उन्हें अपना नजरिया बदलना पड़ा और लगा कि जस्टिस मेहता ने सही कदम उठाया है।



न्यायिक अनुशासन बनाए रखना जरूरी

जस्टिस गवई ने तत्कालीन CJI जस्टिस संजीव खन्ना के कार्यकाल का उदाहरण देते हुए कहा कि एक हाईकोर्ट जज के खिलाफ कॉलेजियम के एक सदस्य ने गंभीर शिकायत की थी। जस्टिस खन्ना ने कॉलेजियम की बैठक बुलाकर आरोपों की जांच कराई और तथ्यों के आधार पर संबंधित जज के तबादले का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों के लिए कोई एक समान फॉर्मूला या नीति नहीं हो सकती। हर मामले में सामने आए तथ्यों और परिस्थितियों के आधार पर फैसला होना चाहिए।



राजस्थान हाईकोर्ट के किसी जज के तबादले और उन्हें दोबारा राजस्थान नहीं भेजे जाने की कथित शर्त के सवाल पर गवई ने कहा कि उन्हें ऐसे किसी निर्णय की जानकारी नहीं है। यदि ऐसा फैसला पहले हुआ था तो उस समय वे संबंधित कॉलेजियम का हिस्सा नहीं थे। यह पूछे जाने पर कि यदि वे वर्तमान में CJI होते और जस्टिस मेहता की शिकायत तथा जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा के जवाब पर फैसला करना होता तो क्या करते, गवई ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। अंत में उन्होंने कि हर हाल में न्यायिक अनुशासन बनाए रखना जरुरी है।



जस्टिस मेहता के पत्र से हुआ हंगामा

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट जज संदीप मेहता ने पिछले दिनों सीजेआई को पत्र लिखकर राजस्थान हाईकोर्ट के एक्टिंग चीफ जस्टिस एस.पी.शर्मा के खिलाफ पद के दुरुपयोग सहित कई आरोप लगाए थे। जस्टिस मेहता ने उन्हें तत्काल राजस्थान से बाहर ट्रांसफर करने और राजस्थान हाईकोर्ट में स्थाई चीफ जस्टिस नियुक्त करने को लिखा था। इसके बाद 31 अगस्त को राजस्थान हाईकोर्ट जयपुर बैंच में वकीलों ने उनकी कोर्ट के बाहर नारेबाजी करने के साथ ही धरना दिया था। इसके बाद उसी दिन शाम को सुप्रीम कोर्ट कालेजियम ने छत्तीसगढ़ के जस्टिस संजय के.अग्रवाल को राजस्थान ट्रांसफर करने और चीफ जस्टिस नियुक्त करने की सिफारिश कर दी थी। कॉलेजियम ने राजस्थान हाईकोर्ट के जज पुष्पेंद्र भाटी को जम्मू—कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस नियुक्त करने की भी सिफारिश की है।



जस्टिस शर्मा ने कहा समय आने पर बताएंगे सच्चाई

इसके बाद जस्टिस एस.पी.शर्मा ने एक बयान जारी कर कहा कि वह जस्टिस संदीप मेहता के पत्र में लगाए गए आरोपों का जवाब दस्तावेजों सहित सीजेआई को भेज चुके हैं। उन्होंने कहा था कि उन पर लगाए गए आरोप न केवल झूठे हैं बल्कि रंजिशवश लगाए गए हैं। उन्होंने वकीलों और मीडिया से सीजेआई की जांच होने तक इंतजार करने और तब तक शांति बनाए रखने की अपील की थी। जस्टिस शर्मा ने कहा कि वह समय आने पर सभी आरोपों का तथ्यों सहित जवाब देंगे।





FAQ

  1. पूर्व CJI गवई ने राजस्थान हाईकोर्ट विवाद पर क्या कहा?
    जस्टिस गवई ने कहा कि जांच के बाद उन्हें लगा कि जस्टिस संदीप मेहता ने सही कदम उठाया था। शुरुआत में उन्हें यह गलत लगा था।
  2. राजस्थान हाईकोर्ट विवाद की शुरुआत कैसे हुई?
    जस्टिस संदीप मेहता ने सीजेआई को पत्र लिखकर एक्टिंग चीफ जस्टिस एस.पी. शर्मा पर पद के दुरुपयोग के आरोप लगाए थे।
  3. जस्टिस एस.पी. शर्मा ने आरोपों पर क्या जवाब दिया?
    जस्टिस शर्मा ने सभी आरोपों को झूठा और रंजिशवश बताया है। उन्होंने कहा कि वे समय आने पर सच्चाई बताएंगे।

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