कठूमर विधायक के बेटे-बहू का तीन-तीन वोटर लिस्ट में नाम, सांसद संजना जाटव ने कहा-ये लोकतंत्र ही हत्या
राजस्थान में भरतपुर सांसद संजना जाटव ने आरोप लगाया है कि भाजपा के कठूमर विधायक रमेश खींची की बहू दीपिका का नाम तीन अलग-अलग मतदाता सूचियों में दर्ज है। ये सूचियां कठूमर नगर पालिका, खेड़ली नगर पालिका और सौंखर ग्राम पंचायत की बताई गई हैं।
भरतपुर सांसद संजना जाटव ने मीडिया से बातचीत के दौरान संबंधित मतदाता सूचियां जारी कर यह मुद्दा उठाया। उनके अनुसार, तीनों सूचियां विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद वर्ष 2026 की हैं।
संजना जाटव ने SIR पर उठाए सवाल
संजना जाटव ने निर्वाचन आयोग और सरकार से सवाल किया कि SIR की प्रक्रिया के बावजूद एक ही महिला का नाम तीन अलग-अलग सूचियों में कैसे दर्ज है। उन्होंने मामले की जांच कराने और कथित फर्जी प्रविष्टियों को हटाने की मांग की।
कठूमर नगर पालिका के वार्ड 15 में नाम
संजना जाटव के अनुसार, कठूमर नगर पालिका की वर्ष 2026 की निर्वाचक नामावली में वार्ड संख्या 15 के क्रमांक 550 पर दीपिका पत्नी मुकेश खींची का नाम दर्ज है।
इसी सूची में मुकेश का नाम क्रमांक 552 और हर्षिता का नाम क्रमांक 551 पर दर्ज बताया गया है।
खेड़ली नगर पालिका के वार्ड 3 में भी नाम
खेड़ली नगर पालिका की वर्ष 2026 की निर्वाचक नामावली में भी दीपिका पत्नी मुकेश का नाम दर्ज है। बताई गई सूची में वार्ड संख्या 3 के क्रमांक 495 पर उनका नाम है। इसी सूची में मुकेश पुत्र रमेश चंद और हर्षिता खींची पुत्री मुकेश खींची के नाम भी है।
सौंखर ग्राम पंचायत की सूची में भी एंट्री
तीसरी एंट्री पंचायत समिति खेड़ली-सौंखर की ग्राम पंचायत सौंखर की है। इस सूची के वार्ड संख्या 1 में क्रमांक 23 पर दीपक देवी पत्नी मुकेश कुमार खींची का नाम दर्ज होने की जानकारी दी गई है। इसी क्रमांक के आसपास विधायक रमेश खींची, उनकी पत्नी उगंती देवी और उनके बेटों मुकेश खींची व संजय खींची के नाम भी मौजूद बताए गए हैं।
यहां दर्ज नाम 'दीपक देवी' है, जबकि नगर पालिका की दोनों सूचियों में 'दीपिका' नाम बताया गया है। इन नामों की पहचान और प्रविष्टियों के संबंध की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है।
संजना जाटव ने निर्वाचन आयोग से मांग
भरतपुर सांसद संजना जाटव ने कहा कि उनकी पार्टी लगातार वोट चोरी और SIR के मुद्दे उठा रही है। उनके मुताबिक, कठूमर विधायक के परिवार से जुड़े नामों का तीन सूचियों में दर्ज होना इस प्रक्रिया पर सवाल खड़े करता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर मामला है। जाटव ने निर्वाचन आयोग से मामले का संज्ञान लेने, कथित फर्जी वोटों को निरस्त करने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।
सांसद ने यह भी सवाल किया कि SIR प्रक्रिया के दौरान भाजपा से जुड़े लोगों के नामों की जांच किस तरह की गई।