खेजड़ी बचाओ आंदोलन का दिखा बीकानेर में असर, 2 बजे तक बाजार बंद

राजस्थान के बीकानेर में खेजड़ी बचाओ आंदोलन में व्यापारी, स्कूल और स्थानीय नेता शामिल हुए। आंदोलनकारियों का आरोप है कि सोलर कंपनियां खेजड़ी के पेड़ों की अवैध कटाई कर रही हैं। प्रशासन ने सुरक्षा बढ़ा दी है और आंदोलन को समर्थन मिल रहा है।

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Ashish Bhardwaj
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Khejdi

Photograph: (the sootr)

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News  In  Short  

  • बीकानेर में खेजड़ी बचाओ आंदोलन का व्यापक असर देखा गया।
  • विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने विधानसभा घेराव की धमकी दी।
  • महापड़ाव में खाने की व्यवस्था की गई, एक लाख लोगों का भोजन हुआ।
  • पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा कड़ी कर दी, कई विधायक पहुंचे।
  • आंदोलनकारियों ने सोलर प्रोजेक्ट्स में पेड़ों की अवैध कटाई का आरोप लगाया।

News In Detail 

बीकानेर में खेजड़ी बचाओ आंदोलन ने रविवार को बड़ा रूप ले लिया। इस आंदोलन के तहत स्थानीय व्यापार संघों ने सोमवार को अपने प्रतिष्ठान दोपहर 2 बजे तक बंद रखे।  इससे व्यापारी वर्ग का समर्थन भी इस आंदोलन को मिला। इसके अलावा, शहरी क्षेत्रों में सरकारी और निजी स्कूलों में आधे दिन की छुट्टी भी घोषित की गई। यह आंदोलन सोलर कंपनियों द्वारा बड़े पैमाने पर खेजड़ी के पेड़ों की कटाई के विरोध में चलाया जा रहा है। आंदोलनकारी खेजड़ी के पेड़ों की अवैध कटाई के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। इसे सोलर प्रोजेक्ट्स के नाम पर किया जा रहा है।

रविंद्र सिंह भाटी का समर्थन

इस आंदोलन में शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने महापड़ाव में पहुंचकर अपने संबोधन से आंदोलनकारियों का हौसला बढ़ाया। उन्होंने सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि अगर सरकार हमारी बात नहीं मानेगी तो बीकानेर से विधानसभा का घेराव किया जाएगा। भाटी ने आंदोलनकारियों से एकजुट होने की सलाह दी।   कहा कि अगर आंदोलन को तेज करना पड़े, तो वे सबसे आगे होंगे।

भोजन की व्यवस्था 

महापड़ाव में आए लोगों के लिए खाने की विशेष व्यवस्था की गई थी। इस अवसर पर एक लाख लोगों के लिए हलवा और छोले-भटूरे जैसे देशी पकवान बनाए गए थे। आयोजकों ने बताया कि आंदोलन में यह कड़ाही में बने पकवानों की व्यवस्था बहुत ही आकर्षक थी और भोजन का प्रबंध इस बात का प्रमाण था कि आंदोलन को लेकर समर्थन और उत्साह बढ़ा है। आयोजकों ने कहा कि अगर सरकार उनकी मांगों को नजरअंदाज करती है तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे।

प्रशासन  भी रहा सतर्क

आंदोलन के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए प्रशासन भी सतर्क रहा। पुलिस और प्रशासन ने पूरे शहर में पुख्ता सुरक्षा इंतजाम किए। कलेक्ट्रेट और करणीसर भाटियान के आसपास बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए थे। इसके अलावा, संगरिया विधायक अभिमन्यु पूनिया और पोकरण विधायक प्रतापपुरी जैसे नेता भी आंदोलनकारियों के समर्थन में पहुंचे। आईजी हेमंत कुमार शर्मा और एसपी कावेंद्र सिंह सागर ने भी मौके पर पहुंचकर स्थिति की जांच की और प्रशासन की तैयारियों की निगरानी की।

सोलर कंपनियों पर आरोप 

आंदोलनकारियों का आरोप है कि सोलर कंपनियां बीकानेर सहित पश्चिमी राजस्थान में खेजड़ी के पेड़ों की बड़ी संख्या में अवैध कटाई कर रही हैं। वे दावा कर रहे हैं कि सोलर प्रोजेक्ट्स के नाम पर रातोंरात पेड़ों को काटा जा रहा है और उन्हें जमीन में दबा दिया जा रहा है ताकि कोई विरोध न कर सके। आंदोलनकारियों का कहना है कि इस तरह से पेड़ों की कटाई से पर्यावरणीय संकट बढ़ सकता है और इस पर तत्काल रोक लगानी चाहिए। उन्होंने यह भी मांग की है कि सोलर प्रोजेक्ट्स में पर्यावरणीय नियमों का सख्ती से पालन किया जाए।

आंदोलन की भविष्यवाणी इस आंदोलन में महिलाओं की भागीदारी भी बढ़ी है। विशेष रूप से, कलेक्ट्रेट परिसर और करणीसर भाटियान में अनिश्चितकालीन धरना चल रहा है, जिसमें कई महिलाएं भी भाग ले रही हैं। आंदोलनकारियों का कहना है कि इस धरने से अगर सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानी तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे और इसे राष्ट्रीय स्तर पर उठाएंगे।

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