दीनदयाल कुमावत को आरसीए की फिर मिली कमान, विवादों के बीच चुनाव कराना बड़ी चुनौती
राकेश कुमार शर्मा @ जयपुर
राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (आरसीए) की एडहॉक कमेटी के कंवीनर की कमान फिर से दीनदयाल कुमावत को मिल गई है। सहकारिता विभाग ने उन्हें कमेटी का कंवीनर बनाने के आदेश जारी किए हैं। शुक्रवार रात आए आदेश में दीनदयाल कुमावत के साथ अन्य सदस्य मोहित यादव, आशीष तिवाड़ी, धनंजय खींवसर और पिंकेश पोरवाल को भी रिपीट किया है। इनका कार्यकाल तीन महीने का रहेगा।
कमेटी को 27 दिसंबर, 2025 तक आरसीए कार्यकारिणी के चुुनाव कराने होंगे। पूर्व में भी कमेटी को तीन महीने में चुनाव की जिम्मेदारी दी गई थी, लेकिन कमेटी चुनाव नहीं करवा सकी। कई जिलों के क्रिकेट संघों में विवाद और कानूनी कार्यवाही के चलते चुनाव नहीं हो पाए। एकाध जिले में अभी विवाद है, जो कमेटी के सामने बड़ी चुनौती रहेगी। उक्त विवाद सुलझाने के बाद चुनाव करवा पाएंगे।
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जयदीप बिहाणी को दी थी जिम्मेदारी
राजस्थान में कांग्रेस सरकार की विदाई के साथ ही आरसीए के अध्यक्ष वैभव गहलोत ने भी इस्तीफा दे दिया था। इस पर भाजपा सरकार ने आरसीए की कार्यकारिणी को भंग कर दिया था। चुनाव करवाने की जिम्मेदारी भाजपा विधायक जयदीप बिहाणी को दी, लेकिन वे भी चुनाव नहीं करवा पाए।
इस पर सरकार ने उनके स्थान पर दीनदयाल कुमावत को एडहॉक कमेटी का कंवीनर बनाकर चुनाव करवाने की जिम्मेदारी दी। तीन महीने के लिए बनी कमेटी भी चुनाव नहीं करवा सकी। अभी भी एकाध जिलों के विवाद खत्म नहीं हो रहे हैं। जब तक सभी जिलों के संघ का गठन नहीं हो जाता है, तब तक आरसीए के चुनाव होना मुश्किल है।
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मंत्री-विधायकों के बेटों ने थामी कमान
भाजपा सरकार के आने के बाद आरसीए में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बेटे वैभव गहलोत ने इस्तीफा दे दिया था। दूसरे नेताओं ने भी जिलों के संघों से दूरी बना ली थी। सत्ता में आने के बाद भाजपा के मंत्री व विधायक के पुत्र अपने अपने जिलों के क्रिकेट संघ में शामिल होने लगे।
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कांग्रेस ने की दीनदयाल को हटाने की मांग
कांग्रेस के प्रदेश महासचिव जसवंत गुर्जर ने कमेटी कंवीनर दीनदयाल कुमावत को हटाने की मांग की है। जसवंत ने आरोप लगाया है कि दीनदयाल कुमावत पर राजकार्य में बाधा डालने का मामला दर्ज है। उसके खिलाफ कोर्ट ने आरोप भी तय कर दिए हैं।
जस्टिस लोढ़ा कमेटी की सिफारिशों एवं आरसीए के संविधान के तहत जिनके खिलाफ कोर्ट आरोप तय कर देती है, वह पदाधिकारी नहीं हो सकते। जसवंत ने सहकारिता विभाग के रजिस्ट्रार को पत्र भेजकर कुमावत को हटाने की मांग की है। उधर, कुमावत का कहना है कि उन पर कोई आरोप तय नहीं हुए हैं। पूर्व में जसवंत व उनके साथी कोर्ट में गए थे, लेकिन उन्हें हार ही मिली। वे गलत आरोप लगा रहे हैं। उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जाएगी।
FAQ
- 1. दीनदयाल कुमावत को फिर से कमेटी का कंवीनर क्यों नियुक्त किया गया?
दीनदयाल कुमावत को फिर से एडहॉक कमेटी का कंवीनर नियुक्त किया गया क्योंकि उन्होंने पहले भी चुनाव प्रक्रिया को शुरू करने की जिम्मेदारी ली थी, हालांकि कुछ जिलों में विवाद की वजह से चुनाव नहीं हो सके थे। - 2. क्या कांग्रेस ने दीनदयाल कुमावत के खिलाफ कोई आरोप लगाए हैं?
कांग्रेस ने दीनदयाल कुमावत के खिलाफ आरोप लगाए हैं कि उनके खिलाफ राजकार्य में बाधा डालने का मामला दर्ज है, लेकिन कुमावत ने इन आरोपों को खारिज किया है और कानूनी कार्रवाई की बात की है। - 3. आरसीए में चुनाव कराने में कौन सी समस्याएं आ रही हैं?
आरसीए चुनावों में प्रमुख समस्याएं जिलों में विवाद और कानूनी कार्यवाही से आ रही हैं, जिनका समाधान किए बिना चुनाव कराना मुश्किल हो रहा है।